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बच्चे को साथ लेकर स्कूल आने पर शिक्षिकाओं का कटेगा वेतन
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बाराबंकी। मासूम बच्चे को लेकर स्कूल पहुंचने वाली शिक्षिकाओं का वेतन काटा जाएगा। यह निर्देश हरख के बीईओ ने दिया है। यह फरमान छोटे बच्चों को पालने वाली शिक्षिकाओं के लिए मुसीबत बन गया है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 3017 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक परिषदीय स्कूल है। इसमें शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक समेत 10 हजार शिक्षक तैनात है। इसमें महिला शिक्षकों की संख्या पुरुष शिक्षकों के करीब है। सरकार शिक्षिकाओं को प्रसव व बाल्य देखभाल के लिए वैतनिक अवकाश देती है। इस अवधि के बाद कई शिक्षिकाओं को अपने मासूम बच्चे को साथ लेकर स्कूल जाना पड़ता है। हरख ब्लॉक के बीईओ अजय गुप्त मौर्य की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि शिक्षिकाओं को कई बार बच्चों को साथ लेकर स्कूल न आने के निर्देश दिए गए है। इसके बावजूद विद्यालयों के निरीक्षण में पाया गया कि महिला शिक्षक बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच रही हैं।
ऐसे में शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। बच्चों को लेकर स्कूल आने वाली शिक्षिकाओं पर ‘नो वर्क नो पे’ का नियम लागू कर वेतन काटा जाएगा। हरख ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों में 479 शिक्षक तैनात है। इसमें से 356 महिला शिक्षक है। बीईओ अजय गुप्त मौर्य ने बताया कि निरीक्षण में महिला शिक्षकों को बच्चों की देखभाल करते और स्कूली बच्चों के खेलते हुए पाया जा रहा है। ऐसे में शिक्षण कार्य प्रभावित होने से शासन की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा व्यवस्था की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। इसको लेकर यह आदेश जारी किया गया है।
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डेढ़-दो साल के अपने बच्चे को शिक्षिकाएं साथ ला सकती है। उससे बड़े बच्चों को साथ लेने की बजाय शिक्षिकाओं को उन्हें भी स्कूल भेजना चाहिए। बीईओ के आदेश के बारे में जानकारी की जाएगी। शिक्षिकाओं की समस्या को ध्यान में रखा जाएगा।
-मेधा रूपम, सीडीओ
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 3017 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक परिषदीय स्कूल है। इसमें शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक समेत 10 हजार शिक्षक तैनात है। इसमें महिला शिक्षकों की संख्या पुरुष शिक्षकों के करीब है। सरकार शिक्षिकाओं को प्रसव व बाल्य देखभाल के लिए वैतनिक अवकाश देती है। इस अवधि के बाद कई शिक्षिकाओं को अपने मासूम बच्चे को साथ लेकर स्कूल जाना पड़ता है। हरख ब्लॉक के बीईओ अजय गुप्त मौर्य की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि शिक्षिकाओं को कई बार बच्चों को साथ लेकर स्कूल न आने के निर्देश दिए गए है। इसके बावजूद विद्यालयों के निरीक्षण में पाया गया कि महिला शिक्षक बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच रही हैं।
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ऐसे में शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। बच्चों को लेकर स्कूल आने वाली शिक्षिकाओं पर ‘नो वर्क नो पे’ का नियम लागू कर वेतन काटा जाएगा। हरख ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों में 479 शिक्षक तैनात है। इसमें से 356 महिला शिक्षक है। बीईओ अजय गुप्त मौर्य ने बताया कि निरीक्षण में महिला शिक्षकों को बच्चों की देखभाल करते और स्कूली बच्चों के खेलते हुए पाया जा रहा है। ऐसे में शिक्षण कार्य प्रभावित होने से शासन की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा व्यवस्था की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। इसको लेकर यह आदेश जारी किया गया है।
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डेढ़-दो साल के अपने बच्चे को शिक्षिकाएं साथ ला सकती है। उससे बड़े बच्चों को साथ लेने की बजाय शिक्षिकाओं को उन्हें भी स्कूल भेजना चाहिए। बीईओ के आदेश के बारे में जानकारी की जाएगी। शिक्षिकाओं की समस्या को ध्यान में रखा जाएगा।
-मेधा रूपम, सीडीओ