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तेंदुआ होने की सूचना से ग्रामीणों में दहशत
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हैदरगढ़ (बाराबंकी )। अंदऊमऊ गांव के पास तेंदुआ होने की सूचना से ग्रामीणों में दहशत है। शुक्रवार रात को ग्रामीण के जानवर को पकड़ पेड़ पर चढ़ा था गुहार लगाने पर अंधेरे में भाग गया। सूचना पर वन विभाग की टीम पगचिह्न की जांच कर सर्च काम्बिंग कर रही है।
हैदरगढ़ कोतवाली के अंदऊमऊ गांव में शुक्रवार की रात आबादी के बाहर अज्ञात जंगली हिंसक जानवर एक सुअर जिसका वजन करीब बीस किलो था को उठा ले गया और पास के पेड़ पर ऊंचाई तक चढ़ गया। हिंसक जानवर की आमद से अन्य जानवरों का शोर सुन घरों से बाहर निकले लोगों के गुहार लगाने पर वह अंधेरे में भाग गया।
ग्रामीणों के मुताबिक हिंसक जानवर तेंदुआ ही था क्योंकि अन्य जानवर इतना वजन लेकर पेड़ पर नही चढ़ सकता है। पेड़ पर तथा पास की जमीन पर उसके पगचिह्न दिखाई पड़ रहे हैं। सूचना पर वन विभाग की टीम आसपास के जंगली क्षेत्र, बाग व नाला के किनारे कांबिंग का काम कर रही है।
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मालूम रहे कि अभी कुछ दिन पहले सुबेहा क्षेत्र में गोमती के किनारे जंगल के पास गांव में जंगली हिंसक जानवर देखा गया था। जांच और कांबिंग में वन विभाग अधिकारियों ने तेंदुआ होने की ग्रामीणों की आशंका को खारिज कर दिया था। अंदऊमऊ के पास से नाला गोमती तक जाता है तथा उसके छुपने के लिए तमाम झाड़ी व जंगल है।
डिप्टी रेंजर हीरालाल अवस्थी ने बताया तेंदुआ होने की संभावना नहीं है। पगचिन्ह फ़ोटो जांच के लिए विशेषज्ञों के पास भेजे गए हैं, कांबिंग की जा रही । ग्रामीण बच्चों व बुजुर्गों को जंगल झाड़ी वाले क्षेत्र से दूर रहने को कहा जा रहा है।
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हैदरगढ़ कोतवाली के अंदऊमऊ गांव में शुक्रवार की रात आबादी के बाहर अज्ञात जंगली हिंसक जानवर एक सुअर जिसका वजन करीब बीस किलो था को उठा ले गया और पास के पेड़ पर ऊंचाई तक चढ़ गया। हिंसक जानवर की आमद से अन्य जानवरों का शोर सुन घरों से बाहर निकले लोगों के गुहार लगाने पर वह अंधेरे में भाग गया।
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ग्रामीणों के मुताबिक हिंसक जानवर तेंदुआ ही था क्योंकि अन्य जानवर इतना वजन लेकर पेड़ पर नही चढ़ सकता है। पेड़ पर तथा पास की जमीन पर उसके पगचिह्न दिखाई पड़ रहे हैं। सूचना पर वन विभाग की टीम आसपास के जंगली क्षेत्र, बाग व नाला के किनारे कांबिंग का काम कर रही है।
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मालूम रहे कि अभी कुछ दिन पहले सुबेहा क्षेत्र में गोमती के किनारे जंगल के पास गांव में जंगली हिंसक जानवर देखा गया था। जांच और कांबिंग में वन विभाग अधिकारियों ने तेंदुआ होने की ग्रामीणों की आशंका को खारिज कर दिया था। अंदऊमऊ के पास से नाला गोमती तक जाता है तथा उसके छुपने के लिए तमाम झाड़ी व जंगल है।
डिप्टी रेंजर हीरालाल अवस्थी ने बताया तेंदुआ होने की संभावना नहीं है। पगचिन्ह फ़ोटो जांच के लिए विशेषज्ञों के पास भेजे गए हैं, कांबिंग की जा रही । ग्रामीण बच्चों व बुजुर्गों को जंगल झाड़ी वाले क्षेत्र से दूर रहने को कहा जा रहा है।