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Bareilly News: बाइक की किस्त में कट गए थे बेटे की यूनिफार्म के 1200 रुपये
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नवाबगंज। बेटे की ड्रेस के लिए आए 1200 रुपये बाइक की किस्त में कटने पर पत्नी ने विवाद किया तो सोमपाल ने जान दे दी। सोमपाल व उसकी पत्नी के बीच काफी समय से अनबन चल रही थी। दोनों अलग रह रहे थे।
सोमपाल की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। पिछले दिनों हुई बरसात में उनका कच्चा घर गिर गया था। इसके बाद उसकी पत्नी जगदेई बच्चों के साथ पड़ोसी की बैठक में शरण लिए हुई थी। सोमपाल मां के साथ टूटे हुए घर में पन्नी डालकर रह रहा था। सोमपाल की शराब पीने की आदत के कारण भी पति-पत्नी में विवाद होता रहता था। सप्ताह भर पहले जगदेई सरकारी आवास की मांग करने तहसील गई थी। यहां कमजोरी के कारण वह बेहोश होकर गिर गई थी। जैसे-तैसे लोगों ने उसे घर पहुंचाया था।
जगदेई ने बताया कि बेटे मुनीष की यूनिफाॅर्म के लिए बारह सौ रुपये खाते में आए थे। वह बेटे की यूनिफाॅर्म और जूते खरीदना चाहती थी। सोमपाल ने काफी समय पहले बाइक ली थी। इसकी किस्तें उसके खाते से कटती थीं। खाते में आए बेटे की यूनिफार्म के रुपये किस्त में कट गए। सोमपाल इस बात को पत्नी से छिपा रहा था। जगदेई ने बताया कि शुक्रवार को जब उसने बैंक में जाकर जानकारी की तब उसे किस्त कटने की बात पता चली। घर आकर सोमपाल से जब इस बारे में कहा तो वह मारपीट करने लगा।
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शव ढकने के लिए कपड़ा तक नहीं
सोमपाल की आर्थिक स्थिति इस कदर खराब थी कि उसकी मौत होने के बाद शव को ढकने के लिए एक चादर तक घर वालों के पास नहीं मिली। प्रधान सुरभीक सिंह ने एक कपड़ा खरीद कर ओढ़ाया। उसके घर में न तो राशन है, न ही बर्तन। घटना के बाद बच्चों को पड़ोसियों ने भोजन कराया। दोनों शवों के दाह संस्कार तक के लिए जगदेई के पास रुपये नहीं हैं।
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सोमपाल की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। पिछले दिनों हुई बरसात में उनका कच्चा घर गिर गया था। इसके बाद उसकी पत्नी जगदेई बच्चों के साथ पड़ोसी की बैठक में शरण लिए हुई थी। सोमपाल मां के साथ टूटे हुए घर में पन्नी डालकर रह रहा था। सोमपाल की शराब पीने की आदत के कारण भी पति-पत्नी में विवाद होता रहता था। सप्ताह भर पहले जगदेई सरकारी आवास की मांग करने तहसील गई थी। यहां कमजोरी के कारण वह बेहोश होकर गिर गई थी। जैसे-तैसे लोगों ने उसे घर पहुंचाया था।
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जगदेई ने बताया कि बेटे मुनीष की यूनिफाॅर्म के लिए बारह सौ रुपये खाते में आए थे। वह बेटे की यूनिफाॅर्म और जूते खरीदना चाहती थी। सोमपाल ने काफी समय पहले बाइक ली थी। इसकी किस्तें उसके खाते से कटती थीं। खाते में आए बेटे की यूनिफार्म के रुपये किस्त में कट गए। सोमपाल इस बात को पत्नी से छिपा रहा था। जगदेई ने बताया कि शुक्रवार को जब उसने बैंक में जाकर जानकारी की तब उसे किस्त कटने की बात पता चली। घर आकर सोमपाल से जब इस बारे में कहा तो वह मारपीट करने लगा।
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शव ढकने के लिए कपड़ा तक नहीं
सोमपाल की आर्थिक स्थिति इस कदर खराब थी कि उसकी मौत होने के बाद शव को ढकने के लिए एक चादर तक घर वालों के पास नहीं मिली। प्रधान सुरभीक सिंह ने एक कपड़ा खरीद कर ओढ़ाया। उसके घर में न तो राशन है, न ही बर्तन। घटना के बाद बच्चों को पड़ोसियों ने भोजन कराया। दोनों शवों के दाह संस्कार तक के लिए जगदेई के पास रुपये नहीं हैं।