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पर्यटन विभाग के होटल में जाएंगे तो डेंगू हो जाएगा

Sat, 02 Sep 2017 02:02 AM IST
Updated Sat, 02 Sep 2017 02:02 AM IST
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पर्यटन विभाग के होटल में जाएंगे तो डेंगू हो जाएगा
पर्यटन विभाग के होटल में जाएंगे तो डेंगू हो जाएगा
बरेली।
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लगातार डेंगू और मलेरिया के खिलाफ अभियान चलाने के बाद भी लोगाें में जागरूकता नहीं है। सुरक्षा और सफाई की दृष्टि से प्रमुख माने जाने वाले पर्यटन विभाग के होटल रोहिला में भी लापरवाही बरती जा रही है। यहां डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के लार्वा मिले हैं। शुक्रवार को मलेरिया विभाग की टीम ने तीन सरकारी कार्यालयों में निरीक्षण किया है। इन्हें नोटिस भी जारी किया गया।
गांधी उद्यान स्थित पर्यटन विभाग के होटल रोहिला में लगे कूलर में लार्वा पनप रहे थे। इनको नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई और कहा गया कि अगर अगली बार लार्वा पाए गए तो सीधे जुर्माना होगा। इसके बाद टीम उद्योग विभाग में पहुंची। यहां भी कूलरों में लार्वा थे। बेसिक शिक्षा विभाग के बगल में स्थित संयुक्त निदेशक शिक्षा के दफ्तर में चेकिंग के दौरान लार्वा पाए गए। इनको नोटिस जारी किए।
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जेई के मिले सात संदिग्ध मरीजों में सभी निगेटिव, दो और संदिग्ध मिले
जापानी इंसेफेलाइटिस के सात संदिग्ध मरीजों के सैंपल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए थे। शुक्रवार को इनकी रिपोर्ट आ गई है। सभी निगेटिव बताए जा रहे हैं। इसके अलावा दो जेई संदिग्ध मरीजों के नमूने लेकर उन्हें लखनऊ भेजा गया है। इनमें एक शेरगढ़ और एक आंवला से हैं। रिपोर्ट दो दिन में आएगी।
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स्टोर में दवाआें का स्टॉक, इमरजेंसी में खाली
जिला अस्पताल के स्टोर में दवाओं का स्टॉक होने के बावजूद भी इमरजेंसी में दवाएं नहीं आ रही थीं। शुक्रवार को प्रमुख अधीक्षक डॉ. केएस गुप्ता ने चीफ फार्मासिस्ट एसी द्विवेदी से स्टोर में दवाआें की सूची मांगी। उन्हें कई ऐसी दवाआें की जानकारी दी गई है जो पिछले कई माह से इमरजेंसी में नहीं पहुंच रही है जबकि स्टोर में मौजूद थी। सर्जरी के बाद इंफेक्शन रोकने के लिए दी जाने वाली अमिकासीन 500 एमजी और 100 एमजी दवा काफी संख्या में मौजूद है, लेकिन इनको कभी दिया ही नहीं गया। 500 एजी की अमिकासीन 380 और 100 एमजी की दवा 11100 मौजूद पाई गई। इसके अलावा कई अन्य दवाएं भी इमरजेंसी में मरीजों को नहीं मिल रही थी।


अब स्क्रीन पर लीजिए दवा की जानकारी
जिला अस्पताल में दवाआें की कमी का रोना रोया जाता है जबकि स्टोर में दवाएं होती हैं। अब मरीजों और तीमारदारों को भी इसकी जानकारी मिल सकेगी। शुक्रवार को एलईडी स्क्रीन ओपीडी में लगवा दी गई है। यहां सभी दवाआें की उपलब्धता दिखाई जाएगी। अगर मरीज को दवा होने के बाद भी न मिले तो वह इसकी शिकायत कर सकता है।
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