{"_id":"58b93eec5074ad3a538a6783276ea957","slug":"the-protest-marches-by-lawyers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वकीलाें ने जुलूस निकाल किया विरोध प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वकीलाें ने जुलूस निकाल किया विरोध प्रदर्शन
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2016 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रूदौली तहसील फैजाबाद से हटाकर एक बार फिर बाराबंकी में शामिल किए जाने की मंाग को लेकर वकीलों ने सोमवार को जुलूस निकाला। साथ ही हाईवे से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित एडीएम को सौंपा।
जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष रघुराज सिंह वर्मा, महामंत्री प्रदीप सिंह व रूदौली वापसी संघर्ष समिति के संयोजक एकलाख अहमद के नेतृत्व में निकाला गया जुलूस सिविल कोर्ट में घूमने के बाद फैजाबाद राजमार्ग पहुंचा यहां से नारेबाजी करते हुए वकीलों का जुलूस कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर सभा मेें परिवर्तित हो गया।
संघर्ष समिति के एकलाख अहमद ने कहा कि 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने रूदौली को फैजाबाद जिले में रोक दिया था जिससे वहां के लोग आक्रोशित थे। उग्र आंदोलन देखते हुए सपा सरकार ने रूदौली को फैजाबाद से हटाकर 2004 मेें बाराबंकी में शामिल कर दिया था। इसके बाद 2007 में प्रदेश की बसपा सरकार ने एक बार फिर रूदौली तहसील को फैजाबाद जिले में जोड़ दिया तब से रूदौली वापसी का आंदोलन लगातार जारी है। वकील लल्लन यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान सपा प्रमुख मुलायम सिंह, मंत्री शिवपाल यादव व सीएम अखिलेश यादव ने चुनावी सभाओं में कहा था कि सपा सरकार बनते ही रूदौली को बाराबंकी में मिला दिया जाएगा लेकिन अभी तक सपा सरकार द्वारा अपना वादा पूरा नहीं किया गया है। जिससे रूदौली के ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा वहां से हार गई है।
विज्ञापन
बार अध्यक्ष रघुराज वर्मा ने कहा जब तक रूदौली की वापसी नहीं होगी तब तक संघर्ष जारी रहेगा। वकीलों ने कहा कि सपौ। वकीलों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम हरिकेश चौरसिया को सौंपा है। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीबी सिंह, कौशल किशोर त्रिपाठी, एसडी शर्मा, रमन द्विवेदी, शिवकुमार शुक्ला, भारत सिंह यादव, बालकृष्ण वर्मा, रमाकांत पांडेय, संदीप मिश्रा, उमेशचंद्र आदि वकील शामिल रहे।
विज्ञापन
जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष रघुराज सिंह वर्मा, महामंत्री प्रदीप सिंह व रूदौली वापसी संघर्ष समिति के संयोजक एकलाख अहमद के नेतृत्व में निकाला गया जुलूस सिविल कोर्ट में घूमने के बाद फैजाबाद राजमार्ग पहुंचा यहां से नारेबाजी करते हुए वकीलों का जुलूस कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर सभा मेें परिवर्तित हो गया।
विज्ञापन
संघर्ष समिति के एकलाख अहमद ने कहा कि 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने रूदौली को फैजाबाद जिले में रोक दिया था जिससे वहां के लोग आक्रोशित थे। उग्र आंदोलन देखते हुए सपा सरकार ने रूदौली को फैजाबाद से हटाकर 2004 मेें बाराबंकी में शामिल कर दिया था। इसके बाद 2007 में प्रदेश की बसपा सरकार ने एक बार फिर रूदौली तहसील को फैजाबाद जिले में जोड़ दिया तब से रूदौली वापसी का आंदोलन लगातार जारी है। वकील लल्लन यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान सपा प्रमुख मुलायम सिंह, मंत्री शिवपाल यादव व सीएम अखिलेश यादव ने चुनावी सभाओं में कहा था कि सपा सरकार बनते ही रूदौली को बाराबंकी में मिला दिया जाएगा लेकिन अभी तक सपा सरकार द्वारा अपना वादा पूरा नहीं किया गया है। जिससे रूदौली के ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा वहां से हार गई है।
विज्ञापन
बार अध्यक्ष रघुराज वर्मा ने कहा जब तक रूदौली की वापसी नहीं होगी तब तक संघर्ष जारी रहेगा। वकीलों ने कहा कि सपौ। वकीलों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम हरिकेश चौरसिया को सौंपा है। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीबी सिंह, कौशल किशोर त्रिपाठी, एसडी शर्मा, रमन द्विवेदी, शिवकुमार शुक्ला, भारत सिंह यादव, बालकृष्ण वर्मा, रमाकांत पांडेय, संदीप मिश्रा, उमेशचंद्र आदि वकील शामिल रहे।