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कोल्ड स्टोरों में डंप है डेढ़ लाख एमटी आलू फिर भी दाम आसमान पर
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बाराबंकी। खुदरा बाजार में आलू की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, जिससे यह अब आम आदमी की थाली से दूर होता जा रहा है। इस समय आलू 35 रुपये किलो बिक रहा है। जिले के कोल्ड स्टोरों में अब भी करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन (एमटी) से ज्यादा आलू डंप पड़ा है। इसके बाद भी आलू की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। टमाटर के दाम भी 60 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। 20 रुपये किलो बिकने वाला प्याज भी 35 रुपये किलो तक पहुंच गया है। सब्जियों के बढ़ते दामों ने आम आदमी के घरेलू बजट को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है।
उद्यान विभाग के अनुुसार जिले में मौजूदा समय में 33 कोल्ड स्टोर संचालित हैं। इन कोल्ड स्टोरों में करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन से ज्यादा आलू भंडारित है। कोल्ड स्टोर मालिकों की माने तो व्यापारी इस आलू को औने-पौने दामों में खरीदने को तैयार नहीं है। यही कारण है कि किसान कोल्ड स्टोर से आलू नहीं निकाल पा रहा है। कोल्ड स्टोर से आलू बाजार में न आने से इसकी कीमतें बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में खुले बाजार में आलू 35 रुपये किलो में बेचा जा रहा है। टमाटर के दाम भी इन दिनों आसमान छू रहे हैं।
15 से 20 रुपये किलो में बिकने वाला टमाटर आज की तारीख में 60 से 70 रुपये किलो में बिक रहा है। मंडी के व्यापारियों की माने तो टमाटर की आवक पहले की अपेक्षा काफी कम हो गई है, जिसकी वजह से टमाटर की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। इसकी कीमतें अभी और बढ़ेंगी इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। प्याज भी इसी तर्ज पर चल निकला है। आवक न होने की वजह से पिछले तीन दिनों के अंदर प्याज के दाम 15 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं। 15 से 20 रुपये किलो में बिकने वाला प्याज खुदरा बाजार में 35 रुपये किलो में बेचा जा रहा है। लेकिन मंडी विभाग के अधिकारी लगातार बढ़ रही सब्जियों की कीमतों पर नियंत्रण लगा पाने में पूरी तरह से फेल हैं।
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दैनिक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से दिक्कत
50 से 60 रुपये किलो में बिकने वाली अरहर की दाल 90 से सौ रुपये किलो तक पहुंच गई है। 35 रुपये किलो में बिकने वाली चीनी 40 रुपये किलो में बिक रही है। अरहर की दाल 70 से 80 रुपये किलो में बिकने वाली उरद की दाल 150 रुपये किलो तक पहुंच गई है। यही हाल सरसों के तेल का है। 80 से 90 रुपये किलो में मिलने वाला सरसों का तेज मौजूदा समय में 135 रुपये किलो में मिल रहा है। दैनिक उपभोग की वस्तुुओं की कीमतें बढ़ने से आम आदमी का बजट पूरी तरह से बिगड़ता जा रहा है।
आलू, टमाटर और प्याज की कीमतों पर नियंत्रण के लिए जल्द ही मंडी सचिव और जिला आपूर्ति अधिकारी की अध्यक्षता में एक टीम गठित की जाएगी, जो इनकी बढ़ रही कीमतों पर काबू पाने के साथ ही आम आदमी को आवश्यकता अनुसार कम कीमतों पर ये वस्तुएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।
- संदीप कुमार गुप्ता, अपर जिलाधिकारी
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उद्यान विभाग के अनुुसार जिले में मौजूदा समय में 33 कोल्ड स्टोर संचालित हैं। इन कोल्ड स्टोरों में करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन से ज्यादा आलू भंडारित है। कोल्ड स्टोर मालिकों की माने तो व्यापारी इस आलू को औने-पौने दामों में खरीदने को तैयार नहीं है। यही कारण है कि किसान कोल्ड स्टोर से आलू नहीं निकाल पा रहा है। कोल्ड स्टोर से आलू बाजार में न आने से इसकी कीमतें बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में खुले बाजार में आलू 35 रुपये किलो में बेचा जा रहा है। टमाटर के दाम भी इन दिनों आसमान छू रहे हैं।
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15 से 20 रुपये किलो में बिकने वाला टमाटर आज की तारीख में 60 से 70 रुपये किलो में बिक रहा है। मंडी के व्यापारियों की माने तो टमाटर की आवक पहले की अपेक्षा काफी कम हो गई है, जिसकी वजह से टमाटर की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। इसकी कीमतें अभी और बढ़ेंगी इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। प्याज भी इसी तर्ज पर चल निकला है। आवक न होने की वजह से पिछले तीन दिनों के अंदर प्याज के दाम 15 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं। 15 से 20 रुपये किलो में बिकने वाला प्याज खुदरा बाजार में 35 रुपये किलो में बेचा जा रहा है। लेकिन मंडी विभाग के अधिकारी लगातार बढ़ रही सब्जियों की कीमतों पर नियंत्रण लगा पाने में पूरी तरह से फेल हैं।
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दैनिक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से दिक्कत
50 से 60 रुपये किलो में बिकने वाली अरहर की दाल 90 से सौ रुपये किलो तक पहुंच गई है। 35 रुपये किलो में बिकने वाली चीनी 40 रुपये किलो में बिक रही है। अरहर की दाल 70 से 80 रुपये किलो में बिकने वाली उरद की दाल 150 रुपये किलो तक पहुंच गई है। यही हाल सरसों के तेल का है। 80 से 90 रुपये किलो में मिलने वाला सरसों का तेज मौजूदा समय में 135 रुपये किलो में मिल रहा है। दैनिक उपभोग की वस्तुुओं की कीमतें बढ़ने से आम आदमी का बजट पूरी तरह से बिगड़ता जा रहा है।
आलू, टमाटर और प्याज की कीमतों पर नियंत्रण के लिए जल्द ही मंडी सचिव और जिला आपूर्ति अधिकारी की अध्यक्षता में एक टीम गठित की जाएगी, जो इनकी बढ़ रही कीमतों पर काबू पाने के साथ ही आम आदमी को आवश्यकता अनुसार कम कीमतों पर ये वस्तुएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।
- संदीप कुमार गुप्ता, अपर जिलाधिकारी