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मेयर ने तलब की आठ नालों की प्रगति रिपोर्ट और पूरा ब्योरा
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बरेली। नगर निगम में मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के बीच शीतयुद्ध तेज होने लगा है। अब मेयर ने करोड़ों की लागत से स्वीकृत आठ नालों पर सवाल उठाया है। बोर्ड बैठक में चर्चा के बाद मेयर ने निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर को पत्र लिखकर इन नालों का पूरा ब्योरा तलब किया है। साथ ही पत्र की कॉपी नगर आयुक्त को भेजते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया है।
दो मार्च को हुई बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने जलनिकासी पर चिंता जताई थी। सवाल उठाया कि हरूनगला, मॉडल टाउन, प्रेमनगर, लल्ला मार्केट समेत तमाम स्थानों पर करोड़ों की लागत से नाले स्वीकृत हुए हैं। कुछ नालों का निर्माण पूरा हो गया है और कुछ समय सीमा बीतने के बावजूद लटके हुए हैं। पार्षदों ने यह भी सवाल उठाया था कि नाले बनाए तो हैं लेकिन यह प्लानिंग नहीं हुई है कि पानी कहां जाएगा। अब मेयर ने पार्षदों के सवाल पर एक्शन लिया है। उन्होंने निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर को लिखकर पूछा है कि नालों की स्थिति क्या है, निर्माण पूरा क्यों नहीं हुआ, जलनिकासी क्यों नहीं शुरू हुई और बिना प्लानिंग निर्माण क्यों हुआ। इन नालों में हरूनगला नाला, पासपोर्ट कार्यालय के सामने, थाना प्रेमनगर के सामने नाला, मॉडल टाउन, कोहाड़ापीर से लल्ला मार्केट, पस्तौर का अधूरा नाला, आईवीआरआई क्रॉसिंग से डेलापीर और सरनिया का अधूरा नाला शामिल हैं।
स्ट्राइक पर स्ट्राइक
नगर आयुक्त की इच्छा के खिलाफ पिछले दिनों मेयर ने शहर में सफाई व्यवस्था के लिए दस करोड़ का बजट देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद नगर आयुक्त की ओर से पलटवार करते हुए बाकरगंज के वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पर सवाल उठा दिया गया और इस प्लांट से उत्पादित तेल और गैस के पॉल्यूशन फ्री होने का सर्टिफिकेट मिलने तक इसी तरह बाकी सात प्लांट लगाने पर रोक लगा दी थी।
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करोड़ों की लागत से स्वीकृत नालों पर पार्षदों ने बोर्ड मीटिंग में सवाल उठाया था। चीफ इंजीनियर को पत्र लिखकर पूछा है कि बिना प्लानिंग ये निर्माण क्यों हुआ और जलनिकासी का क्या इंतजाम है। कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त को भी इसकी प्रति भेजी है। - उमेश गौतम, मेयर
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दो मार्च को हुई बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने जलनिकासी पर चिंता जताई थी। सवाल उठाया कि हरूनगला, मॉडल टाउन, प्रेमनगर, लल्ला मार्केट समेत तमाम स्थानों पर करोड़ों की लागत से नाले स्वीकृत हुए हैं। कुछ नालों का निर्माण पूरा हो गया है और कुछ समय सीमा बीतने के बावजूद लटके हुए हैं। पार्षदों ने यह भी सवाल उठाया था कि नाले बनाए तो हैं लेकिन यह प्लानिंग नहीं हुई है कि पानी कहां जाएगा। अब मेयर ने पार्षदों के सवाल पर एक्शन लिया है। उन्होंने निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर को लिखकर पूछा है कि नालों की स्थिति क्या है, निर्माण पूरा क्यों नहीं हुआ, जलनिकासी क्यों नहीं शुरू हुई और बिना प्लानिंग निर्माण क्यों हुआ। इन नालों में हरूनगला नाला, पासपोर्ट कार्यालय के सामने, थाना प्रेमनगर के सामने नाला, मॉडल टाउन, कोहाड़ापीर से लल्ला मार्केट, पस्तौर का अधूरा नाला, आईवीआरआई क्रॉसिंग से डेलापीर और सरनिया का अधूरा नाला शामिल हैं।
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नगर आयुक्त की इच्छा के खिलाफ पिछले दिनों मेयर ने शहर में सफाई व्यवस्था के लिए दस करोड़ का बजट देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद नगर आयुक्त की ओर से पलटवार करते हुए बाकरगंज के वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पर सवाल उठा दिया गया और इस प्लांट से उत्पादित तेल और गैस के पॉल्यूशन फ्री होने का सर्टिफिकेट मिलने तक इसी तरह बाकी सात प्लांट लगाने पर रोक लगा दी थी।
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करोड़ों की लागत से स्वीकृत नालों पर पार्षदों ने बोर्ड मीटिंग में सवाल उठाया था। चीफ इंजीनियर को पत्र लिखकर पूछा है कि बिना प्लानिंग ये निर्माण क्यों हुआ और जलनिकासी का क्या इंतजाम है। कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त को भी इसकी प्रति भेजी है। - उमेश गौतम, मेयर