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चुनाव ड्यूटी में जा रही फोर्स स्लीपर कोच में चढ़ी
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बरेली। चुनाव ड्यूटी में आने जाने वाली फोर्स स्लीपर कोच में यात्रा नहीं करेगी, लेकिन जंक्शन पर इसके विपरीत दिखाई दे रहा है। ट्रेन आते ही फोर्स एसी और स्लीपर कोच में सवार हो गई। टीटीई भी उनसे कुछ कहने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
पांचवें चरण का चुनाव अमेठी, रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर, फैजाबाद, कैसरगंज, बहराइच, गोंडा समेत 14 सीटों पर होना है। चुनाव छह मई को होगा। जिले से चुनाव कराने के लिए फोर्स सियालदह और त्रिवेणी एक्सप्रेस से रवाना हुई। फोर्स ने स्लीपर कोच में कब्जा कर लिया। जबकि जनरल कोच पर पहले से ही कब्जा था। ज्यादा पुलिस होने के कारण टीटीई भी कार्रवाई नहीं कर सके। टीटीई ने आपत्ति की तो पुलिसकर्मी बोले सरकारी काम से जा रहे हैं। कुछ पुलिस वालों ने विरोध भी किया। इसके बाद टीटीई भी पेनाल्टी बनाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। रिजर्व कोच के यात्री असहाय रहे। गौरतलब है कि रेलवे ने चुनाव ड्यूटी में आने-जाने के दौरान स्लीपर कोच में कब्जा जमाकर यात्रियों को परेशान करने वाले फोर्स पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। रेलवे अफसरों ने 20 मई तक ट्रेनों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश थे। सूत्रों की मानें तो इनके डर से कुछ यात्री तो मतदान के दिन टिकट तक निरस्त कराते हैं, जिससे रेलवे का नुकसान होता है। जंक्शन के सीआईटी अभय कुमार चौबे ने बताया कि कानून व्यवस्था संभालने वाले स्लीपर कोच में घुस खुद ही कानून तोड़ते हैं। फोर्स केवल जनरल कोच में ही यात्रा करे, यह काम पुलिस प्रशासन की निगरानी का है।
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पांचवें चरण का चुनाव अमेठी, रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर, फैजाबाद, कैसरगंज, बहराइच, गोंडा समेत 14 सीटों पर होना है। चुनाव छह मई को होगा। जिले से चुनाव कराने के लिए फोर्स सियालदह और त्रिवेणी एक्सप्रेस से रवाना हुई। फोर्स ने स्लीपर कोच में कब्जा कर लिया। जबकि जनरल कोच पर पहले से ही कब्जा था। ज्यादा पुलिस होने के कारण टीटीई भी कार्रवाई नहीं कर सके। टीटीई ने आपत्ति की तो पुलिसकर्मी बोले सरकारी काम से जा रहे हैं। कुछ पुलिस वालों ने विरोध भी किया। इसके बाद टीटीई भी पेनाल्टी बनाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। रिजर्व कोच के यात्री असहाय रहे। गौरतलब है कि रेलवे ने चुनाव ड्यूटी में आने-जाने के दौरान स्लीपर कोच में कब्जा जमाकर यात्रियों को परेशान करने वाले फोर्स पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। रेलवे अफसरों ने 20 मई तक ट्रेनों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश थे। सूत्रों की मानें तो इनके डर से कुछ यात्री तो मतदान के दिन टिकट तक निरस्त कराते हैं, जिससे रेलवे का नुकसान होता है। जंक्शन के सीआईटी अभय कुमार चौबे ने बताया कि कानून व्यवस्था संभालने वाले स्लीपर कोच में घुस खुद ही कानून तोड़ते हैं। फोर्स केवल जनरल कोच में ही यात्रा करे, यह काम पुलिस प्रशासन की निगरानी का है।
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