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पीएम आवास की जांच में मिले 3718 अपात्र
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बाराबंकी। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ पाने के लिए पक्का मकान और गाड़ी जैसी सुविधायुक्त लोगों ने आवेदन कर डाला। योजना आरंभ में राशि भेजने के बाद आवेदक की जांच होती थी। कई जिलों में अपात्रों को आवास देने का मामला पकड़ में आने के बाद पिछले वर्ष इसमें बदलाव करते हुए जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू की गई है। पिछले तीन वर्षों में सूडा को भेजे गए 14 हजार 666 आवेदनों में जांच के बाद 3718 लोग अपात्र मिले हैं।
शहरी क्षेत्र में स्वयं की भूमि होने के बाद भी पैसे के अभाव में त्रिपाल आदि लगाकर जीवन गुुजार रहे लोगों को पक्की छत देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की शुरुआत की थी। शुरू में इस योजना के तहत 2017-18 में 2073, वित्तीय वर्ष 2018-19 में 11072 और 2018-19 में 1521 लोगों ने आवेदन किया था।
इसके लिए डूडा को बजट भी उपलब्ध करा दिया गया था लेकिन कई जिलों में अपात्रों को आवास का लाभ देने का मामला संज्ञान में आने के बाद जब इन आवेदनों की जांच कराई गई तो इनमें से 3718 आवेदक अपात्र पाए गए हैं। जिनमें अधिकांश के पास पहले से पक्का घर और किसी के पास चार पहिया वाहन मौजूद है। डूडा ने इसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी है।
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अब तक 15 हजार से अधिक आवास हुए स्वीकृत
योजना आरंभ से लेकर अब तक जिले में 15 हजार 241 आवासों की स्वीकृति शासन स्तर से मिल चुकी है। इनमें 2017-18 में 1783 आवास, 2018-19 में 8139 आवास, 2019-20 में 1022 और 2020-21 में 4293 आवासों की स्वीकृति शामिल हैं। इनमें से अब तक जहां 6467 आवास पूरी तरह से बन चुके हैं। वहीं 11 हजार से अधिक आवासों का निर्माण कार्य चल रहा है।
पूर्व में किए गए आवेदनों की जांच की जा रही हैं। इनमें से अब तक 3718 आवेदक अपात्र मिले हैं। किसी के पास पक्का मकान था तो किसी के पास गाड़ी है। इसकी सूचना निदेशालय को भेजी गई है। अब जांच के बाद ही आवेदन को पात्रता सूची में शामिल किया जाता है।
-सौरभ त्रिपाठी, पीओ डूडा
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शहरी क्षेत्र में स्वयं की भूमि होने के बाद भी पैसे के अभाव में त्रिपाल आदि लगाकर जीवन गुुजार रहे लोगों को पक्की छत देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की शुरुआत की थी। शुरू में इस योजना के तहत 2017-18 में 2073, वित्तीय वर्ष 2018-19 में 11072 और 2018-19 में 1521 लोगों ने आवेदन किया था।
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इसके लिए डूडा को बजट भी उपलब्ध करा दिया गया था लेकिन कई जिलों में अपात्रों को आवास का लाभ देने का मामला संज्ञान में आने के बाद जब इन आवेदनों की जांच कराई गई तो इनमें से 3718 आवेदक अपात्र पाए गए हैं। जिनमें अधिकांश के पास पहले से पक्का घर और किसी के पास चार पहिया वाहन मौजूद है। डूडा ने इसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी है।
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अब तक 15 हजार से अधिक आवास हुए स्वीकृत
योजना आरंभ से लेकर अब तक जिले में 15 हजार 241 आवासों की स्वीकृति शासन स्तर से मिल चुकी है। इनमें 2017-18 में 1783 आवास, 2018-19 में 8139 आवास, 2019-20 में 1022 और 2020-21 में 4293 आवासों की स्वीकृति शामिल हैं। इनमें से अब तक जहां 6467 आवास पूरी तरह से बन चुके हैं। वहीं 11 हजार से अधिक आवासों का निर्माण कार्य चल रहा है।
पूर्व में किए गए आवेदनों की जांच की जा रही हैं। इनमें से अब तक 3718 आवेदक अपात्र मिले हैं। किसी के पास पक्का मकान था तो किसी के पास गाड़ी है। इसकी सूचना निदेशालय को भेजी गई है। अब जांच के बाद ही आवेदन को पात्रता सूची में शामिल किया जाता है।
-सौरभ त्रिपाठी, पीओ डूडा