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Barabanki News: मृतक का बयान दर्ज करने के मामले में कोर्ट में पेश हुए सीओ रुदौली
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अयोध्या। मृतक का बयान दर्ज किए जाने के मामले में सीओ रुदौली आशीष निगम ने शनिवार को अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखा। लिखित कथन में बयान दर्ज करते समय सत्यापन न किए जाने की भूल स्वीकार की। साथ ही भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न होने का विश्वास दिलाया। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट दीपक यादव ने सीओ रुदौली आशीष निगम के लिखित प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 25 जून की तिथि नियत की है।
न्यायालय में पेश हुए सीओ रुदौली की ओर से मृतक जगजीत बहादुर सिंह के बयान दर्ज किए जाने के बाबत सफाई पेश करते हुए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें कहा गया कि मामले की जांच के लिए प्रिंस सिंह पुत्र जगजीत बहादुर सिंह का बयान दर्ज किया गया है। बयान दर्ज करते समय प्रिंस सिंह से उसके पिता का नाम पूछा गया तो उसने अपने पिता के पिता का नाम बता दिया। प्रार्थना पत्र में आधार कार्ड लेकर तस्दीक न किए जाने की भूल स्वीकार की गई। साथ ही भूल जानबूझ कर न किए जाने के आधार पर अदालत से क्षमा याचना की गई। जगजीत बहादुर सिंह की 17 दिसंबर 2025 को मृत्यु होना स्वीकार किया गया।
मामला क्या है
न्यायालय के आदेश पर जांच करने के दौरान क्षेत्राधिकारी रुदौली आशीष निगम ने घटना के बाबत मृतक का बयान दर्ज करके अदालत को भेज दिया। पीड़ित पक्ष प्रेम कुमार को जानकारी होने पर उसने अदालत में शपथ पत्र देकर मृतक का बयान दर्ज किए जाने की शिकायत की। तब अदालत ने संज्ञान लेते हुए सीओ रुदौली से आख्या तलब की गई।
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घटना थाना बाबा बाजार क्षेत्र के इमलिडीहा गांव की है। दलित प्रेम कुमार के साथ 20 सितंबर 2025 को शाम 4:30 बजे गांव के ही अभय प्रताप सिंह सहित कई लोगों ने जाति सूचक शब्दों से गाली गलौज करते हुए मारपीट की। घर में घुसकर तोड़फोड़ करते हुए महिलाओं के साथ अश्लील हरकत की। कहीं सुनवाई न होने पर पीड़ित प्रेम कुमार ने विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने का आदेश पारित किए जाने की मांग की, जिस पर कोर्ट ने प्रारंभिक जांच का आदेश पारित किया था।
न्यायालय में पेश हुए सीओ रुदौली की ओर से मृतक जगजीत बहादुर सिंह के बयान दर्ज किए जाने के बाबत सफाई पेश करते हुए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें कहा गया कि मामले की जांच के लिए प्रिंस सिंह पुत्र जगजीत बहादुर सिंह का बयान दर्ज किया गया है। बयान दर्ज करते समय प्रिंस सिंह से उसके पिता का नाम पूछा गया तो उसने अपने पिता के पिता का नाम बता दिया। प्रार्थना पत्र में आधार कार्ड लेकर तस्दीक न किए जाने की भूल स्वीकार की गई। साथ ही भूल जानबूझ कर न किए जाने के आधार पर अदालत से क्षमा याचना की गई। जगजीत बहादुर सिंह की 17 दिसंबर 2025 को मृत्यु होना स्वीकार किया गया।
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मामला क्या है
न्यायालय के आदेश पर जांच करने के दौरान क्षेत्राधिकारी रुदौली आशीष निगम ने घटना के बाबत मृतक का बयान दर्ज करके अदालत को भेज दिया। पीड़ित पक्ष प्रेम कुमार को जानकारी होने पर उसने अदालत में शपथ पत्र देकर मृतक का बयान दर्ज किए जाने की शिकायत की। तब अदालत ने संज्ञान लेते हुए सीओ रुदौली से आख्या तलब की गई।
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घटना थाना बाबा बाजार क्षेत्र के इमलिडीहा गांव की है। दलित प्रेम कुमार के साथ 20 सितंबर 2025 को शाम 4:30 बजे गांव के ही अभय प्रताप सिंह सहित कई लोगों ने जाति सूचक शब्दों से गाली गलौज करते हुए मारपीट की। घर में घुसकर तोड़फोड़ करते हुए महिलाओं के साथ अश्लील हरकत की। कहीं सुनवाई न होने पर पीड़ित प्रेम कुमार ने विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने का आदेश पारित किए जाने की मांग की, जिस पर कोर्ट ने प्रारंभिक जांच का आदेश पारित किया था।