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तीन सौ स्कूलों में एक-एक शिक्षक
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बाराबंकी। विभाग के पास शिक्षकों की भारी भरकम फौज है। करीब डेढ़ सौ शिक्षक सिर्फ मुख्यालय पर हाजिरी बजा रहे हैं। इसके बावजूद जिले के करीब तीन सौ विद्यालय एक-एक शिक्षक के सहारे संचालित किए जा रहे हैं।
इनमें से कई विद्यालय ऐसे भी हैं जो महज शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के सहारे चल रहे हैं लेकिन विभाग चाहकर भी इनमें शिक्षकों की तैनाती नहीं कर पा रहा है क्योंकि इनकी पहुंच और रसूख के चलते विभाग इन्हें दूरस्थ के विद्यालयों में तैनात करने का साहस तक नहीं दिखा पा रहा है।
जिले में परिषदीय विद्यालयों की संख्या 2636 है। मौजूदा समय में इनमें करीब 8101 शिक्षकों की तैनाती है। इसके अलावा 2895 शिक्षामित्र तैनात हैं। इसके बावजूद करीब तीन सौ विद्यालय ऐसे हैं जो एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुुसार, विभाग चाहकर भी इन विद्यालयों में दूसरे शिक्षक की तैनाती नहीं कर पा रहा है।
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क्योंकि यह विद्यालय दूरस्थ क्षेत्र में हैं जहां पर कोई शिक्षक जाना नहीं चाहता। ज्यादातर शिक्षक बंकी, हरख, मसौली, निंदूरा और देवा के अलावा फतेहपुर में ही तैनाती चाहते हैं। यहीं नहीं इन ब्लॉकों में कई ऐसे विद्यालय हैं जिनमें पांच से ज्यादा शिक्षक तैनात हैं। यह हाल सबसे ज्यादा निंदूरा और बंकी ब्लॉक का है।
जबकि बनीकोडर, दरियाबाद, पूरेडलई, सिरौलीगौसपुर आदि ब्लॉकों में शिक्षक जाने से कतरा रहे हैं। यहीं कारण है कि जिले में बड़ी संख्या में विद्यालय एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों ने प्रयास तो किया लेकिन इनकी पहुंच और रसूख के चलते अधिकारी इन्हें दूर के विद्यालयों में तैनात करने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।
चरम पर है शिक्षकों की मनमानी
हाल में नियुक्ति पत्र पाने वाले करीब डेढ़ सौ शिक्षकों की मनमानी चरम पर हैं। आरोप है कि ये निर्धारित समय पर आने के बजाए जब मर्जी होती है तब आते हैं और हस्ताक्षर बनाकर तुरंत गायब हो जाते हैं। यदि कर्मचारी इसका विरोध करते हैं तो ये कर्मचारियों से झगड़ा करने से भी बाज नहीं आते हैं। जिस पर कर्मचारियों ने इन शिक्षकों की उपस्थिति अब बीआरसी बड़ेल में कराने की मांग बीएसए से की है।
करीब डेढ़ सौ शिक्षक ऐसे हैं जिनको विद्यालयों का आवंटन किया जाना है। इस संबंध में शासन से आदेश मिलने का इंतजार है। जैसे ही आदेश मिलेगा ऐसे शिक्षकों को एकल विद्यालयों में ही तैनात किया जाएगा। इसके अलावा जिन विद्यालयों में मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं उनको भी एकल विद्यालयों में तैनात किया जा सकता है।
-अजय कुमार सिंह, बीएसए
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इनमें से कई विद्यालय ऐसे भी हैं जो महज शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के सहारे चल रहे हैं लेकिन विभाग चाहकर भी इनमें शिक्षकों की तैनाती नहीं कर पा रहा है क्योंकि इनकी पहुंच और रसूख के चलते विभाग इन्हें दूरस्थ के विद्यालयों में तैनात करने का साहस तक नहीं दिखा पा रहा है।
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जिले में परिषदीय विद्यालयों की संख्या 2636 है। मौजूदा समय में इनमें करीब 8101 शिक्षकों की तैनाती है। इसके अलावा 2895 शिक्षामित्र तैनात हैं। इसके बावजूद करीब तीन सौ विद्यालय ऐसे हैं जो एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुुसार, विभाग चाहकर भी इन विद्यालयों में दूसरे शिक्षक की तैनाती नहीं कर पा रहा है।
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क्योंकि यह विद्यालय दूरस्थ क्षेत्र में हैं जहां पर कोई शिक्षक जाना नहीं चाहता। ज्यादातर शिक्षक बंकी, हरख, मसौली, निंदूरा और देवा के अलावा फतेहपुर में ही तैनाती चाहते हैं। यहीं नहीं इन ब्लॉकों में कई ऐसे विद्यालय हैं जिनमें पांच से ज्यादा शिक्षक तैनात हैं। यह हाल सबसे ज्यादा निंदूरा और बंकी ब्लॉक का है।
जबकि बनीकोडर, दरियाबाद, पूरेडलई, सिरौलीगौसपुर आदि ब्लॉकों में शिक्षक जाने से कतरा रहे हैं। यहीं कारण है कि जिले में बड़ी संख्या में विद्यालय एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों ने प्रयास तो किया लेकिन इनकी पहुंच और रसूख के चलते अधिकारी इन्हें दूर के विद्यालयों में तैनात करने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।
चरम पर है शिक्षकों की मनमानी
हाल में नियुक्ति पत्र पाने वाले करीब डेढ़ सौ शिक्षकों की मनमानी चरम पर हैं। आरोप है कि ये निर्धारित समय पर आने के बजाए जब मर्जी होती है तब आते हैं और हस्ताक्षर बनाकर तुरंत गायब हो जाते हैं। यदि कर्मचारी इसका विरोध करते हैं तो ये कर्मचारियों से झगड़ा करने से भी बाज नहीं आते हैं। जिस पर कर्मचारियों ने इन शिक्षकों की उपस्थिति अब बीआरसी बड़ेल में कराने की मांग बीएसए से की है।
करीब डेढ़ सौ शिक्षक ऐसे हैं जिनको विद्यालयों का आवंटन किया जाना है। इस संबंध में शासन से आदेश मिलने का इंतजार है। जैसे ही आदेश मिलेगा ऐसे शिक्षकों को एकल विद्यालयों में ही तैनात किया जाएगा। इसके अलावा जिन विद्यालयों में मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं उनको भी एकल विद्यालयों में तैनात किया जा सकता है।
-अजय कुमार सिंह, बीएसए