फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Land prices stall industrial momentum; corridor project remains confined to files

Barabanki News: जमीन की कीमत ने रोकी उद्योगों की रफ्तार, फाइलों में कैद हुआ कॉरिडोर

Sun, 11 Oct 2026 01:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sun, 11 Oct 2026 01:50 AM IST
विज्ञापन
Land prices stall industrial momentum; corridor project remains confined to files
रामसनेहीघाट के कन्हईपुर में यूपीसीडा का प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर।
विज्ञापन


श्रुतिमान शुक्ल
बाराबंकी। राजधानी लखनऊ और रामनगरी अयोध्या के बीच औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनने जा रहा रामसनेहीघाट का कन्हईपुर औद्योगिक कॉरिडोर फिलहाल जमीन की कीमत के पेच में उलझ गया है। करीब 260 एकड़ जमीन अधिग्रहीत हो चुकी है और 20 से अधिक उद्यमी उद्योग स्थापित करने के लिए आवेदन भी कर चुके हैं, लेकिन जमीन की दर पर सहमति नहीं बनने से निवेश की राह नहीं खुल पा रही है। यूपीसीडा ने यहां जमीन की कीमत 5600 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की है, जिसे उद्यमी अधिक बता रहे हैं। दर कम करने की मांग पिछले तीन महीने से लंबित है।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद दरियाबाद के विधायक एवं प्रदेश सरकार में खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने रामसनेहीघाट में औद्योगिक कॉरिडोर स्थापित करने की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी। वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद कन्हईपुर ग्रामसभा की करीब 260 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई। इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र का लेआउट तैयार किया गया। जनवरी 2025 से यहां उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों के आवेदन आने शुरू हुए।
विज्ञापन


कॉरिडोर में निवेश की इच्छा जताने वाले 20 से अधिक उद्यमियों ने जमीन की कीमत पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि 5600 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर लखनऊ के चिनहट, हरदोई के संडीला और रायबरेली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों की तुलना में अधिक है। इससे जमीन खरीदने और उद्योग स्थापित करने की लागत बढ़ जाएगी। उद्यमियों का मानना है कि जमीन की दर कम होने से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस संबंध में बाराबंकी के डीएम ईशान प्रताप सिंह ने दो महीने पहले यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखकर दरों पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद अब तक कीमत में संशोधन पर फैसला नहीं हो सका है और मामला शासन में लंबित है। निवेशकों की रुचि के बावजूद अब तक एक भी उद्योग धरातल पर नहीं उतर पाया है।(संवाद)
.................................
फोटो- 16
जमीन की कीमत ही सबसे बड़ी अड़चन
रामसनेहीघाट का औद्योगिक कॉरिडोर लखनऊ और अयोध्या के बीच निवेश और रोजगार का नया केंद्र है। लेकिन मौजूदा स्थिति में जमीन की कीमत ही योजना की सबसे बड़ी अड़चन बन गई है। इसे कम करना चाहिए।

- प्रमित सिंह, राष्ट्रीय सचिव, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
..................................

फोटो- 17
जल्द निकाल लिया जाएगा रास्ता
यूपीसीडा के अपने नियम है। निवेश के इच्छुक उद्योगपतियों की मांग है कि जमीन के रेट कम हो। उनकी बात यूपीसीडा तक पहुंचा दी गई है। जल्द ही यहां उद्योग लगाने के लिए रास्ता निकाल लिया जाएगा।
- ईशान प्रताप सिंह, डीएम बाराबंकी
..................................
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed