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Barabanki News: धान में झूठा कंड़ुआ रोग से किसान परेशान
Mon, 19 Oct 2026 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 19 Oct 2026 11:46 PM IST
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हैदरगढ़। वर्षा और आंधी से बची धान की फसल पर अब झूठा कंडुआ बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है। फफूंद जनित इस रोग से किसान परेशान हैं। खरीफ सत्र में असमय बारिश और आंधी से अगेती धान की फसल को पहले ही नुकसान हो चुका है।
कृषि वैज्ञानिक जेपी सिंह ने बताया कि झूठा कंडुआ (फॉल्स स्मट) में धान की बालियों में दानों की जगह पीले, सुनहरे, काले या भूरे रंग की पाउडर जैसी गोल संरचनाएं बन जाती हैं। इससे उत्पादन घटने के साथ गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। रोगग्रस्त चावल स्वादहीन होते हैं और लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखे जा सकते। यह बीज जनित रोग सुषुप्त अवस्था में रहता है। बालियां निकलने पर सक्रिय होकर हवा से फैलता है।
बचाव के उपाय
जेपी सिंह ने बताया कि रोकथाम के लिए प्रोपीकोनाजोल 25 प्रतिशत ईसी अथवा टेबूकोनाजोल 1.5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। एक एकड़ में दस टंकी दवा का छिड़काव करने से बालियां धुलेंगी और रोग का फैलाव रोकने में मदद मिलेगी।
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कृषि वैज्ञानिक जेपी सिंह ने बताया कि झूठा कंडुआ (फॉल्स स्मट) में धान की बालियों में दानों की जगह पीले, सुनहरे, काले या भूरे रंग की पाउडर जैसी गोल संरचनाएं बन जाती हैं। इससे उत्पादन घटने के साथ गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। रोगग्रस्त चावल स्वादहीन होते हैं और लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखे जा सकते। यह बीज जनित रोग सुषुप्त अवस्था में रहता है। बालियां निकलने पर सक्रिय होकर हवा से फैलता है।
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बचाव के उपाय
जेपी सिंह ने बताया कि रोकथाम के लिए प्रोपीकोनाजोल 25 प्रतिशत ईसी अथवा टेबूकोनाजोल 1.5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। एक एकड़ में दस टंकी दवा का छिड़काव करने से बालियां धुलेंगी और रोग का फैलाव रोकने में मदद मिलेगी।
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