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माइनर कटी, 1000 बीघा फसल चौपट
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sun, 18 Dec 2016 11:32 PM IST
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1000 बीघा फसल चौपट
- फोटो : अमर उजाला
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हाइवे के पास से निकले बरौली रजबहा की आधी अधूरी सफाई किसानों के लिए मुसीबत बन गई। इस रजबहा से निकली माइनर दो दिन से लगातार कट रही है। जिससे आस-पास के कई गांवों के किसानों की आलू, सरसों, गेहूं आदि की करीब हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई।
वहीं रजबहा की आधी-अधूरी सफाई कर पानी छोड़ दिया गया जिससे पिछले तीन दिनों से पानी ओवरफ्लो कर रहा है। मामले की शिकायत किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
शहर से सटे सफेदाबाद हाईवे के पास से बरौली रजबहा निकला है। इसकी अभी हाल ही में सिल्ट की सफाई कराई गई थी। यह रजबहा पक्का बना हुआ है। दिखावे के लिए हाईवे से सरथरा तक 500 मीटर की सफाई कर दी गई और सरथरा से तीरगांव तक बिना सफाई किए ही रजबहा में पानी छोड़ दिया गया।
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क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने से आगे पानी नहीं निकल पा रहा है। जिससे यह रजबहा कई स्थानों पर ओवरफ्लो होने के कारण सड़क के ऊपर से बह रहा है। जिससे आस-पास के खेतों में जलभराव हो गया है। इसी रजबहा से निकली बहादुरपुर माइनर बीते दो दिन लगातार कट रही है।
रविवार को बहादुरपुर के पास माइनर करीब 5 मीटर कट गई। जिस स्थान पर कटान हुआ उसके आस-पास कई खेत सिल्ट से पट गए। जिससे तेज बहाव होने के कारण पानी दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक फैल गया और रातभर में तबाही मचा दी। इससे केंवाड़ी, दनियालपुर, हांसेमऊ, पियारेपुर, बीजेमऊ, बहादुरपुर आदि गांवों के सैकड़ों किसानों की एक हजार बीघे से ज्यादा गेहूं और आलू आदि की फसल चौपट हो गई।
सुबह किसानों ने देखा तो हर तरफ पानी ही पानी था। कटान होने से दर्जनों गांवों की करीब हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई। आस पास के राजाराम, बेनी प्रसाद, रामनरेश, अमृत यादव, दिनेश, मटरू, शंकर, गुड्डू आदि किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
आधी-अधूरी सफाई बनी कटान का कारण
क्षेत्र के सरथरा, दनियालपुर, केवाड़ी, भुहेरा, प्यारेपुर, बीजेमऊ आदि गांव के किसानों का कहना है कि रजबहा की पूरी सफाई किए बिना ही पानी क्षमता से अधिक छोड़े जाने के कारण कटान हुआ है। पटरी के ऊपर से पानी बहने की शिकायत सिंचाई विभाग के अभियंता से कर पानी कम किए जाने की मांग की गई थी लेकिन इस आरे किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिससे किसानों की फसल बर्बाद हो गई। ऐसे समय फसल बर्बाद हुई कि दोबारा फसल भी नहीं ली जा सकती है। किसानों ने बर्बाद हुई फसल का आंकलन कर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
बरौली रजबहा से निकली बहादुरपुर माइनर कटने की जानकारी मिली है। मौके पर कर्मचारियों को भेजकर पटाई कराई जाएगी। रजबहा में क्षमता से अधिक छोड़े गए पानी की मात्रा कम करा दी गई है। -राजनाथ यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
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वहीं रजबहा की आधी-अधूरी सफाई कर पानी छोड़ दिया गया जिससे पिछले तीन दिनों से पानी ओवरफ्लो कर रहा है। मामले की शिकायत किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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शहर से सटे सफेदाबाद हाईवे के पास से बरौली रजबहा निकला है। इसकी अभी हाल ही में सिल्ट की सफाई कराई गई थी। यह रजबहा पक्का बना हुआ है। दिखावे के लिए हाईवे से सरथरा तक 500 मीटर की सफाई कर दी गई और सरथरा से तीरगांव तक बिना सफाई किए ही रजबहा में पानी छोड़ दिया गया।
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क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने से आगे पानी नहीं निकल पा रहा है। जिससे यह रजबहा कई स्थानों पर ओवरफ्लो होने के कारण सड़क के ऊपर से बह रहा है। जिससे आस-पास के खेतों में जलभराव हो गया है। इसी रजबहा से निकली बहादुरपुर माइनर बीते दो दिन लगातार कट रही है।
रविवार को बहादुरपुर के पास माइनर करीब 5 मीटर कट गई। जिस स्थान पर कटान हुआ उसके आस-पास कई खेत सिल्ट से पट गए। जिससे तेज बहाव होने के कारण पानी दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक फैल गया और रातभर में तबाही मचा दी। इससे केंवाड़ी, दनियालपुर, हांसेमऊ, पियारेपुर, बीजेमऊ, बहादुरपुर आदि गांवों के सैकड़ों किसानों की एक हजार बीघे से ज्यादा गेहूं और आलू आदि की फसल चौपट हो गई।
सुबह किसानों ने देखा तो हर तरफ पानी ही पानी था। कटान होने से दर्जनों गांवों की करीब हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई। आस पास के राजाराम, बेनी प्रसाद, रामनरेश, अमृत यादव, दिनेश, मटरू, शंकर, गुड्डू आदि किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
आधी-अधूरी सफाई बनी कटान का कारण
क्षेत्र के सरथरा, दनियालपुर, केवाड़ी, भुहेरा, प्यारेपुर, बीजेमऊ आदि गांव के किसानों का कहना है कि रजबहा की पूरी सफाई किए बिना ही पानी क्षमता से अधिक छोड़े जाने के कारण कटान हुआ है। पटरी के ऊपर से पानी बहने की शिकायत सिंचाई विभाग के अभियंता से कर पानी कम किए जाने की मांग की गई थी लेकिन इस आरे किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिससे किसानों की फसल बर्बाद हो गई। ऐसे समय फसल बर्बाद हुई कि दोबारा फसल भी नहीं ली जा सकती है। किसानों ने बर्बाद हुई फसल का आंकलन कर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
बरौली रजबहा से निकली बहादुरपुर माइनर कटने की जानकारी मिली है। मौके पर कर्मचारियों को भेजकर पटाई कराई जाएगी। रजबहा में क्षमता से अधिक छोड़े गए पानी की मात्रा कम करा दी गई है। -राजनाथ यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग