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भरत के भोजपुरी गीतों पर झूमे लोग
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Thu, 20 Oct 2016 11:42 PM IST
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भोजपुरी के जाने माने गायक निर्गुण सम्राट भरत शर्मा व्यास
- फोटो : अमर उजाला
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देवा महोत्सव के ऑडिटोरियम में गुरुवार की रात भोजपुरी के जाने माने गायक निर्गुण सम्राट भरत शर्मा व्यास की धूम रही। भोजपुरी, निर्गुण व कई एलबमों को पेश कर तहलका मचा देने वाले भरत शर्मा ने देवा महोत्सव के ऑडिटोरियम में भोजपुरी गीतों से ऐसा समां बांधा कि हर कोई झूम उठा।
पियवा सिवान से अंहार भइले आइल देवर तनी देहिया पे डाल दा रजाई.. व गोरिया चांद के अजोरिया ऐसन गोर.. से फेमस भरत शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत भक्तिगीत से की तो वहीं एक के बाद एक तड़पते-फड़कते भोजपुरी गीतों से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
भोजपुरी गायिकी व निर्गुण भजन का लोहा मनवा चुके निर्गुण सम्राट भरत शर्मा व्यास की धमाकेदार प्रस्तुति ने ऑडीटोरियम के मंच को नया आयाम दिया। एक से एक नामवर कलाकारों का गवाह बने इस मंच पर आज भरत शर्मा व्यास का नाम जुड़ गया। इस ऐतिहासिक मंच से भरत शर्मा ने अपने गीतों को ऐसा परवान चढ़ाया कि मानों समय कुछ समय के लिए ठहर गया।
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मंच पर आते ही भरत शर्मा व्यास ने सबसे पहले माई गीत- निबिया के डालि मइया डाले असनवा कि झूलि झूलि जाए.. गाया। इसके बाद माई के बसेलवा निमिया के पेड़वा और निमिया के डाढ़ मैया.., संसार में तेरा जलवा है तुझसा जलवागर कोई नहीं, तू हर अफसर का अफसर है तेरा अफसर कोई नहीं.., दरबार हजारों देखे हैं तेरे जैसा दरबार नहीं..।
इन गीतों के बाद भरत व्यास अपने रंग में आ गए। स्वर लहरी बिखेरते हुए जैसे ही अपना हिट गीत- गोरिया चांद के अजोरिया ऐसन गोर बाड़ू हो, तोहार जोड़ केहू नाहि के बेजोड़ बाड़ू हो.... गाया लोग मस्ती में उछल पड़े। इसके बाद पियवा सिवान से अंहार भइले आइल देवर तनी देहिया पे डाल दा रजाई..गाकर महफिल में रंग जमा दिया।
उसके बाद- जेकर बलमा परदेस गई सखी वोकर..., पायल नथिया झूमर टीका ई मनवा लपकत चमकत देखि गहनवा...गाया, पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। देर रात चले कार्यक्रम में ऐसा समां बांधा कि लोग अपने स्थान पर ही चिपके रहे। खचाखच भरे ऑडिटोरयिम में जगह कम पड़ने के कारण लोग खड़े-खड़े प्रोग्राम का आनंद लेते रहे।
भोजपुरी गीतों का ऐसा जादू कि दूर-दूर तक जा रही आवाज सुन लोग ऑडिटोरियम पहुंच गए। लोगों कोे रात गहराने का एहसास तक नहीं हुआ और कार्यक्रम के अंत तक जमे रहे। भरत अपने भोजपुरी गीतों को परवान चढ़ाते गए। मंच संचालन कर रहे आशीष पाठक ने अपने अल्फाज व अंदाज से सभी का मन जीत लिया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक धर्मराज यादव ने किया।
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पियवा सिवान से अंहार भइले आइल देवर तनी देहिया पे डाल दा रजाई.. व गोरिया चांद के अजोरिया ऐसन गोर.. से फेमस भरत शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत भक्तिगीत से की तो वहीं एक के बाद एक तड़पते-फड़कते भोजपुरी गीतों से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
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भोजपुरी गायिकी व निर्गुण भजन का लोहा मनवा चुके निर्गुण सम्राट भरत शर्मा व्यास की धमाकेदार प्रस्तुति ने ऑडीटोरियम के मंच को नया आयाम दिया। एक से एक नामवर कलाकारों का गवाह बने इस मंच पर आज भरत शर्मा व्यास का नाम जुड़ गया। इस ऐतिहासिक मंच से भरत शर्मा ने अपने गीतों को ऐसा परवान चढ़ाया कि मानों समय कुछ समय के लिए ठहर गया।
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मंच पर आते ही भरत शर्मा व्यास ने सबसे पहले माई गीत- निबिया के डालि मइया डाले असनवा कि झूलि झूलि जाए.. गाया। इसके बाद माई के बसेलवा निमिया के पेड़वा और निमिया के डाढ़ मैया.., संसार में तेरा जलवा है तुझसा जलवागर कोई नहीं, तू हर अफसर का अफसर है तेरा अफसर कोई नहीं.., दरबार हजारों देखे हैं तेरे जैसा दरबार नहीं..।
इन गीतों के बाद भरत व्यास अपने रंग में आ गए। स्वर लहरी बिखेरते हुए जैसे ही अपना हिट गीत- गोरिया चांद के अजोरिया ऐसन गोर बाड़ू हो, तोहार जोड़ केहू नाहि के बेजोड़ बाड़ू हो.... गाया लोग मस्ती में उछल पड़े। इसके बाद पियवा सिवान से अंहार भइले आइल देवर तनी देहिया पे डाल दा रजाई..गाकर महफिल में रंग जमा दिया।
उसके बाद- जेकर बलमा परदेस गई सखी वोकर..., पायल नथिया झूमर टीका ई मनवा लपकत चमकत देखि गहनवा...गाया, पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। देर रात चले कार्यक्रम में ऐसा समां बांधा कि लोग अपने स्थान पर ही चिपके रहे। खचाखच भरे ऑडिटोरयिम में जगह कम पड़ने के कारण लोग खड़े-खड़े प्रोग्राम का आनंद लेते रहे।
भोजपुरी गीतों का ऐसा जादू कि दूर-दूर तक जा रही आवाज सुन लोग ऑडिटोरियम पहुंच गए। लोगों कोे रात गहराने का एहसास तक नहीं हुआ और कार्यक्रम के अंत तक जमे रहे। भरत अपने भोजपुरी गीतों को परवान चढ़ाते गए। मंच संचालन कर रहे आशीष पाठक ने अपने अल्फाज व अंदाज से सभी का मन जीत लिया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक धर्मराज यादव ने किया।