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Barabanki News: सरयू की कटान से 200 बीघे जमीन नदी में समाई
Fri, 09 Oct 2026 02:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 09 Oct 2026 02:10 AM IST
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कोटवाधाम। सरयू का जलस्तर घटने के बाद कटान तेज हो गया है। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के कोठीडीहा, घुटरू और सिरौलीगुंग गांवों में नदी की बदली धारा लगातार खेतों को काट रही है। किसानों का दावा है कि एक सप्ताह में 200 बीघे से अधिक उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है। कटान से फसल और जमीन गंवा चुके किसान बेहद परेशान हैं। कटान से फसल और जमीन गंवा चुके किसान बेहद परेशान हैं।
कटान अब आबादी की ओर बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। सिरौलीगुंग निवासी राजपाल, कप्तान सिंह और हितेंद्र सिंह ने बताया कि नदी की बदली धारा लगातार खेत काट रही है। अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद कटान रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया। कोठीडीहा के किसान जितेंद्र सिंह, अखिलेश सिंह, अशोक कुमार सिंह और पवन सिंह ने बताया कि एक सप्ताह में 200 बीघे से अधिक जमीन नदी में समा गई।
किसानों ने कहा कि कटान नहीं रुका तो नदी की धारा आबादी तक पहुंच सकती है। एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने बताया कि कटान रोकने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पानी और बहाव कम होने पर कटानरोधी कार्य कराया जा सकेगा।
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n 131 प्रभावितों को मुआवजा, सर्वे जारी : कटान में घर और खेत गंवाने वाले प्रभावितों को तहसील प्रशासन ने मुआवजा देना शुरू कर दिया है। बबुरी, घुटरू, कोठीडीहा और सिरौलीगुंग में नुकसान का सर्वे जारी है। एसडीएम ने बताया कि बबुरी में नदी में समाए एक पक्के और तीन कच्चे मकानों का मुआवजा दिया गया है।
खेतों के नुकसान के सर्वे के बाद 131 प्रभावितों को मुआवजा राशि भेजी जा चुकी है। प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। अन्य प्रभावित किसानों का भी सर्वे कराया जा रहा है। पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
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कटान अब आबादी की ओर बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। सिरौलीगुंग निवासी राजपाल, कप्तान सिंह और हितेंद्र सिंह ने बताया कि नदी की बदली धारा लगातार खेत काट रही है। अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद कटान रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया। कोठीडीहा के किसान जितेंद्र सिंह, अखिलेश सिंह, अशोक कुमार सिंह और पवन सिंह ने बताया कि एक सप्ताह में 200 बीघे से अधिक जमीन नदी में समा गई।
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किसानों ने कहा कि कटान नहीं रुका तो नदी की धारा आबादी तक पहुंच सकती है। एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने बताया कि कटान रोकने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पानी और बहाव कम होने पर कटानरोधी कार्य कराया जा सकेगा।
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n 131 प्रभावितों को मुआवजा, सर्वे जारी : कटान में घर और खेत गंवाने वाले प्रभावितों को तहसील प्रशासन ने मुआवजा देना शुरू कर दिया है। बबुरी, घुटरू, कोठीडीहा और सिरौलीगुंग में नुकसान का सर्वे जारी है। एसडीएम ने बताया कि बबुरी में नदी में समाए एक पक्के और तीन कच्चे मकानों का मुआवजा दिया गया है।
खेतों के नुकसान के सर्वे के बाद 131 प्रभावितों को मुआवजा राशि भेजी जा चुकी है। प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। अन्य प्रभावित किसानों का भी सर्वे कराया जा रहा है। पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।