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महिला अस्पताल में नवजात की मौत, हंगामा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sat, 20 Oct 2018 11:29 PM IST
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जिला महिला अस्पताल में एक नवजात की जन्म के कुछ घंटे बाद ही मौत हो गई। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इधर, डॉक्टर का कहना है कि जन्म के बाद नवजात को परिजनों ने शॉल समेत कई कपड़ों से ढक दिया था। इससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका ने जांच के आदेश दिए हैं।
बारादरी के नवादा शेखान निवासी वीरपाल ने अपनी पत्नी पूनम को जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। शुक्रवार शाम 5:55 बजे पूनम ने बेटे को जन्म दिया। बाद में पूनम को लेबर रूम से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। रात में नवजात की हालत बिगड़ने के बाद एएमओ ने उसे रेफर कर दिया, लेकिन परिजनों के ले जाने से पहले ही बच्चे की सांसे थम गईं। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अगर शॉल या कपड़े से ढकने से बच्चे को कोई नुकसान था तो इस बारे में स्टाफ को बताना चाहिए था।
डॉक्टर ने बताया कि मां ने नवजात को चाय भी पिलाई थी। ज्यादा कपड़ों में ढकने से उसकी जान गई। मैंने मामले की जांच के निर्देश दे दिए हैं। - डॉ. अलका, सीएमएस महिला अस्पताल
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बारादरी के नवादा शेखान निवासी वीरपाल ने अपनी पत्नी पूनम को जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। शुक्रवार शाम 5:55 बजे पूनम ने बेटे को जन्म दिया। बाद में पूनम को लेबर रूम से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। रात में नवजात की हालत बिगड़ने के बाद एएमओ ने उसे रेफर कर दिया, लेकिन परिजनों के ले जाने से पहले ही बच्चे की सांसे थम गईं। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अगर शॉल या कपड़े से ढकने से बच्चे को कोई नुकसान था तो इस बारे में स्टाफ को बताना चाहिए था।
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डॉक्टर ने बताया कि मां ने नवजात को चाय भी पिलाई थी। ज्यादा कपड़ों में ढकने से उसकी जान गई। मैंने मामले की जांच के निर्देश दे दिए हैं। - डॉ. अलका, सीएमएस महिला अस्पताल
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