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Barabanki News: कहीं ठप पड़ा काम तो कहीं कनेक्शन के लिए भटक रहे ग्रामीण
Sun, 15 Mar 2026 02:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 15 Mar 2026 02:04 AM IST
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बाराबंकी। जल जीवन मिशन ग्रामीण के तहत जिले में हर घर तक नल से पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं शुरू की गईं, लेकिन कई गांवों में इन योजनाओं की रफ्तार सवालों के घेरे में है। कहीं निर्माण शुरू होने के बाद महीनों से काम ठप पड़ा है, तो कहीं तय समय सीमा बीतने के बाद नई डेडलाइन ले ली गई। संवाद टीम की पड़ताल में जिले के कई गांवों में ऐसी ही लापरवाही के मामले सामने आए हैं।
सराय सिंघई : फाउंडेशन के बाद काम बंद
दरियाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सराय सिंघई में दो करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी और पाइपलाइन का निर्माण वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। टंकी का केवल फाउंडेशन बनाकर काम बंद कर दिया गया। गांव की कई गलियों को खोदकर पाइपलाइन बिछा दी गई, लेकिन घरों तक कनेक्शन नहीं दिए गए। निर्माण अधूरा पड़ा है।
करौंदीखुर्द: कनेक्शन के लिए भटक रहे परिवार
हरख ब्लॉक की ग्राम पंचायत मंगरवल में पानी की टंकी बने करीब एक वर्ष हो गया है। यहां से मंगरवल, करौंदी खुर्द और करौंदी कला गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन भी बिछा दी गई है। करौंदी खुर्द के परशुराम, शुभम, अंकित, जवाहर और बृजेंद्र कुमार ने बताया कि करीब एक दर्जन परिवार कनेक्शन के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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बहुता: समय सीमा बीती, अब दिसंबर 2028 का इंतजार
त्रिवेदीगंज ब्लॉक के बहुता गांव में करीब तीन साल पहले जल जीवन मिशन की परियोजना शुरू की गई थी। मार्च 2026 तक काम पूरा होना था। टंकी का निर्माण लगभग पूरा है, लेकिन मुख्य पाइपलाइन और गांवों में कई स्थानों पर सप्लाई पाइप का काम अभी भी अधूरा है। अब नई समय सीमा दिसंबर 2028 तय की गई है।
मझियांवा: विवाद ही नहीं सुलझा, कहां बने टंकी
सिद्धौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मझियांवा में तीन वर्ष पहले पानी की टंकी का निर्माण शुरू कराया गया था। गांव के साजिद का आरोप है कि टंकी उनकी निजी जमीन पर स्थित मिनी राइस मिल को गिरवाकर बनाई जा रही है। इस मामले में पुलिस और राजस्व की टीम कई बार पैमाइश के लिए गांव पहुंच चुकी है, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ।
बसारा: 10 हजार की आबादी को तीन साल से इंतजार
निंदूरा ब्लॉक के बसारा गांव में दो करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2023 में पेयजल परियोजना शुरू की गई थी। बसारा, जुम्मन पुरवा और बेसरा का पुरवा में कुछ स्थानों पर पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन तीन साल बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। 10 हजार की आबादी इंतजार कर रही है।
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सराय सिंघई : फाउंडेशन के बाद काम बंद
दरियाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सराय सिंघई में दो करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी और पाइपलाइन का निर्माण वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। टंकी का केवल फाउंडेशन बनाकर काम बंद कर दिया गया। गांव की कई गलियों को खोदकर पाइपलाइन बिछा दी गई, लेकिन घरों तक कनेक्शन नहीं दिए गए। निर्माण अधूरा पड़ा है।
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करौंदीखुर्द: कनेक्शन के लिए भटक रहे परिवार
हरख ब्लॉक की ग्राम पंचायत मंगरवल में पानी की टंकी बने करीब एक वर्ष हो गया है। यहां से मंगरवल, करौंदी खुर्द और करौंदी कला गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन भी बिछा दी गई है। करौंदी खुर्द के परशुराम, शुभम, अंकित, जवाहर और बृजेंद्र कुमार ने बताया कि करीब एक दर्जन परिवार कनेक्शन के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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बहुता: समय सीमा बीती, अब दिसंबर 2028 का इंतजार
त्रिवेदीगंज ब्लॉक के बहुता गांव में करीब तीन साल पहले जल जीवन मिशन की परियोजना शुरू की गई थी। मार्च 2026 तक काम पूरा होना था। टंकी का निर्माण लगभग पूरा है, लेकिन मुख्य पाइपलाइन और गांवों में कई स्थानों पर सप्लाई पाइप का काम अभी भी अधूरा है। अब नई समय सीमा दिसंबर 2028 तय की गई है।
मझियांवा: विवाद ही नहीं सुलझा, कहां बने टंकी
सिद्धौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मझियांवा में तीन वर्ष पहले पानी की टंकी का निर्माण शुरू कराया गया था। गांव के साजिद का आरोप है कि टंकी उनकी निजी जमीन पर स्थित मिनी राइस मिल को गिरवाकर बनाई जा रही है। इस मामले में पुलिस और राजस्व की टीम कई बार पैमाइश के लिए गांव पहुंच चुकी है, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ।
बसारा: 10 हजार की आबादी को तीन साल से इंतजार
निंदूरा ब्लॉक के बसारा गांव में दो करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2023 में पेयजल परियोजना शुरू की गई थी। बसारा, जुम्मन पुरवा और बेसरा का पुरवा में कुछ स्थानों पर पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन तीन साल बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। 10 हजार की आबादी इंतजार कर रही है।