{"_id":"6ab80860037866af350a32a3","slug":"prolonged-fasting-and-lack-of-sleep-can-aggravate-migraine-pain-barabanki-news-c-103-1-slp1007-165909-2026-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: लंबे समय तक भूखे रहने, कम नींद से बढ़ सकता है माइग्रेन का दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: लंबे समय तक भूखे रहने, कम नींद से बढ़ सकता है माइग्रेन का दर्द
विज्ञापन
सुल्तानपुर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच माइग्रेन के मरीजों की परेशानी बढ़ने लगी है। तापमान में उतार-चढ़ाव, नमी और वायुदाब में बदलाव कुछ लोगों में सिरदर्द का ट्रिगर बन रहा है। मेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विभाग में पिछले 10 दिनों में माइग्रेन और सिरदर्द की समस्या वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। इनमें पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या अधिक है। ओपीडी में रोजाना 35 से 40 मरीज सिरदर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन व सीएमएस डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि मौसम बदलने पर माइग्रेन से पीड़ित लोगों में सिरदर्द बढ़ सकता है। लंबे समय तक भूखे रहने, कम पानी पीने, नींद पूरी न होने और अत्यधिक तनाव से परेशानी बढ़ती है। तेज रोशनी और लगातार मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखने से भी सिरदर्द बढ़ सकता है। सिरदर्द होने पर आराम करने के साथ चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि महिलाओं में माइग्रेन की अधिक समस्या का एक कारण हार्मोनल बदलाव भी है। मासिक धर्म के आसपास एस्ट्रोजन में होने वाला बदलाव कुछ महिलाओं में माइग्रेन की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ा सकता है। ऐसे में मौसम के साथ हार्मोनल बदलाव परेशानी बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन
बचाव के लिए ये उपाय अपनाएं
पर्याप्त पानी पीते रहें और भोजन न छोड़ें। रोजाना छह से आठ घंटे की नींद लेने का प्रयास करें। तेज धूप और अचानक तापमान परिवर्तन से बचें। सिरदर्द के दौरान तेज रोशनी और शोर से दूरी रखें। मोबाइल-कंप्यूटर पर काम के बीच आंखों और शरीर को आराम दें। बार-बार या असहनीय सिरदर्द, उल्टी, धुंधला दिखने या हाथ-पैर में कमजोरी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। बार-बार सिरदर्द होने पर नींद, भोजन, पानी और तनाव की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन व सीएमएस डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि मौसम बदलने पर माइग्रेन से पीड़ित लोगों में सिरदर्द बढ़ सकता है। लंबे समय तक भूखे रहने, कम पानी पीने, नींद पूरी न होने और अत्यधिक तनाव से परेशानी बढ़ती है। तेज रोशनी और लगातार मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखने से भी सिरदर्द बढ़ सकता है। सिरदर्द होने पर आराम करने के साथ चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लेना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि महिलाओं में माइग्रेन की अधिक समस्या का एक कारण हार्मोनल बदलाव भी है। मासिक धर्म के आसपास एस्ट्रोजन में होने वाला बदलाव कुछ महिलाओं में माइग्रेन की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ा सकता है। ऐसे में मौसम के साथ हार्मोनल बदलाव परेशानी बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन
बचाव के लिए ये उपाय अपनाएं
पर्याप्त पानी पीते रहें और भोजन न छोड़ें। रोजाना छह से आठ घंटे की नींद लेने का प्रयास करें। तेज धूप और अचानक तापमान परिवर्तन से बचें। सिरदर्द के दौरान तेज रोशनी और शोर से दूरी रखें। मोबाइल-कंप्यूटर पर काम के बीच आंखों और शरीर को आराम दें। बार-बार या असहनीय सिरदर्द, उल्टी, धुंधला दिखने या हाथ-पैर में कमजोरी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। बार-बार सिरदर्द होने पर नींद, भोजन, पानी और तनाव की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है।