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जांच में बेहद कम नंबर से पास कर दी गई घटिया गिट्टी

Mon, 24 Sep 2018 02:13 AM IST
Updated Mon, 24 Sep 2018 02:13 AM IST
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जांच में बेहद कम नंबर से पास कर दी गई घटिया गिट्टी
बरेली। घटिया निर्माण की जांच में सड़कें 33 परसेंट से ही सही लेकिन पीडब्ल्यूडी ने पास कर दी हैं। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर ने करीब सवा सौ करोड़ से बन रहीं आधा दर्जन सड़कों में घटिया गिट्टी का इस्तेमाल होने की शिकायत के बाद उनकी जांच कराई थी। चीफ इंजीनियर का कहना है कि जांच में सड़कों में प्रयुक्त हो रही गिट्टी की क्वालिटी बहुत अच्छी तो नहीं पाई गई लेकिन नमूने फेल नहीं हुए हैं।
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पीडब्ल्यूडी और ठेकेदारों की मिलीभगत से सड़कों के निर्माण में पत्थर की घटिया गिट्टी के इस्तेमाल की शिकायतों से जब फजीहत होने लगी तो बरेली और शाहजहांपुर की करीब सवा सौ करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़कों के सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजे गए थे। दरअसल ,मंडल में पीडब्ल्यूडी की निर्माणाधीन तमाम सड़कों में उत्तराखंड के बजाय मध्यप्रदेश से आने वाले पत्थर का बड़े पैमाने पर प्रयोग होने की शिकायतें शासन स्तर तक पहुंच रही हैं। बताते हैं कि उत्तराखंड से आने वाली गिट्टी प्रति क्विंटल सौ रुपये से ज्यादा है, जबकि मध्यप्रदेश की गिट्टी के रेट इससे आधे से भी कम हैं। हाल में शाहजहांपुर में करीब 95 करोड़ की लागत से बन रही रिंग रोड के निर्माण में भी घटिया गिट्टी के प्रयोग की शिकायत हुई थी। इसके अलावा बरेली में भी बन रही कई सड़कों के निर्माण में उत्तराखंड की गिट्टी का इस्तेमाल न होने की जानकारी मिली है। प्रमुख अभियंता वीके सिंह ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को इस बाबत आदेश जारी किए थे। इसमें कहा है कि क्वैरी (जहां से पत्थर खरीदने के लिए विभाग ने अधिकृत किया है।) से मिलने वाले पत्थर की क्वालिटी को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। अधीक्षण अभियंता पीके सक्सेना ने इंजीनियरों की तीन सदस्यीय टीम बनाकर आधा दर्जन सड़कों से पांच-पांच नमूने लेकर उन्हें लखनऊ में क्वालिटी प्रमोशन सेल में जांच के लिए भेजा था।
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सड़कों की जांच रिपोर्ट आ गई है। पत्थरों की क्वालिटी बहुत ज्यादा अच्छी नहीं मिली है लेकिन न्यूनतम मानक में वे पास हो गई हैं। कोशिश की जाएगी कि संबंधित सड़कों में उससे भी अच्छी क्वालिटी की बजरी का इस्तेमाल हो। - राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी
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