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मरीजों के इलाज में डॉक्टरों की कमी पड़ रही भारी
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बाराबंकी। कोरोना के बाद डेंगू और वायरल बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। घर-घर चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक करीब सवा तीन सौ मरीज वायरल बुखार के चिहिन्त किए गए हैं। इसके अलावा जिले के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की भारी कमी है।
जिसकी वजह से अस्पतालों में आने वाले मरीजों को समुचित उपचार की सुुविधा नहीं मिल पा रही है और ये लोग अपनों का निजी चिकित्सालयों में इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। वहीं जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को भी मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली इनमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के थे।
स्वास्थ्य विभाग की माने तो जिले में 240 चिकित्सकों की पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 19 सीएचसी पर 196 डॉक्टरों की तैनाती है। जबकि इनमें से 13 डॉक्टर पीजी करने के लिए अवकाश पर चले गए हैं। इस तरह से देखा जाए तो अस्पतालों में चिकित्सकों के 57 पद खाली पड़े हैं। जबकि इस समय जिले में वायरल बुखार और डेंगू के मरीजों के मिलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। कोरोना के बाद इस समय लोग सबसे ज्यादा वायरल बुखार और डेंगू से परेशान हैं।
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विभाग की माने तो ऐसे मरीजों को चिहिन्त करने के लिए 7 सितंबर से घर-घर अभियान भी चलाया जा रहा है जिसके तहत अब तक करीब सवा तीन सौ मरीज वायरल बुखार के चिहिन्त किए गए हैं। इन सभी का उपचार चल रहा और चिकित्सकों की टीम को इन पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
इसके अलावा अभियान में कोविड टीकाकरण से वंचित, टीवी के मरीज और उन बच्चों को चिहिन्त किया जा रहा है जो सामान्य टीकाकरण से छूट गए हैं। लेकिन वायरल बुखार और डेंगू के ज्यादा मरीज मिलने की वजह से विभागीय अधिकारी भी खासे चिंतित हैं। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद रोग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लग पा रहा है।
वायरल बुुखार के मरीजों से भरी रही ओपीडी
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को भी मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। अस्पताल प्रशासन की माने तो इन दिनों सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के आ रहे हैं। इनकी संख्या दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। सीएमएस डॉ. बीके सिंह की माने तो वायरल बुखार के मरीजों के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं।
अस्पताल में जांच की सुविधा भी है। डेंगू मरीजों के लिए एक वार्ड भी आरक्षित किया गया है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सकों को मरीजों केे बेहतर उपचार की सुविधा मिले इसके सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं।
जिले में 240 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। मौजूदा समय में हमारे पास 139 चिकित्सक हैं। जिनके माध्यम से अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार की सुविधा दी जा रही है। चूंकि वायरल बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं इसके देखते हुए घर-घर अभियान भी चलाया जा रहा।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ
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जिसकी वजह से अस्पतालों में आने वाले मरीजों को समुचित उपचार की सुुविधा नहीं मिल पा रही है और ये लोग अपनों का निजी चिकित्सालयों में इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। वहीं जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को भी मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली इनमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के थे।
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स्वास्थ्य विभाग की माने तो जिले में 240 चिकित्सकों की पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 19 सीएचसी पर 196 डॉक्टरों की तैनाती है। जबकि इनमें से 13 डॉक्टर पीजी करने के लिए अवकाश पर चले गए हैं। इस तरह से देखा जाए तो अस्पतालों में चिकित्सकों के 57 पद खाली पड़े हैं। जबकि इस समय जिले में वायरल बुखार और डेंगू के मरीजों के मिलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। कोरोना के बाद इस समय लोग सबसे ज्यादा वायरल बुखार और डेंगू से परेशान हैं।
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विभाग की माने तो ऐसे मरीजों को चिहिन्त करने के लिए 7 सितंबर से घर-घर अभियान भी चलाया जा रहा है जिसके तहत अब तक करीब सवा तीन सौ मरीज वायरल बुखार के चिहिन्त किए गए हैं। इन सभी का उपचार चल रहा और चिकित्सकों की टीम को इन पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
इसके अलावा अभियान में कोविड टीकाकरण से वंचित, टीवी के मरीज और उन बच्चों को चिहिन्त किया जा रहा है जो सामान्य टीकाकरण से छूट गए हैं। लेकिन वायरल बुखार और डेंगू के ज्यादा मरीज मिलने की वजह से विभागीय अधिकारी भी खासे चिंतित हैं। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद रोग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लग पा रहा है।
वायरल बुुखार के मरीजों से भरी रही ओपीडी
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को भी मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। अस्पताल प्रशासन की माने तो इन दिनों सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के आ रहे हैं। इनकी संख्या दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। सीएमएस डॉ. बीके सिंह की माने तो वायरल बुखार के मरीजों के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं।
अस्पताल में जांच की सुविधा भी है। डेंगू मरीजों के लिए एक वार्ड भी आरक्षित किया गया है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सकों को मरीजों केे बेहतर उपचार की सुविधा मिले इसके सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं।
जिले में 240 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। मौजूदा समय में हमारे पास 139 चिकित्सक हैं। जिनके माध्यम से अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार की सुविधा दी जा रही है। चूंकि वायरल बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं इसके देखते हुए घर-घर अभियान भी चलाया जा रहा।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ