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ड्राइविंग लाइसेंस में नहीं बदल सकेंगे नाम-पता
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बरेली। अगर आपका ड्राइविंग लाइसेंस परमानेंट हो गया है लेकिन उसमें नाम, पता आदि खामियां हैं तो अब बदलाव संभव नहीं होगा। ड्राइविंग लाइसेंस की ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत फर्जीवाड़ा रोकने को यह प्रक्रिया लागू की गई है, जिसके तहत एक बार लाइसेंस बन जाने पर उसमें छेड़छाड़ अथवा बदलाव संभव नहीं हो सकेगा। परिवहन अधिकारियों ने विभाग में पहुंच रहे आवेदनों को देखते हुए लागू हुए नए आदेश की जानकारी दी।
एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने बताया कि ज्यादातर आवेदन नाम और पता में बदलाव के होते हैं। नाम में अंग्रेजी और हिन्दी के शब्दों में गलतियां अथवा जाति दर्ज कराने या हटाने का होता है। तो पता में स्थानीय और पत्राचार के दर्ज पता में बदलाव का अनुरोध होता है। कहा कि पूर्व में मैन्युअली बन रहे डीएल में खामी को सही कर सकते थे। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत डीएल परमानेंट होने पर नाम, पता, जन्मतिथि में बदलाव के विकल्प को बंद कर दिया जाता है। बताया कि लर्निंग लाइसेंस को परमानेंट होने तक करीब छह माह का वक्त मिलता है। इस बीच अगर कोई खामी है तो उसे सुधारा जा सकता है। उन्होंने लाइसेंस बनवाने जा रहे और लर्निंग लाइसेंस बनवा चुके लोगों को अपनी पूरी डिटेल को सही तरीके से भरने और चेक करने का सुझाव दिया है। ताकि बाद में खामियां मिलने पर आने वाली समस्या से बचा जा सके। सनद रहे कि लाइसेंस बनवाने के लिए जन्मतिथि प्रमाण के तौर पर हाईस्कूल की मार्कशीट और पता के लिए आधार कार्ड की प्रतिलिपि अनिवार्य है।
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एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने बताया कि ज्यादातर आवेदन नाम और पता में बदलाव के होते हैं। नाम में अंग्रेजी और हिन्दी के शब्दों में गलतियां अथवा जाति दर्ज कराने या हटाने का होता है। तो पता में स्थानीय और पत्राचार के दर्ज पता में बदलाव का अनुरोध होता है। कहा कि पूर्व में मैन्युअली बन रहे डीएल में खामी को सही कर सकते थे। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत डीएल परमानेंट होने पर नाम, पता, जन्मतिथि में बदलाव के विकल्प को बंद कर दिया जाता है। बताया कि लर्निंग लाइसेंस को परमानेंट होने तक करीब छह माह का वक्त मिलता है। इस बीच अगर कोई खामी है तो उसे सुधारा जा सकता है। उन्होंने लाइसेंस बनवाने जा रहे और लर्निंग लाइसेंस बनवा चुके लोगों को अपनी पूरी डिटेल को सही तरीके से भरने और चेक करने का सुझाव दिया है। ताकि बाद में खामियां मिलने पर आने वाली समस्या से बचा जा सके। सनद रहे कि लाइसेंस बनवाने के लिए जन्मतिथि प्रमाण के तौर पर हाईस्कूल की मार्कशीट और पता के लिए आधार कार्ड की प्रतिलिपि अनिवार्य है।
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