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कांग्रेस-प्रसपा के बीच गठबंधन की बातचीत अंतिम दौर में
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बरेली। सपा-बसपा गठबंधन के बाद अकेली पड़ी कांग्रेस की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से गठबंधन के लिए बातचीत अंतिम दौर में पहुंच गई है। दोनों दलों के गठबंधन में कांग्रेस प्रदेश में 60 और प्रसपा 20 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। हालांकि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी अध्यक्ष कांग्रेस के सहयोग से प्रदेश की 30 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारना चाहते हैं।
लखनऊ से लौटे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्य महासचिव और पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने बताया कि प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता कांग्रेस हाईकमान से बातचीत कर रहे हैं। दोनों दलों में सीटों को लेकर बातचीत अंतिम दौर में है। जल्द ही गठबंधन का एलान हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी प्रदेश की 30 लोकसभा सीटें जीतने की स्थिति में है। इनमें अधिकांश सीटें आगरा और बरेली मंडल के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हैं। बाकी सीटों पर कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतारेगी। भाजपा के खिलाफ कांग्रेस-प्रसपा गठबंधन ही कामयाब रहेगा। दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़ों के अलावा सवर्ण मतदाता भी इस गठबंधन को स्वीकार कर रहे हैं। बरेली मंडल की पांच लोकसभा सीटों में से कांग्रेस के हिस्से में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत सीट जा सकती है, वहीं प्रसपा को आंवला सीट बंटवारे में मिल सकती है। प्रसपा आंवला लोकसभा सीट पर पूरी दमदारी से चुनाव लड़ेगी और भाजपा को हराने में कामयाब होगी। सपा-बसपा गठबंधन की यहां जमानत भी नहीं बचेगी।
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लखनऊ से लौटे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्य महासचिव और पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने बताया कि प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता कांग्रेस हाईकमान से बातचीत कर रहे हैं। दोनों दलों में सीटों को लेकर बातचीत अंतिम दौर में है। जल्द ही गठबंधन का एलान हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी प्रदेश की 30 लोकसभा सीटें जीतने की स्थिति में है। इनमें अधिकांश सीटें आगरा और बरेली मंडल के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हैं। बाकी सीटों पर कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतारेगी। भाजपा के खिलाफ कांग्रेस-प्रसपा गठबंधन ही कामयाब रहेगा। दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़ों के अलावा सवर्ण मतदाता भी इस गठबंधन को स्वीकार कर रहे हैं। बरेली मंडल की पांच लोकसभा सीटों में से कांग्रेस के हिस्से में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत सीट जा सकती है, वहीं प्रसपा को आंवला सीट बंटवारे में मिल सकती है। प्रसपा आंवला लोकसभा सीट पर पूरी दमदारी से चुनाव लड़ेगी और भाजपा को हराने में कामयाब होगी। सपा-बसपा गठबंधन की यहां जमानत भी नहीं बचेगी।
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