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रिकॉर्ड की जांच में सामने आ रहा स्कूलों का गोलमाल
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बरेली। जिला शुल्क समिति ने स्कूलों के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है, इसमें तमाम गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। ज्यादातर स्कूलों ने छात्र संख्या सही नहीं दी। ऑडिट रिपोर्ट में भी गोलमाल है। जिन स्कूलों ने रिकॉर्ड सही नहीं दिए उनकी सूची अलग बनाई जा रही है। उनसे जवाब तलब किया जाएगा। अब भी 30 से ज्यादा स्कूलों के रिकॉर्ड जमा नहीं हुए हैं। उनको पत्र भेजकर तत्काल रिकॉर्ड जमा करने को कहा गया है।
26 स्कूलों ने पूर्व वर्षों की छात्र संख्या और ऑडिट रिपोर्ट दे दी है। जिला शुल्क समिति ने इनका परीक्षण शुरू करा दिया है। हालांकि अब तक 30 से ज्यादा स्कूलों ने रिकॉर्ड समिति को नहीं दिए हैं। सीए रिकॉर्ड का परीक्षण कर रहे हैं, जिसमें छात्र संख्या कम दिखाने संबंधी ज्यादा गड़बड़ियां हैं। छात्र कम होने से आय कम दिखाई गई और खर्चे ज्यादा, जिसका सीधा असर बैलेंस शीट पर पड़ा। ऑडिट रिपोर्ट भी उसी अनुसार बनाई गई। परीक्षण पूरा होनेे के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि कितने स्कूलों ने रिकॉर्ड में गोलमाल किया। डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा ने बताया कि रिकॉर्ड की जांच शुरू हो गई है। जो भी गड़बड़ियां मिलेंगी संबंधित स्कूलों से जवाब तलब किया जाएगा।
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26 स्कूलों ने पूर्व वर्षों की छात्र संख्या और ऑडिट रिपोर्ट दे दी है। जिला शुल्क समिति ने इनका परीक्षण शुरू करा दिया है। हालांकि अब तक 30 से ज्यादा स्कूलों ने रिकॉर्ड समिति को नहीं दिए हैं। सीए रिकॉर्ड का परीक्षण कर रहे हैं, जिसमें छात्र संख्या कम दिखाने संबंधी ज्यादा गड़बड़ियां हैं। छात्र कम होने से आय कम दिखाई गई और खर्चे ज्यादा, जिसका सीधा असर बैलेंस शीट पर पड़ा। ऑडिट रिपोर्ट भी उसी अनुसार बनाई गई। परीक्षण पूरा होनेे के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि कितने स्कूलों ने रिकॉर्ड में गोलमाल किया। डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा ने बताया कि रिकॉर्ड की जांच शुरू हो गई है। जो भी गड़बड़ियां मिलेंगी संबंधित स्कूलों से जवाब तलब किया जाएगा।
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