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Barabanki News: मौसम बदला तो फसल सहेजने में जुटे किसान
Fri, 10 Apr 2026 02:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:00 AM IST
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बाराबंकी। बेमौसम बारिश से गेहूं और सरसों की फसलों का खासा नुकसान हुआ है। बारिश के बाद बृहस्पतिवार को मौसम साफ हुआ तो किसान फसल सहेजने में जुट गए। खेतों में कटाई और मड़ाई का काम तेज हो गया है। किसानों को इस बात का डर है कि इस बार यदि बारिश हुई तो जो फसल बची है, वो भी बर्बाद हो जाएगी। इसलिए वह फसल को घर लाने में दिन रात एक किए हुए हैं।
जिले में करीब 1.53 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं और 85 हजार हेक्टेयर पर सरसाें की बोआई किसानों ने की थी। मौसम अच्छा होने की वजह से फसलों की पैदावार भी बेहतर हुई थी। किसानों को इस बात की आशंका नहीं थी कि बेमौसम बारिश उनके अरमानों पर पानी फेर देगी। मार्च और अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों को तगड़ा झटका दिया है। किसानों का कहना है कि बारिश से गेहूं भीग गया, जिससे उसके दाने काले पड़ने लगे हैं। अब बाजार भाव भी कम हो जाएगा।
वहीं सरसों की फलियां फटने से काफी सरसों खेतों में ही रह गई हैं। अब जो फसल बची है उसे जल्द से जल्द घर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उप कृषि निदेशक धीरेंद्र सिंह का कहना है कि बेमौसम बारिश से फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होते ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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10 प्रतिशत फसलों को हुआ नुकसान, उत्पादन भी घटा
विभाग की ओर से कराए जा रहे सर्वे में गेहूं और सरसों की करीब 10 प्रतिशत फसलों का नुकसान सामने आ रहा है। इसके अलावा गेहूं के उत्पादन में भी प्रति हेक्टेयर दो से तीन क्विंटल उत्पादन कम होने की बात कही जा रही है। हालांकि अभी सर्वे का कार्य चल रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद भी वास्तविक स्थिति सामने आ पाएगी।
गांवों में तेज हुई कटाई-मड़ाई
मजदूर न मिलने से बड़े किसान अपनी फसलों को मशीन से कटाकर दाना सुरक्षित करने में लगे हैं। कोटवाधाम क्षेत्र के अद्रा, अमनियापुर, कोटवाधाम, आरियामऊ, तासीपुर, खजुरी, मदारपुर आदि गांव में ज्यादा बारिश हुई है। यहां पर फसलों को ज्यादा नुकसान की बात कही जा रही है।
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जिले में करीब 1.53 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं और 85 हजार हेक्टेयर पर सरसाें की बोआई किसानों ने की थी। मौसम अच्छा होने की वजह से फसलों की पैदावार भी बेहतर हुई थी। किसानों को इस बात की आशंका नहीं थी कि बेमौसम बारिश उनके अरमानों पर पानी फेर देगी। मार्च और अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों को तगड़ा झटका दिया है। किसानों का कहना है कि बारिश से गेहूं भीग गया, जिससे उसके दाने काले पड़ने लगे हैं। अब बाजार भाव भी कम हो जाएगा।
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वहीं सरसों की फलियां फटने से काफी सरसों खेतों में ही रह गई हैं। अब जो फसल बची है उसे जल्द से जल्द घर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उप कृषि निदेशक धीरेंद्र सिंह का कहना है कि बेमौसम बारिश से फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होते ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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10 प्रतिशत फसलों को हुआ नुकसान, उत्पादन भी घटा
विभाग की ओर से कराए जा रहे सर्वे में गेहूं और सरसों की करीब 10 प्रतिशत फसलों का नुकसान सामने आ रहा है। इसके अलावा गेहूं के उत्पादन में भी प्रति हेक्टेयर दो से तीन क्विंटल उत्पादन कम होने की बात कही जा रही है। हालांकि अभी सर्वे का कार्य चल रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद भी वास्तविक स्थिति सामने आ पाएगी।
गांवों में तेज हुई कटाई-मड़ाई
मजदूर न मिलने से बड़े किसान अपनी फसलों को मशीन से कटाकर दाना सुरक्षित करने में लगे हैं। कोटवाधाम क्षेत्र के अद्रा, अमनियापुर, कोटवाधाम, आरियामऊ, तासीपुर, खजुरी, मदारपुर आदि गांव में ज्यादा बारिश हुई है। यहां पर फसलों को ज्यादा नुकसान की बात कही जा रही है।