फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   State minister abandoned its claim form Mnjpurwa land

मंझपुरवा की जमीन से राज्यमंत्री ने छोड़ा अपना दावा

Wed, 01 Jul 2015 08:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Wed, 01 Jul 2015 08:06 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

बाराबंकी। शहर से सटे मंझपुरवा गांव स्थित 6 बीघा जमीन से वन राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई ने अपना दावा छोड़ दिया है। इस बात की जानकारी राज्यमंत्री ने बुधवार को पत्रकारों से वार्ता में दी।

बताते चले कि शहर से सटे मंझपुरवा गांव में बाबूलाल यादव द्वारा 6 बीघा जमीन अपनी बताई जा रही थी। जबकि राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई द्वारा इस जमीन को अपनी जमीन बताई जरा रही थी। इसी बात को लेकर कुछ माह पूर्व बाबूलाल यादव ने कलेक्ट्रेट में मंत्री के खिलाफ धरना-प्रदर्शन भी किया था। यह भूमि कागजों में मंत्री के नाम थी पर कब्जा बाबूलाल यादव का था। इसी मामले को लेकर बुधवार को सपा नेता सरताज चौधरी के आवास पर पत्रकारों से वार्ता में राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई ने बताया कि वह जमींदार परिवार से हैं और कई जगह ऐसी सैकड़ों बीघे जमीन है जो मेरे परिवारीजनों के नाम है और उस पर कब्जा किसी दूसरे का है। इसी तरह शहर के मंझपुरवा जमीन का भी मामला था। यहां की जमीन से मेरे द्वारा अपना दावा खतम किया जाता है। यह जमीन हम बाबूलाल यादव को दे रहे है। सपा सरकार में किसी के साथ अन्याय न हो इसके लिए वह अपनी जमीन छोड़ रहे है। मंत्री ने भाजपा व हैदराबाद के विधायक ओवैशी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोग देश में आपसी भेदभाव फैलाकर एक दूसरे को लड़ाकर ही राजनीति करना चाह रहे हैं, लेकिन जनता सब जानती है किसी के भी गलत इरादे कामयाब नहीं होंगे। इस मौके पर राज्यमंत्री के प्रतिनिधि अहमद सलमान आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed