{"_id":"5c802533bdec2214195aa943","slug":"11551902003-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ नगर निकायों को बना दिया ‘दुकान’, न हाउस टैक्स लगाया न बनाया बायलॉज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ नगर निकायों को बना दिया ‘दुकान’, न हाउस टैक्स लगाया न बनाया बायलॉज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। मंडल में आठ नगरीय निकायों को वहां के प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अपने घर की ‘दुकान’ बना दिया है। न तो यहां कोई बायलॉज है और ही सुविधाओं के बदले कोई टैक्स वसूला जाता है। इसके चलते सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का चूना लग रहा है। बुधवार को कमिश्नरी में नगरीय वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड की बैठक में यह खुलासा हुआ। इस पर शासन से आए अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए सभी व्यवस्थाएं शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए।
कमिश्नरी सभागार में आयोजित कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक का नगरीय वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड के अध्यक्ष राकेश गर्ग और रणवीर प्रसाद ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। अध्यक्ष राकेश गर्ग ने संपत्ति कर, जल कर समेत अन्य करों की वसूली, संपत्ति कर क्षमता निर्धारण पर विचार विमर्श किया। प्रति व्यक्ति भवन कर से आय एवं निकाय के स्वामित्व की संपत्तियों से आय पर समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि नगर निकायों में वही कार्य किये जाएं, जिनसे जनता को लाभ मिले। नगरीय निकाय की संपत्तियों की पूर्ण जानकारी होने के साथ-साथ ही उनका रिकार्ड तैयार करने के भी निर्देश दिए। लेखा व्यवस्था पर भी उन्होंने असंतोष जताया। टैक्स वसूली के लिए उन्होंने सालाना के बजाय मासिक लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। साथ ही टैक्स वसूली में तेजी लाने को कहा। यूपी सिंह ने प्रदेश में शहरीकरण, तीव्र शहरीकरण का प्रभाव, नगर पालिकाओं की आय के स्रोत बढ़ाने आदि की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर विशेषज्ञ आरएन पाल, सदस्य शिवशंकर सिंह, शंकर सिंह, ओएन सिंह, अपर आयुक्त प्रशासन अरुण कुमार, नगर आयुक्त शाहजहांपुर विद्याशंकर, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह एवं मंडल के अधिशासी अधिकारियों ने भाग लिया।
इन निकायों में सबकुछ भगवान भरोसे
नगरीय वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड की समीक्षा के दौरान सामने आया कि बरेली में धौराटांडा, बदायूं में बिसौली, कछला, वजीरगंज, सखानू, रुदायन, इस्लामनगर और शाहजहांपुर में कटरा ऐसे नगर निकाय हैं, जहां हाउस टैक्स ही नहीं लिया जा रहा है। इसके अलावा इन नगर निकायों का कोई बायलॉज भी नहीं है। इस पर शासन से आए अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र सबकुछ दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमिश्नरी सभागार में आयोजित कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक का नगरीय वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड के अध्यक्ष राकेश गर्ग और रणवीर प्रसाद ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। अध्यक्ष राकेश गर्ग ने संपत्ति कर, जल कर समेत अन्य करों की वसूली, संपत्ति कर क्षमता निर्धारण पर विचार विमर्श किया। प्रति व्यक्ति भवन कर से आय एवं निकाय के स्वामित्व की संपत्तियों से आय पर समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि नगर निकायों में वही कार्य किये जाएं, जिनसे जनता को लाभ मिले। नगरीय निकाय की संपत्तियों की पूर्ण जानकारी होने के साथ-साथ ही उनका रिकार्ड तैयार करने के भी निर्देश दिए। लेखा व्यवस्था पर भी उन्होंने असंतोष जताया। टैक्स वसूली के लिए उन्होंने सालाना के बजाय मासिक लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। साथ ही टैक्स वसूली में तेजी लाने को कहा। यूपी सिंह ने प्रदेश में शहरीकरण, तीव्र शहरीकरण का प्रभाव, नगर पालिकाओं की आय के स्रोत बढ़ाने आदि की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर विशेषज्ञ आरएन पाल, सदस्य शिवशंकर सिंह, शंकर सिंह, ओएन सिंह, अपर आयुक्त प्रशासन अरुण कुमार, नगर आयुक्त शाहजहांपुर विद्याशंकर, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह एवं मंडल के अधिशासी अधिकारियों ने भाग लिया।
विज्ञापन
इन निकायों में सबकुछ भगवान भरोसे
नगरीय वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड की समीक्षा के दौरान सामने आया कि बरेली में धौराटांडा, बदायूं में बिसौली, कछला, वजीरगंज, सखानू, रुदायन, इस्लामनगर और शाहजहांपुर में कटरा ऐसे नगर निकाय हैं, जहां हाउस टैक्स ही नहीं लिया जा रहा है। इसके अलावा इन नगर निकायों का कोई बायलॉज भी नहीं है। इस पर शासन से आए अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र सबकुछ दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन