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Barabanki News: अनफिट एंबुलेंस से ढोए जा रहे मरीज, जिम्मेदार बेखबर
Mon, 19 Oct 2026 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 19 Oct 2026 11:41 PM IST
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बाराबंकी। जिले में संचालित अधिकांश एंबुलेंस निर्धारित मियाद पूरी कर चुकी हैं। कई वाहनों की फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद वे सड़कों पर दौड़ रही हैं। जिला अस्पताल में मरीजों को लाने-ले जाने वाली 108 और 102 सेवा की एंबुलेंसों के साथ निजी एंबुलेंसों की स्थिति भी चिंताजनक है। पड़ताल में कई वाहनों के जरूरी दस्तावेज एक्सपायर मिले, लेकिन जिम्मेदार इन अव्यवस्थाओं से बेखबर हैं।
जांच में अनफिट पाई गईं एंबुलेंस
सोमवार को जिला अस्पताल के अंदर और बाहर खड़ी एंबुलेंसों की एम परिवहन एप के माध्यम से जांच की गई। इसमें कई एंबुलेंस अनफिट दिखाई दीं। मौके पर खड़ी इटावा आरटीओ क्षेत्र की एंबुलेंस संख्या UP 75 BT 3410 की फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता सही मिली। वहीं, लखनऊ आरटीओ क्षेत्र की कई एंबुलेंसों के पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी) की अवधि समाप्त हो चुकी है।
इनमें UP 32 KN 0038, UP 32 FN 4146, UP 32 FG 0688, UP 32 BG 8199, UP 32 EG 5044 और UP 32 EG 6614 शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि एक्सपायर आरसी वाले इन वाहनों से मरीजों को अस्पताल लाया और ले जाया जा रहा था। इनमें कुछ एंबुलेंस पहले ही अनफिट घोषित की जा चुकी हैं, जबकि कुछ के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद इनका संचालन जारी है।
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मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन
मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, किसी भी निजी या वाणिज्यिक वाहन को सड़क पर चलाने के लिए वैध फिटनेस प्रमाण पत्र और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। निर्धारित आयु पूरी करने वाले वाहनों को समय-समय पर री-फिटनेस परीक्षण भी कराना होता है।
जांच में सामने आया कि कई वाहनों की फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता जून और जुलाई में ही समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद वाहन स्वामी बिना दस्तावेजों का नवीनीकरण कराए एंबुलेंस चला रहे हैं। यह मोटर वाहन अधिनियम की धारा 56 और अन्य प्रावधानों का उल्लंघन है। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
वर्जन
वाहनों की फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र होना अति आवश्यक है। ऐसे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही वाहन चालकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-अमिताभ राय,
आरटीओ बाराबंकी
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जांच में अनफिट पाई गईं एंबुलेंस
सोमवार को जिला अस्पताल के अंदर और बाहर खड़ी एंबुलेंसों की एम परिवहन एप के माध्यम से जांच की गई। इसमें कई एंबुलेंस अनफिट दिखाई दीं। मौके पर खड़ी इटावा आरटीओ क्षेत्र की एंबुलेंस संख्या UP 75 BT 3410 की फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता सही मिली। वहीं, लखनऊ आरटीओ क्षेत्र की कई एंबुलेंसों के पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी) की अवधि समाप्त हो चुकी है।
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इनमें UP 32 KN 0038, UP 32 FN 4146, UP 32 FG 0688, UP 32 BG 8199, UP 32 EG 5044 और UP 32 EG 6614 शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि एक्सपायर आरसी वाले इन वाहनों से मरीजों को अस्पताल लाया और ले जाया जा रहा था। इनमें कुछ एंबुलेंस पहले ही अनफिट घोषित की जा चुकी हैं, जबकि कुछ के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद इनका संचालन जारी है।
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मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन
मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, किसी भी निजी या वाणिज्यिक वाहन को सड़क पर चलाने के लिए वैध फिटनेस प्रमाण पत्र और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। निर्धारित आयु पूरी करने वाले वाहनों को समय-समय पर री-फिटनेस परीक्षण भी कराना होता है।
जांच में सामने आया कि कई वाहनों की फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता जून और जुलाई में ही समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद वाहन स्वामी बिना दस्तावेजों का नवीनीकरण कराए एंबुलेंस चला रहे हैं। यह मोटर वाहन अधिनियम की धारा 56 और अन्य प्रावधानों का उल्लंघन है। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
वर्जन
वाहनों की फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र होना अति आवश्यक है। ऐसे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही वाहन चालकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-अमिताभ राय,
आरटीओ बाराबंकी