{"_id":"5c8ff6c2bdec2207143e8d74","slug":"101552938690-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में हत्या आरोपी किशोर की मौत, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में हत्या आरोपी किशोर की मौत, हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। किला स्थित किशोर संप्रेक्षण गृह में हत्या के आरोप में बंद किशोर की सोमवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर उसके घरवालों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाकर मार डालने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। मामला बढ़ते देख जिला अस्पताल चौकी इंचार्ज ने फोर्स बुला ली। मौके पर पहुंचे सीएमएस से घरवालों ने पोस्टमार्टम की मांग की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने पर घरवाले शांत हुए। करीब दो घंटे बाद हंगामा शांत हुआ।
मृतक किशोर के पिता रिक्शा चालक हैं। बड़ा बेटा करीब दस माह पहले पुराना शहर में एक युवक की हत्या के आरोप में बाल संप्रेक्षण गृह में बंद था। सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता के अनुसार रविवार शाम करीब सात बजे उसे पेट दर्द की शिकायत में जिला अस्पताल में भर्ती हुआ। उसकी हालत बेहद नाजुक थी। मामले की गंभीरता से संप्रेक्षण गृह निरीक्षक को अवगत करा दिया गया था। सोमवार को उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। शाम को उसकी तबियत खराब हुई, बचाने का प्रयास किया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। वहीं, मृतक किशोर की मां का आरोप है कि बेटे की गंभीर हालत होने की वजह से डॉक्टरों से उसे रिलीव करने का निवेदन किया गया लेकिन वह मुस्कुराते रहे और उसे रिलीव नहीं किया। आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने जबरन उसे जहर का इंजेक्शन देकर मार डाला है।
भर्ती के दौरान ही किशोर की हालत नाजुक थी। इसकी जानकारी दे दी गई थी। डॉक्टरों ने बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन उसकी मौत हो गई। इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई और न ही उसे कोई गलत इंजेक्शन ही लगाया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया है। - डॉ. केएस गुप्ता, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन
मृतक किशोर के पिता रिक्शा चालक हैं। बड़ा बेटा करीब दस माह पहले पुराना शहर में एक युवक की हत्या के आरोप में बाल संप्रेक्षण गृह में बंद था। सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता के अनुसार रविवार शाम करीब सात बजे उसे पेट दर्द की शिकायत में जिला अस्पताल में भर्ती हुआ। उसकी हालत बेहद नाजुक थी। मामले की गंभीरता से संप्रेक्षण गृह निरीक्षक को अवगत करा दिया गया था। सोमवार को उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। शाम को उसकी तबियत खराब हुई, बचाने का प्रयास किया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। वहीं, मृतक किशोर की मां का आरोप है कि बेटे की गंभीर हालत होने की वजह से डॉक्टरों से उसे रिलीव करने का निवेदन किया गया लेकिन वह मुस्कुराते रहे और उसे रिलीव नहीं किया। आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने जबरन उसे जहर का इंजेक्शन देकर मार डाला है।
विज्ञापन
भर्ती के दौरान ही किशोर की हालत नाजुक थी। इसकी जानकारी दे दी गई थी। डॉक्टरों ने बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन उसकी मौत हो गई। इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई और न ही उसे कोई गलत इंजेक्शन ही लगाया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया है। - डॉ. केएस गुप्ता, सीएमएस
विज्ञापन