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चार गुना बढ़ी पेयजल की मांग, आपूर्ति केवल 25 फीसदी

Tue, 22 Mar 2022 12:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2022 12:30 AM IST
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water supply
बाराबंकी। पेयजल को लेकर शहरी आबादी संकट से जूझ रही है। नगर पालिका प्रशासन पुरानी टंकियों से ही पानी की आपूर्ति कर रही है। शहरी क्षेत्र में प्रति व्यक्ति को रोजाना 135 लीटर पानी की आवश्यकता है मगर नगर पालिका प्रशासन बहुत कोशिशों के बाद प्रति व्यक्ति केवल 85 लीटर पानी ही उपलब्ध करा पा रहा है। बीते करीब 10 साल में नगर पालिका क्षेत्र की आबादी में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है।
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सीमा विस्तार के बाद शामिल हुए क्षेत्रों में तो पानी की आपूर्ति ही नहीं हो रही है। लोग हैंडपंप या अपने निजी साधनों पर ही निर्भर हैं। अगर पूरे नगर पालिका क्षेत्र की आबादी को मानक के अनुसार प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी आपूर्ति की बात करें तो सरकारी जल आपूर्ति मांग के सापेक्ष केवल 25 फीसदी ही हो रही है। अब सारी उम्मीद अमृत योजना के तहत होने वाली पेयजल व्यवस्था पर ही टिक गई है जिसका प्रस्ताव अभी अधर में है।
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नगर पालिका नवाबगंज द्वारा इस समय शहरी क्षेत्र को आठ ओवरहेड टैंकों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। इसके लिए पूरे क्षेत्र में 35 नलकूप स्थापित हैं। इसमें 12 बड़े नलकूप हैं। इन सबसे 24 घंटे में दो बार रोजाना 8750 किलोलीटर पानी की आपूर्ति की जा रही है। नगर पालिका के ही सर्वे के अनुसार, शहरी क्षेत्र के प्रति व्यक्ति को रोजाना 135 लीटर पानी की आवश्यकता है मगर मौजूदा संसाधनों के बल पर केवल 85 लीटर प्रति व्यक्ति आपूर्ति हो पा रही है।
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चौंकाने वाली बात तो यह है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, नगर पालिका की आबादी करीब 81 हजार थी। लेकिन सीमा विस्तार व औसतन होने वाली वृद्धि के बाद अब नगर पालिका क्षेत्र की आबादी ढाई लाख से अधिक हो गई है। इस प्रकार 135 लीटर प्रति व्यक्ति जरूरत वाले मानक के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले लोगों को रोजाना 33750 किलो लीटर पानी की जरूरत है।
जबकि उपलब्ध हो पा रहा है केवल 8750 लीटर पानी। ऐसे में बड़ी आबादी हैंडपंपों पर निर्भर है। लेकिन हैंडपंपों की दशा भी ज्यादा अच्छी नहीं हैं। शहर के अधिकतर हैंडपंप खराब पड़े हैं। नगर पालिका को अमृत योजना में शामिल करने का प्रस्ताव अभी लंबित है।
पाइप लाइन बिछाकर कोई झांकने नहीं आया
नगर पालिका में जलापूर्ति को लेकर जल निगम की योजनाएं भी तालमेल के अभाव में अधर में अटकी हैं। तीन साल पहले मकदूूमपुर व जगनेहटा में पानी की टंकियों का निर्माण हुआ था। बड़ेल, मकदूमपुर, मोहारी का पुरवा, जगनेहटा समेत कई जगहों पर पाइप लाइन बिछाई गई थीं।
बताया गया था कि कुछ ही महीनों में पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। बड़ेल में तो पिछले एक साल से कोई झांकने तक नहीं पहुंचा। इस संबंध में नगर पालिका के अधिकारियों का तर्क है कि यह काम जल निगम करवा रहा है। इस संबंध में जब जल निगम के सहायक अभियंता एके राव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जल निगम दो हिस्सों में बंट गया है। शहर का काम अयोध्या स्थित कार्यालय से हो रहा है।
नगर पालिका की आठ टंकियों से जलापूर्ति की जा रही है। प्रति व्यक्ति को 135 लीटर पानी की जरूरत है मगर मौजूदा संसाधनों से प्रति व्यक्ति 85 लीटर जलापूर्ति की जा रही है। बाकी कई परियोजनाएं जल निगम द्वारा पूरी कराया जाना शेष है। नगर पालिका को अमृत योजना में शामिल करने का प्रस्ताव लंबित है। शासन से हरी झंडी मिलते ही काम शुरू होगा।

-पवन कुमार, ईओ नगर पालिका नवाबगंज
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वर्जन
नगर पालिका क्षेत्र में 10 टंकियों का निर्माण कराया जाना है। पहले यह काम जल निगम द्वारा कराया जा रहा था। लेकिन कुछ महीने पहले जल निगम के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के काम बंट गए हैं। परियोजनाएं हमारी विंग को हैंडओवर कर दी गई हैं। सर्वे का काम पूरा हो गया है। बजट का इंतजार है।
-सुनील कुमार सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम
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