{"_id":"5724f8164f1c1b5c0ca922b1","slug":"farmer-s-shock-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्ज में डूबे किसान की सदमे से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्ज में डूबे किसान की सदमे से मौत
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:53 PM IST
विज्ञापन
किसान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्ज में डूबे एक किसान की सदमे से मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर शनिवार को जब तक परिवारीजन उसे लेकर अस्पताल जाते, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के पुत्र ने पुलिस को लिखित शिकायती पत्र देकर कर्ज देने वाली निजी कंपनी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
फतेहपुर क्षेत्र के उजरियारा निवासी राममिलन (56) की तबीयत शनिवार को खराब हो गई। परिवारीजन उन्हें लोहिया अस्पताल लखनऊ ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पुत्र सुधाकर का आरोप है कि उसके पिता ने एक निजी फाइनेंस कंपनी से ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था। जिसकी ज्यादातर किस्तें चुकता भी की जा चुकी थीं।
बस तीन या चार किस्त देना बाकी था। 22 अप्रैल को कंपनी के कर्मचारी आए और पूरा पैसा एकमुश्त जमा करने का दबाव बना रहे थे। लेकिन इतना पैसा एक साथ जमा कर पाना संभव नहीं था। सुधाकर ने बताया कि इस पर उसके पिता ने कुछ दिन का समय और मांगा लेकिन कंपनी के अधिकारी समय देने को तैयार नहीं थे, साथ ही धमकी दे रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर क्षेत्र के उजरियारा निवासी राममिलन (56) की तबीयत शनिवार को खराब हो गई। परिवारीजन उन्हें लोहिया अस्पताल लखनऊ ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पुत्र सुधाकर का आरोप है कि उसके पिता ने एक निजी फाइनेंस कंपनी से ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था। जिसकी ज्यादातर किस्तें चुकता भी की जा चुकी थीं।
विज्ञापन
बस तीन या चार किस्त देना बाकी था। 22 अप्रैल को कंपनी के कर्मचारी आए और पूरा पैसा एकमुश्त जमा करने का दबाव बना रहे थे। लेकिन इतना पैसा एक साथ जमा कर पाना संभव नहीं था। सुधाकर ने बताया कि इस पर उसके पिता ने कुछ दिन का समय और मांगा लेकिन कंपनी के अधिकारी समय देने को तैयार नहीं थे, साथ ही धमकी दे रहे थे।
विज्ञापन