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Barabanki News: शत्रु संपत्तियों पर भी वक्फ का दावा, अधिकतर विवाद मुस्लिम पक्ष के ही
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बाराबंकी। वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद अब सबकी निगाह विवादित संपत्तियों पर है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग पत्रावलियों को जुटाने के साथ उनकी मौजूदा स्थिति और केस की जानकारी में जुटा है। इससे कई रसूखदार व प्रभावशाली लोग सकते में हैं। यहां शत्रु संपत्तियों पर भी वक्फ का दावा है। ये वे संपत्तियां हैं जिनके वारिस आजादी के समय 1947 में यहां छोड़कर पाकिस्तान चले गए। जिले में ऐसे करीब 170 संपत्ति हैं। इनमें नवाबगंज के तेरा रामनगर में 13, सलोनी गोरखपुर में दो और हैदरगढ़ में तीन समेत कुल 21 संपत्तियों का दाखिल खारिज हो चुका है।
बाराबंकी जिले में 812 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनकी जमीनों का कुल क्षेत्रफल 108 हेक्टेयर के आसपास है। इनमें सबसे अधिक 338 जमीन फतेहपुर में व 285 रामसनेहीघाट में हैं। सबसे कम 34 जमीनें रामनगर में हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुसार वक्फ संपत्ति के 55 मामले ऐसे हैं जो लखनऊ ट्रिब्यूनल में चल रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें 90 फीसदी मामलों में दोनों पक्ष मुस्लिम ही हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बालेंदु द्विवेदी ने बताया कि नए वक्फ अधिनियम के तहत जो भी निर्देश जारी होंगे उनका पालन कराया जाएगा।
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संवेदनशील स्थानों में ड्रोन से निगरानी, पुलिस-प्रशासन अलर्ट
वक्फ बिल को लेकर पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर चौकसी बढ़ा दी गई है। जिले को सात जोन व 26 सेक्टर में बांटा गया है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन शहर के पीरबटावन, शेरे गुलिस्तान, नबीगंज के अलावा सिद्धौर, दरियाबाद, जैदपुर, सफदरगंज, सैदनपुर में ड्रोन कैमरे से निगरानी हुई। पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
संशोधन से 85 प्रतिशत मुसलमानों को फायदा
वक्फ संशोधन बिल से करीब 85 प्रतिशत उन मुसलमान को फायदा होगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। छोटे और गरीब मुसलमान को सरकार बेहतर व्यवस्था देना चाहती है तो कुछ लोगों को कष्ट हो रहा है।
वसीम राइन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज
मील का पत्थर साबित होगा वक्फ बिल
वक्फ संशोधन बिल मुसलमानों की बेहतरी के लिए मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी ने एक पारदर्शी व्यवस्था के तहत इस बिल को लागू करने का जो बीड़ा उठाया है उसका स्वागत है।
-राजा कासिम, अल्पसंख्यक समुदाय के वरिष्ठ नेता
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बाराबंकी जिले में 812 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनकी जमीनों का कुल क्षेत्रफल 108 हेक्टेयर के आसपास है। इनमें सबसे अधिक 338 जमीन फतेहपुर में व 285 रामसनेहीघाट में हैं। सबसे कम 34 जमीनें रामनगर में हैं।
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अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुसार वक्फ संपत्ति के 55 मामले ऐसे हैं जो लखनऊ ट्रिब्यूनल में चल रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें 90 फीसदी मामलों में दोनों पक्ष मुस्लिम ही हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बालेंदु द्विवेदी ने बताया कि नए वक्फ अधिनियम के तहत जो भी निर्देश जारी होंगे उनका पालन कराया जाएगा।
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संवेदनशील स्थानों में ड्रोन से निगरानी, पुलिस-प्रशासन अलर्ट
वक्फ बिल को लेकर पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर चौकसी बढ़ा दी गई है। जिले को सात जोन व 26 सेक्टर में बांटा गया है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन शहर के पीरबटावन, शेरे गुलिस्तान, नबीगंज के अलावा सिद्धौर, दरियाबाद, जैदपुर, सफदरगंज, सैदनपुर में ड्रोन कैमरे से निगरानी हुई। पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
संशोधन से 85 प्रतिशत मुसलमानों को फायदा
वक्फ संशोधन बिल से करीब 85 प्रतिशत उन मुसलमान को फायदा होगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। छोटे और गरीब मुसलमान को सरकार बेहतर व्यवस्था देना चाहती है तो कुछ लोगों को कष्ट हो रहा है।
वसीम राइन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज
मील का पत्थर साबित होगा वक्फ बिल
वक्फ संशोधन बिल मुसलमानों की बेहतरी के लिए मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी ने एक पारदर्शी व्यवस्था के तहत इस बिल को लागू करने का जो बीड़ा उठाया है उसका स्वागत है।
-राजा कासिम, अल्पसंख्यक समुदाय के वरिष्ठ नेता