Bareilly News: केसर चीनी मिल की 11 हेक्टेयर जमीन कुर्क, गन्ना भुगतान न करने पर तहसील प्रशासन ने की कार्रवाई
बरेली जिले में किसानों को गन्ना भुगतान न करने पर दो चीनी मिलों पर कार्रवाई की गई। बहेड़ी तहसील प्रशासन ने केसर चीनी मिल की 11 हेक्टेयर जमीन कुर्क की। इधर, हाफिजगंज में ओसवाल चीनी मिल के गोदाम को सील कर वहां नोटिस चस्पा किया गया है।
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चीनी मिल के मुड़िया फॉर्म की जमीन कुर्क करने की कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस भी मौजूद रही। कार्रवाई के बाद एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव ने बताया कि इस चीनी मिल पर किसानों का 182.30 करोड़ से भी अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। यह बकाया पेराई सत्र 2024-25 का है। जिसके क्रम में जमीन कुर्क करने की कार्रवाई की गई है।
गन्ना आयुक्त ने जारी की थी आरसी
उन्होंने बताया कि केसर इंटर प्राइजेज लिमिटेड (चीनी मिल) के विरुद्ध 2024-25 के बकाया गन्ना मूल्य एवं विकास अंशदान और विलंब अवधि के भुगतान पर देय ब्याज की वसूली के संबंध में गन्ना आयुक्त ने आरसी जारी की थी। जिसके विरुद्ध चीनी मिल प्रबंधन हाईकोर्ट इलाहाबाद में चुनौती दी थी।
जिसमें कोर्ट से वसूली प्रमाण पत्र स्थगन के आदेश अभी तक नहीं हुए हैं। जबकि, किसान एवं जनप्रतिनिधियों में गन्ना मूल्य भुगतान न होने से असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस जमीन को नीलाम कर किसानों को उनका बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा।
कुर्की की कार्रवाई के दौरान जिला गन्ना अधिकारी दीपक कुमार सैनी, नायब तहसीलदार शोभित चौधरी, विशेष सचिव गन्ना समिति राजीव सेठ, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संजय राव भी थे।
हाफिजगंज में भी मिल के गोदाम को किया सील
गन्ना भुगतान का बकाया न देने पर तहसीलदार ने ओसवाल चीनी मिल के गोदाम को सील कर वहां नोटिस चस्पा किया है। ओसवाल चीनी मिल पर किसानों का 53 करोड़, गन्ना समिति के पांच करोड़ रुपये और अन्य के 13 करोड़ रुपये बाकी हैं। इसी तरह मिल पर कुल 71 करोड़ रुपये की बकायेदारी है।
अदायगी नहीं होने पर इस चीनी मिल को भी पूर्व में आरसी जारी की गई थी, लेकिन चीनी मिल ने भुगतान नहीं किया है। तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि मिल के गोदाम में करीब 8500 क्विंटल चीनी का स्टॉक मिला। गोदाम पर ताला लगाकर इसे सील किया गया है।