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खोआ, पनीर और किशमिश समेत 14 नमूने भरे
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बाराबंकी। एफएसडीए द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को खाद्य पदार्थों की दुकानों पर छापा मार खोआ, पनीर और किशमिश समेत 14 नमूने भरकर जांच को भेजे गए। टीम की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य खाद्य पदार्थ विक्रेताओं में हड़कंप मचा रहा। वहीं एक प्रतिष्ठान पर प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग होते पाए जाने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
दीवाली पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के सख्त निर्देश जिलाधिकारी ने एफएसडीए को दिए हैं। इसी के तहत एफएसडीए की टीम लगातार छापे कर कार्रवाई कर रही है। लेकिन जो मिलावटखोर हैं उन पर हाथ डालने का साहस टीम नहीं कर पा रही है। खोआ, पनीर, दूध, किशमिश और आटे के नमूने भरकर औपचारिकता निभा रही है।
इसी के तहत शुक्रवार को दरियाबाद स्थित आरिफ की दुकान से मखाना, हैदरगढ़ स्थित दिनेश की दुकान से पनीर, दरियाबाद में शानू की दुकान से किशमिश, कृष्ण बिहारी की दुकान से बूंदी का लड्डू, संतोष की दुकान से खोआ, आशीष की दुकान से गेहूं-चावल का मिश्रित आटा, दालमोठ, बेसन का नमूना भरकर जांच को भेजा गया।
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इसी प्रकार हैदरगढ़ स्थित लक्ष्मी स्वीट्स से खोआ, दरियाबाद के ऋषभ की दुकान से बेसन का लड्डू, और हैदरगढ़ स्थित राजू लस्सी की दुकान से काजू बर्फी, बतीसा, खोआ और चंद्रकला समेत 14 नमूनेे भरकर जांच को भेजे गए। एफएसडीए की अभिहीत अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि जांच अभियान के दौरान 14 नमूने भरकर जांच को भेजे गए हैं।
आसान नहीं मिलावटखोरों को पकड़ना
मिलावटखोरों को पकड़ पाना विभाग के लिए आसान नहीं है। क्योंकि मिलावटखोरों को विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का ही संरक्षण मिला हुआ है। जैसे ही टीम निकलती है मिलावटखोरों को इसकी सूचना मिल जाती है और वह पूरी तरह से सतर्क हो जाते हैं। यहीं कारण है कि टीम को अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लग सकी है। जबकि बड़े प्रतिष्ठानों और मिलों पर जमकर मिलावटखोरी हो रही है। गेहूूं में चावल का खंडा मिलाकर पीसा जा रहा है लेकिन विभाग इसे पकड़ने में नाकाम है।
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दीवाली पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के सख्त निर्देश जिलाधिकारी ने एफएसडीए को दिए हैं। इसी के तहत एफएसडीए की टीम लगातार छापे कर कार्रवाई कर रही है। लेकिन जो मिलावटखोर हैं उन पर हाथ डालने का साहस टीम नहीं कर पा रही है। खोआ, पनीर, दूध, किशमिश और आटे के नमूने भरकर औपचारिकता निभा रही है।
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इसी के तहत शुक्रवार को दरियाबाद स्थित आरिफ की दुकान से मखाना, हैदरगढ़ स्थित दिनेश की दुकान से पनीर, दरियाबाद में शानू की दुकान से किशमिश, कृष्ण बिहारी की दुकान से बूंदी का लड्डू, संतोष की दुकान से खोआ, आशीष की दुकान से गेहूं-चावल का मिश्रित आटा, दालमोठ, बेसन का नमूना भरकर जांच को भेजा गया।
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इसी प्रकार हैदरगढ़ स्थित लक्ष्मी स्वीट्स से खोआ, दरियाबाद के ऋषभ की दुकान से बेसन का लड्डू, और हैदरगढ़ स्थित राजू लस्सी की दुकान से काजू बर्फी, बतीसा, खोआ और चंद्रकला समेत 14 नमूनेे भरकर जांच को भेजे गए। एफएसडीए की अभिहीत अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि जांच अभियान के दौरान 14 नमूने भरकर जांच को भेजे गए हैं।
आसान नहीं मिलावटखोरों को पकड़ना
मिलावटखोरों को पकड़ पाना विभाग के लिए आसान नहीं है। क्योंकि मिलावटखोरों को विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का ही संरक्षण मिला हुआ है। जैसे ही टीम निकलती है मिलावटखोरों को इसकी सूचना मिल जाती है और वह पूरी तरह से सतर्क हो जाते हैं। यहीं कारण है कि टीम को अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लग सकी है। जबकि बड़े प्रतिष्ठानों और मिलों पर जमकर मिलावटखोरी हो रही है। गेहूूं में चावल का खंडा मिलाकर पीसा जा रहा है लेकिन विभाग इसे पकड़ने में नाकाम है।