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पांच अस्पतालों में बनकर तैयार हुए पीकू वार्ड
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बाराबंकी। कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए जिला महिला अस्पताल समेत पांच अस्पतालों में पीकू वार्ड बनकर पूरी तरह से तैयार हो गए हैं। यहां पर बी टाइप के सिलेंडर भेजने के साथ ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी लगा दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह वार्ड किसी भी आपात स्थिति से निपटने को पूरी तरह सक्षम हैं।
इसके तहत जिला महिला अस्पताल में 20 बेड हाई डिपेंडेसी यूनिट (एचडीयू) तथा 20 बेड आइसोलेशन तथा सीएचसी सिद्वौर, त्रिवेदीगंज, फतेहपुर और संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में दस-दस बेड के वार्ड तैैयार हो चुके हैं।
यहां पर प्रत्येक सीएचसी पर दस-दस लीटर के दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथा पांच-पांच लीटर के दस ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और करीब 18-18 बी टाइप सिलेंडर के साथ ही पर्याप्त मात्रा में नेबुुलाइजर, बच्चों के मास्क व दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में संबंधित अस्पतालों व सीएचसी में उपलब्ध करा दी गयी है। विभागीय अफसरों का दावा है कि वह कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए पूरी तरह से तैयार है इसके लिए पर्याप्त संसाधन और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता चिहिन्त अस्पतालों में सुनिश्चित करा दी गई हैं।
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प्रशिक्षित किए जा रहे डॉक्टर और कर्मचारी
कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले बच्चों को इस महामारी से बचाने के लिए विभाग ने चिकित्सकों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. राजीव सिंह और जिला समन्वयक यूनीसेफ डॉ. नितिन खन्ना को डॉक्टरों और कर्मियों को प्रशिक्षत करने का जिम्मा सौंपा रखा है। दोनों अधिकारी सीएचसी पर जा जाकर चिकित्सकों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
जिले के पांच अस्पतालों में पीकू वार्ड बनकर पूरी तरह से तैयार हो गए हैं। इन अस्पतालों में बच्चों के लिए 80 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें 20 बेड एचडीयू तथा 20 बेड आइसोलेशन के हैं। चिहिन्त अस्पतालों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं अन्य व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित कराई जा रही हैं।
डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ
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इसके तहत जिला महिला अस्पताल में 20 बेड हाई डिपेंडेसी यूनिट (एचडीयू) तथा 20 बेड आइसोलेशन तथा सीएचसी सिद्वौर, त्रिवेदीगंज, फतेहपुर और संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में दस-दस बेड के वार्ड तैैयार हो चुके हैं।
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यहां पर प्रत्येक सीएचसी पर दस-दस लीटर के दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथा पांच-पांच लीटर के दस ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और करीब 18-18 बी टाइप सिलेंडर के साथ ही पर्याप्त मात्रा में नेबुुलाइजर, बच्चों के मास्क व दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में संबंधित अस्पतालों व सीएचसी में उपलब्ध करा दी गयी है। विभागीय अफसरों का दावा है कि वह कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए पूरी तरह से तैयार है इसके लिए पर्याप्त संसाधन और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता चिहिन्त अस्पतालों में सुनिश्चित करा दी गई हैं।
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प्रशिक्षित किए जा रहे डॉक्टर और कर्मचारी
कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले बच्चों को इस महामारी से बचाने के लिए विभाग ने चिकित्सकों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. राजीव सिंह और जिला समन्वयक यूनीसेफ डॉ. नितिन खन्ना को डॉक्टरों और कर्मियों को प्रशिक्षत करने का जिम्मा सौंपा रखा है। दोनों अधिकारी सीएचसी पर जा जाकर चिकित्सकों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
जिले के पांच अस्पतालों में पीकू वार्ड बनकर पूरी तरह से तैयार हो गए हैं। इन अस्पतालों में बच्चों के लिए 80 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें 20 बेड एचडीयू तथा 20 बेड आइसोलेशन के हैं। चिहिन्त अस्पतालों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं अन्य व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित कराई जा रही हैं।
डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ