{"_id":"0257c09aecb7c2e931c126a790ae1b56","slug":"smile-on-the-faces-of-farmers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के मुरझाए चेहरों पर आई मुस्कान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों के मुरझाए चेहरों पर आई मुस्कान
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिमझिम बारिश से ठंड भले ही बढ़ गई हो लेकिन इस बारिश से किसानों के मुरझाए चेहरे जरूर खिल गए हैं। कृषि विशेषज्ञ भी इस बारिश को फसलों के बेहतर मान रहे हैं। उनका मानना है कि इस बारिश से जहां खेतों में नमी लौट आई है। इसका असर फसलों की पैदावार पर भी पडे़गा और फसलों का उत्पादन बढे़ेगा। वहीं मंगलवार को पूरे दिन रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। लोगों को पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन तक नहीं हुए।
जनवरी में जिस बारिश का किसानों का बेसब्री से इंतजार था वह मंगलवार को पूरा हो गया। मौसम की बेरुखी ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी थी। ठंड पड़ने के समय में तापमान चढ़ने लगा था। इस स्थिति को देख कृषि विशेषज्ञ भी हैरत में थे। लेकिन इधर तीन चार दिनों से अचानक मौसम में बदलाव आ गया।
ठंड बढ़ने के साथ ही शीतलहर भी चलने लगी थी। मंगलवार को मौसम ने ऐसी पलटी मारी की सभी हैरत में रह गए। पूरे दिन रिमझिम बारिश होती रही। इससे ठंड और बढ़ गई। लेकिन यह मौसम फसलों के बहुत ही उपयुक्त माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों की माने तो सभी फसलों के लिए आसमान से अमृत बरसा है जो किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनवरी में जिस बारिश का किसानों का बेसब्री से इंतजार था वह मंगलवार को पूरा हो गया। मौसम की बेरुखी ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी थी। ठंड पड़ने के समय में तापमान चढ़ने लगा था। इस स्थिति को देख कृषि विशेषज्ञ भी हैरत में थे। लेकिन इधर तीन चार दिनों से अचानक मौसम में बदलाव आ गया।
विज्ञापन
ठंड बढ़ने के साथ ही शीतलहर भी चलने लगी थी। मंगलवार को मौसम ने ऐसी पलटी मारी की सभी हैरत में रह गए। पूरे दिन रिमझिम बारिश होती रही। इससे ठंड और बढ़ गई। लेकिन यह मौसम फसलों के बहुत ही उपयुक्त माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों की माने तो सभी फसलों के लिए आसमान से अमृत बरसा है जो किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
विज्ञापन