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Barabanki News: तटबंध पर तीन स्पर के लिए 10.73 करोड़ रुपये मिले
Sat, 21 Jun 2025 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 21 Jun 2025 01:11 AM IST
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बाराबंकी। सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित इलाकों में तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। कहीं कटान रोकने के लिए परियोजनाएं चल रही हैं तो कहीं ड्रेजिंग का काम जारी है। इसी क्रम में चहलारीघाट-गणेशपुर तटबंध को मजबूत करने और कटान रोकने के लिए तीन स्परों के निर्माण वास्ते शासन ने 10.73 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
आधिकारिक आदेश के अनुसार सरयू नदी के दाहिने तट पर स्थित चहलारी घाट गणेशपुर तटबंध के किमी संख्या 42.700, 43.200 व 43.760 के हिस्से पर तीन स्पर बनाए जा रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य तटबंध को मजबूती देना और बाढ़ के दौरान नदी की धारा को नियंत्रित करना है ताकि कटान से आसपास के गांवों को सुरक्षा मिल सके।
करीब एक महीने पहले ही जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने तटबंध का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को बरसात से पहले निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। माना जा रहा है कि इन तीन स्परों के निर्माण से न केवल तटबंध की मजबूती बढ़ेगी बल्कि नदी की धार भी व्यवस्थित होगी जिससे बाढ़ की स्थिति में आसपास के इलाके सुरक्षित रहेंगे।
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पिछले साल बह गए थे तीन गांव, 45 पर था संकट
सरयू नदी की बाढ़ हर साल जिले में तबाही लाती है। वर्ष 2024 के सितंबर में रामनगर तहसील के बबुरी, केदारीपुर समेत तीन गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया था। वहीं रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौली गौसपुर तहसीलों के 45 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए थे। नदी के कटान में दो स्कूल बह गए थे।
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आधिकारिक आदेश के अनुसार सरयू नदी के दाहिने तट पर स्थित चहलारी घाट गणेशपुर तटबंध के किमी संख्या 42.700, 43.200 व 43.760 के हिस्से पर तीन स्पर बनाए जा रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य तटबंध को मजबूती देना और बाढ़ के दौरान नदी की धारा को नियंत्रित करना है ताकि कटान से आसपास के गांवों को सुरक्षा मिल सके।
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करीब एक महीने पहले ही जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने तटबंध का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को बरसात से पहले निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। माना जा रहा है कि इन तीन स्परों के निर्माण से न केवल तटबंध की मजबूती बढ़ेगी बल्कि नदी की धार भी व्यवस्थित होगी जिससे बाढ़ की स्थिति में आसपास के इलाके सुरक्षित रहेंगे।
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पिछले साल बह गए थे तीन गांव, 45 पर था संकट
सरयू नदी की बाढ़ हर साल जिले में तबाही लाती है। वर्ष 2024 के सितंबर में रामनगर तहसील के बबुरी, केदारीपुर समेत तीन गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया था। वहीं रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौली गौसपुर तहसीलों के 45 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए थे। नदी के कटान में दो स्कूल बह गए थे।