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घाघरा का जलस्तर घटने से कटान तेज
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:24 PM IST
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सैकड़ों बीघा फसल नदी में समाई
- फोटो : अमर उजाला
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घाघरा का जल स्तर घटने के साथ कटान तेज हो गई है। तहसील रामनगर क्षेत्र के ग्राम कुज्जी, बिडौली, अशरफपुर, नरौली की कई घर नदी में समा चुके है। इन गांवों के लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। पीड़ित लोग पड़ोस के जनपद में भी सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं।
विकास खण्ड सूरतगंज क्षेत्र का ग्राम कुज्जी पूरी तरह घाघरा नदी में समा चुका है। इसके साथ कटान ने बिडौली, अशरफ पुर, नौकटी गांव में तेजी से हो रही है। इन गांवों के निवासी रामदीन, बेचू, सुकई, दीनानाथ, संतलाल, भवनलाल, मलखान, दरबारी, जंगी, रामनाथ आदि के घर नदी में समा चुके हैं।
बेघर हुए लोगों को अब समीप के जनपद बहराइच के पखरपुर में शरण लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सैकड़ों बीघे जमीन कटान की वजह से नदी में समा चुकी है।
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किसानों के आगे सबसे बड़ी समस्या मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की है। लेकिन इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे हम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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विकास खण्ड सूरतगंज क्षेत्र का ग्राम कुज्जी पूरी तरह घाघरा नदी में समा चुका है। इसके साथ कटान ने बिडौली, अशरफ पुर, नौकटी गांव में तेजी से हो रही है। इन गांवों के निवासी रामदीन, बेचू, सुकई, दीनानाथ, संतलाल, भवनलाल, मलखान, दरबारी, जंगी, रामनाथ आदि के घर नदी में समा चुके हैं।
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बेघर हुए लोगों को अब समीप के जनपद बहराइच के पखरपुर में शरण लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सैकड़ों बीघे जमीन कटान की वजह से नदी में समा चुकी है।
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