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दस मई तक बहाल हो जाएंगी रद्द ट्रेनें
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शाहजहांपुर। रेल यात्रियों की कुछ मुश्किलें मई शुरू होने के साथ ही खत्म होने लगेंगी। दरअसल, रेलवे ने रद्द चल रहीं दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनों को एक से 10 मई तक बहाल कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इन ट्रेनों के बहाल होने के बाद रेल यात्रियों को सफर में काफी सहूलियत हो जाएगी। ट्रेनों को लेकर मारामारी भी खत्म हो जाएगी। पहले त्रिवेणी,पंजाब मेल, मुगलसराय और राज्यरानी एक्सप्रेस को चालू किया जाएगा। इन ट्रेनों के एक मई से बहाल होने की उम्मीद है।
वाराणसी, रायबरेली, लखनऊ रेल सेक्शन में कई जगह नॉन इंटरलॉकिंग के काम के चलते अप-डाउन एक दर्जन ट्रेनों को 14 से 24 अप्रैल तक के लिए निरस्त कर दिया गया था। बाद में उनका निरस्तीकरण 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया। इधर, 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक निरस्त की गईं ट्रेनों को बहाल करने की तारीख भी कई बार आगे बढ़ाई जाती रहीं। ये ट्रेनें भी अब तक बहाल नहीं हो सकी हैं। दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनों के निरस्तीकरण के बाद रेल रूट पर गिनी-चुनी ट्रेन भी बचीं। इनकी रफ्तार पर भी ट्रैक, ओएचई मेंटिनेंस के काम के चलते लिए जा रहे मेगा ब्लॉक का ब्रेक लगता रहा। आलमनगर से गाजियाबाद तक अलग-अलग रेल सेक्शन में अप्रैल महीने में अब तक 20 बार मेगा ब्लॉक लिए जा चुके हैं। इससे रूट पर गिनी-चुनी ट्रेनों का टाइम टेबल भी गड़बड़ाया हुआ है। यात्रियों को घंटों स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करना होता है। इतना ही नहीं कब कौन से ट्रेन निरस्त कर दी जाए और कब रूट बदल दिया जाए। इस बारे में भी जानकारी नहीं होती। इस दौरान रेल रिजर्वेशन में भी 75 फीसदी तक गिरावट आई है।
ट्रैक, ओएचई मेंटिनेंस, नॉन इंटरलॉकिंग और स्लीपर बदलने के ज्यादातर काम रेलवे पूरे कर चुके है। पूरे रेल खंड में ट्रैक को भी 62 केजी टन आउट में बदला जा चुका है। हालांकि, अप-डाउन लाइन पर कुछ छिटपुट काम बचे हैं। इन काम को 30 अप्रैल से पहले पूरे करने की बात कही जा रही हे। काम पूरे होने के साथ ही ट्रेनों को बहाल करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसे दस मई तक पूरा कर लिया जाएगा।
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मई के पहले सप्ताह ये ट्रेन होंगी बहाल
त्रिवेणी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस, अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस, राज्यरानी एक्सप्रेस, सियालदह-आनंद बिहार, जनता एक्सप्रेस, उपासना एक्सप्रेस, हरिद्वार-इलाहाबाद एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस।
ज्यादातर काम पूरे हो चुके हैं। कुछ स्थानों पर छिटपुट काम ही बचे हैं। 30 अप्रैल तक यह काम भी पूरे कर लिए जाएंगे। रद्द चल रहीं ट्रेनों का एक से दस मई तक बहाल कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है। ट्रेनें बहाल होने से यात्रियों को दिक्कतें कम हो जाएंगी।
-प्रभाष राघव, डिवीजनल ऑपरेटिंग मैनेजर-मुरादाबाद रेल मंडल
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वाराणसी, रायबरेली, लखनऊ रेल सेक्शन में कई जगह नॉन इंटरलॉकिंग के काम के चलते अप-डाउन एक दर्जन ट्रेनों को 14 से 24 अप्रैल तक के लिए निरस्त कर दिया गया था। बाद में उनका निरस्तीकरण 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया। इधर, 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक निरस्त की गईं ट्रेनों को बहाल करने की तारीख भी कई बार आगे बढ़ाई जाती रहीं। ये ट्रेनें भी अब तक बहाल नहीं हो सकी हैं। दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनों के निरस्तीकरण के बाद रेल रूट पर गिनी-चुनी ट्रेन भी बचीं। इनकी रफ्तार पर भी ट्रैक, ओएचई मेंटिनेंस के काम के चलते लिए जा रहे मेगा ब्लॉक का ब्रेक लगता रहा। आलमनगर से गाजियाबाद तक अलग-अलग रेल सेक्शन में अप्रैल महीने में अब तक 20 बार मेगा ब्लॉक लिए जा चुके हैं। इससे रूट पर गिनी-चुनी ट्रेनों का टाइम टेबल भी गड़बड़ाया हुआ है। यात्रियों को घंटों स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करना होता है। इतना ही नहीं कब कौन से ट्रेन निरस्त कर दी जाए और कब रूट बदल दिया जाए। इस बारे में भी जानकारी नहीं होती। इस दौरान रेल रिजर्वेशन में भी 75 फीसदी तक गिरावट आई है।
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ट्रैक, ओएचई मेंटिनेंस, नॉन इंटरलॉकिंग और स्लीपर बदलने के ज्यादातर काम रेलवे पूरे कर चुके है। पूरे रेल खंड में ट्रैक को भी 62 केजी टन आउट में बदला जा चुका है। हालांकि, अप-डाउन लाइन पर कुछ छिटपुट काम बचे हैं। इन काम को 30 अप्रैल से पहले पूरे करने की बात कही जा रही हे। काम पूरे होने के साथ ही ट्रेनों को बहाल करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसे दस मई तक पूरा कर लिया जाएगा।
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मई के पहले सप्ताह ये ट्रेन होंगी बहाल
त्रिवेणी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस, अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस, राज्यरानी एक्सप्रेस, सियालदह-आनंद बिहार, जनता एक्सप्रेस, उपासना एक्सप्रेस, हरिद्वार-इलाहाबाद एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस।
ज्यादातर काम पूरे हो चुके हैं। कुछ स्थानों पर छिटपुट काम ही बचे हैं। 30 अप्रैल तक यह काम भी पूरे कर लिए जाएंगे। रद्द चल रहीं ट्रेनों का एक से दस मई तक बहाल कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है। ट्रेनें बहाल होने से यात्रियों को दिक्कतें कम हो जाएंगी।
-प्रभाष राघव, डिवीजनल ऑपरेटिंग मैनेजर-मुरादाबाद रेल मंडल