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Barabanki News: रोज 12 हजार कमाने के लालच में 12 लाख गंवाए
Wed, 09 Apr 2025 01:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 09 Apr 2025 01:27 AM IST
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बाराबंकी। सिर्फ गूगल मैप पर रिव्यू करो और घर बैठे 12,000 रोज कमाओ...। ऐसे लुभावने व्हाट्सएप मेसेज भेजने के बाद साइबर जालसाजों ने शहर के एक युवक से करीब 12 लाख रुपये ठग लिए। युवक लाखों का कर्जदार हो गया। युवक की तहरीर पर साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस दर्जनों बैंक खाते खंगाल चुकी है।
आवास विकास कॉलोनी के अजय कुमार यादव ने बताया कि उनके व्हाट्सएप पर आए मेसेज पर पहले केवल गूगल मैप पर रिव्यू करके स्क्रीनशॉट भेजने को कहा गया। छोटे टास्क पर पहले कुछ सौ रुपये देकर भरोसा जीतने के बाद जाल ऐसा बुना गया कि अजय फंस गया। व्हाट्सएप पर शुरू हुई यह ठगी, धीरे-धीरे टेलीग्राम तक पहुंच गई। अजय की आईडी बनवाई गई। इनवेस्ट करो और डेढ़ गुना वापस पाओ जैसा टास्क दिया जाने लगा।
शुरू में 3,000 देकर 5,750 रुपये मिलने पर अजय को विश्वास हो गया। फिर एक-एक करके 5,000, 30,000, 69,112 और 2.32 लाख तक की भारी रकम अजय ने ट्रांसफर कर दी। अजय ने दोस्तों से चार लाख उधार लेकर फिर जमा किए। उसके एकाउंट में करीब 12 लाख रुपये दिखने लगे तो उसे निकालने के लिए 40 प्रतिशत टैक्स यानी चार लाख रुपये जमा करने को कहा गया।
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यह पैसा जमा करने के बाद अजय ने जब होश संभाला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वो सीधे साइबर थाने पहुंचा और तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार यादव ने बताया कि सोमवार देर शाम मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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आवास विकास कॉलोनी के अजय कुमार यादव ने बताया कि उनके व्हाट्सएप पर आए मेसेज पर पहले केवल गूगल मैप पर रिव्यू करके स्क्रीनशॉट भेजने को कहा गया। छोटे टास्क पर पहले कुछ सौ रुपये देकर भरोसा जीतने के बाद जाल ऐसा बुना गया कि अजय फंस गया। व्हाट्सएप पर शुरू हुई यह ठगी, धीरे-धीरे टेलीग्राम तक पहुंच गई। अजय की आईडी बनवाई गई। इनवेस्ट करो और डेढ़ गुना वापस पाओ जैसा टास्क दिया जाने लगा।
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शुरू में 3,000 देकर 5,750 रुपये मिलने पर अजय को विश्वास हो गया। फिर एक-एक करके 5,000, 30,000, 69,112 और 2.32 लाख तक की भारी रकम अजय ने ट्रांसफर कर दी। अजय ने दोस्तों से चार लाख उधार लेकर फिर जमा किए। उसके एकाउंट में करीब 12 लाख रुपये दिखने लगे तो उसे निकालने के लिए 40 प्रतिशत टैक्स यानी चार लाख रुपये जमा करने को कहा गया।
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यह पैसा जमा करने के बाद अजय ने जब होश संभाला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वो सीधे साइबर थाने पहुंचा और तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार यादव ने बताया कि सोमवार देर शाम मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।