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चुनाव में लगेंगे 25 हजार कर्मचारी, 50 फीसदी केन्द्रों की वेबकास्टिंग
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बाराबंकी। विधानसभा चुनावों को लेकर जिला निर्वाचन प्रशासन पूरी तरह से इलेक्शन मोड में आ चुका है। मतदान केंद्रों का निर्धारण हो चुका है। पिछले विधानसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार एक लाख 26 हजार मतदाता बढ़ गए हैं वहीं 173 बूथ भी बढ़ा दिए गए हैं।
करीब 12 हजार कर्मचारी चुनाव में लगाए जाएंगे। इनमें 10 फीसदी कर्मचारी रिजर्व रहेंगे। अब तक 24 हजार 300 कर्मचारियों का डाटा इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया के सॉफ्टवेयर में फीड किया जा चुका है। इन्हीं कर्मचारियों का रेंडमाइजेशन किया जाएगा।
खास बात यह है कि इस बार मतदान के दौरान 50 प्रतिशत मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग होगी। इसे चुनाव आयोग के अधिकारी व विशेषज्ञ लाइव देख सकेंगे। इस बार विधानसभा चुनावों को लेकर पूरे जिले को 20 जोन व 189 सेक्टरों में बांटा गया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में जिले में मतदाताओं की संख्या 21 लाख 69 हजार 586 थी जो अब बढ़कर 22 लाख 95 हजार 987 हो चुकी है। मतदाता सूची को लेकर 20 नवम्बर तक आपत्तियां मांगी गई थीं। जिनकी जांच का काम अंतिम चरण में है। पांच जनवरी को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
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लोगों के निरीक्षण के लिए हर बूथ पर बीएलओ मतदाता सूची के साथ रहेंगे। हालांकि अधिसूचना जारी होने तक नाम बढ़वाने व घटाने के लिए भी आवेदन होते रहेंगे। इस तरह से इस बार 1707 मतदान केंद्रों पर 2829 बूथ बनाए गए हैं। बूथों की संख्या पिछले लोकसभा चुनावों से भी 173 ज्यादा है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि इस बार लिंगानुपात सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में 1000 पुरुष मतदाताओं पर 890 महिला मतदाता हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक बूथ पर एक पीठासीन अधिकारी व तीन मतदान अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
चुनाव से पहले देख सकते हैं वोट डाल कर
मतदान को लेकर जागरूकता अभियान लगातार चल रहा है। इस बार तो मतदाता मतदान से पहले ही वोट डालने का डेमो कर सकते हैं। जिला मुख्यालय पर देवा मार्ग स्थित चुनाव कार्यालय के बाहर ईवीएम व वीवी पैट मशीन रखी गई है।
यहां पर कोई भी वोट डालने के बाद वीवीपैट मशीन में यह देख सकता है कि जिसे मतदान किया है वोट उसी को मिला है। इसके लिए सभी तहसीलों में जनसामान्य के लिए यह व्यवस्था की है। इसके पीछे मंशा यह है कि मतदाता पहले से ही वोट डालने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक रह सके।
बुजुर्गों को फॉर्म-12 डी भरने के बाद मिलेगा पोस्टल बैलेट
इस बार 80 साल से अधिक बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं को घर बैठे मतदान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कसरत जारी है। हालांकि यह सुविधा मांगने पर ही मिलेगी। ऐसे लोगों को चिन्हित करने का काम भी जोरों पर है। इसके लिए बीएलओ से फॉर्म-12 डी लेकर भरना होगा। इसके बाद बुजुर्ग को निर्वाचन प्रशासन द्वारा पोस्टल बैलेट पेपर दिया जाएगा। मतदान के बाद इसे डाक से भेजा जाएगा।
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करीब 12 हजार कर्मचारी चुनाव में लगाए जाएंगे। इनमें 10 फीसदी कर्मचारी रिजर्व रहेंगे। अब तक 24 हजार 300 कर्मचारियों का डाटा इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया के सॉफ्टवेयर में फीड किया जा चुका है। इन्हीं कर्मचारियों का रेंडमाइजेशन किया जाएगा।
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खास बात यह है कि इस बार मतदान के दौरान 50 प्रतिशत मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग होगी। इसे चुनाव आयोग के अधिकारी व विशेषज्ञ लाइव देख सकेंगे। इस बार विधानसभा चुनावों को लेकर पूरे जिले को 20 जोन व 189 सेक्टरों में बांटा गया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में जिले में मतदाताओं की संख्या 21 लाख 69 हजार 586 थी जो अब बढ़कर 22 लाख 95 हजार 987 हो चुकी है। मतदाता सूची को लेकर 20 नवम्बर तक आपत्तियां मांगी गई थीं। जिनकी जांच का काम अंतिम चरण में है। पांच जनवरी को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
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लोगों के निरीक्षण के लिए हर बूथ पर बीएलओ मतदाता सूची के साथ रहेंगे। हालांकि अधिसूचना जारी होने तक नाम बढ़वाने व घटाने के लिए भी आवेदन होते रहेंगे। इस तरह से इस बार 1707 मतदान केंद्रों पर 2829 बूथ बनाए गए हैं। बूथों की संख्या पिछले लोकसभा चुनावों से भी 173 ज्यादा है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि इस बार लिंगानुपात सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में 1000 पुरुष मतदाताओं पर 890 महिला मतदाता हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक बूथ पर एक पीठासीन अधिकारी व तीन मतदान अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
चुनाव से पहले देख सकते हैं वोट डाल कर
मतदान को लेकर जागरूकता अभियान लगातार चल रहा है। इस बार तो मतदाता मतदान से पहले ही वोट डालने का डेमो कर सकते हैं। जिला मुख्यालय पर देवा मार्ग स्थित चुनाव कार्यालय के बाहर ईवीएम व वीवी पैट मशीन रखी गई है।
यहां पर कोई भी वोट डालने के बाद वीवीपैट मशीन में यह देख सकता है कि जिसे मतदान किया है वोट उसी को मिला है। इसके लिए सभी तहसीलों में जनसामान्य के लिए यह व्यवस्था की है। इसके पीछे मंशा यह है कि मतदाता पहले से ही वोट डालने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक रह सके।
बुजुर्गों को फॉर्म-12 डी भरने के बाद मिलेगा पोस्टल बैलेट
इस बार 80 साल से अधिक बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं को घर बैठे मतदान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कसरत जारी है। हालांकि यह सुविधा मांगने पर ही मिलेगी। ऐसे लोगों को चिन्हित करने का काम भी जोरों पर है। इसके लिए बीएलओ से फॉर्म-12 डी लेकर भरना होगा। इसके बाद बुजुर्ग को निर्वाचन प्रशासन द्वारा पोस्टल बैलेट पेपर दिया जाएगा। मतदान के बाद इसे डाक से भेजा जाएगा।