फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Deva mahotsav will not happen this time

इस बार नहीं होगा देवा महोत्सव

Wed, 28 Oct 2020 11:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2020 11:09 PM IST
विज्ञापन
Deva mahotsav will not happen this time
बाराबंकी। करीब सवा सौ साल का लंबा सफर तय कर चुके देवा मेला में इस बार प्रदर्शनी व राजे-रजवाड़े के आलीशान कैंप नहीं लगेंगे। इस बार मेला परिसर में शाही दावतों व रुतबे की हनक भी नहीं दिखेगी। कोरोना काल के चलते इस बार मेले पर ग्रहण लग गया है। कोविड-19 की गाइडलाइन के मद्देनजर देवा महोत्सव स्थगित कर दिया गया है।
विज्ञापन

करवाचौथ से दो दिन पहले शुरू होने वाले इस देवा महोत्सव में देश-विदेश से जायरीन आने के साथ ही देश के कोने-कोने के नामचीन सामानों से यहां की बाजार सज जाती थी। मगर इस बार मेला स्थगित होने के कारण परिसर में सन्नाटा पसरा रहेगा। मेले की रौनक बढ़ाने वाली पशु मंडी भी नहीं सजेगी। जिसका सालभर पशु व्यापारियों को इंतजार रहता था।
विज्ञापन

करवाचौथ से दो दिन पहले परंपरागत रूप से शुरू होने वाला देवा मेला इस बार नहीं लगेगा। कोरोना संक्रमण के चलते शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अंतर्गत जिला प्रशासन ने देवा महोत्सव स्थगित कर दिया है। परिणामस्वरूप मेला परिसर में इस बार सन्नाटा पसरा रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

10 दिवसीय मेले में प्रदेश के विभिन्न सरकारी महकमों द्वारा जनता को जागरूक करने के लिए विभिन्न प्रदर्शनियां लगाई जाती थीं। इसके साथ ही यहां के ऑडिटोरियम में मुंबइया कलाकारों की धूम रहती थी।
अवध, ब्रज, राजस्थानी, हरियाणवी आदि लोक कलाओं का यहां संगम होता था। देश-विदेश के नामचीन पहलवान यहां आयोजित अखाड़े में अपने दांवपेंच दिखाते थे। राज्य स्तरीय हॉकी, वॉलीबॉल व बैडमिंटन टूर्नामेंट आकर्षण का केंद्र होता था।
लुभाने वाले हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक झूलों की भरमार होती थी। फूड कोर्ट में चाइनीज, साउथ इंडियन, मुगलाई व्यंजनों की धूम रहती थी। मगर ये सब इस बार नहीं होगा। विशाल मेला परिसर में देश के विभिन्न प्रांतों व जिलों की मशहूर चीजों का जमावड़ा लगता था।
यूं कहें कि एक छत के नीचे सारे देश की खुशबू देवा मेले से निकलती थी। चाहे अमरोहा की ढोलक की थाप हो या मुरादाबाद के बर्तन, आगरा का पेठा, अवध के मुगलई व्यंजन, बांदा का सोहन हलुवा, बरेली का सुरमा, चाइनीज खिलौनों की धूम मेले में दिखती थी।
तो वहीं बृज की बांसुरी के सुर यहां की फिजाओं में तैरते थे। इसके अलावा मेला परिसर में सजने वाली पशु मंडियों में देसी-विदेशी नस्ल के शानदार कीमती घोड़े खरीद-फरोख्त के लिए लाए जाते थे। देवा मेला समिति में राजा रजवाड़े के सदस्य व पदाधिकारियों का रुतबा भी इस बार नहीं दिखेगा।
इनके मेला परिसर में लगने वाले भव्य व आलीशान कैंप नहीं लगेंगे। मुंबइया कलाकारों की धूम से लेकर कवि सम्मेलन में देश के नामचीन कवि व मुशायरे में नामचीन शायर भी ऑडिटोरियम की शोभा नहीं बढ़ा सकेंगे। ऐसे में मजार शरीफ आने वाले जायरीनों को सिर्फ दूर से ही सूफी संत की मजार के दर्शन कर वापस घर लौटने के सिवा और कोई विकल्प शेष नहीं होगा।
मजार परिसर में कोविड-19 की गाइडलाइन के मद्देनजर कोई भी श्रद्धालु चादर, फूल, इत्र, मिठाई आदि नहीं चढ़ा सकेगा। मजार परिसर के अंदर कोई दुकान नहीं लग सकेगी। करीब सवा सौ साल बाद पहली बार देवा मेला एवं प्रदर्शनी स्थगित होने से देश-विदेश के जायरीनों को इस बार मायूस होना पड़ेगा।
हाजी वारिस अली शाह मौसोलियम ट्रस्ट, देवा शरीफ के मैनेजर शाद महमूद वारसी ने बताया कि कोविड-19 की गाइडलाइन के मुताबिक ही मजार परिसर में श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा। मजार परिसर में होने वाले परंपरागत व धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान मजार ट्रस्ट के सदस्य, पदाधिकारी व कर्मचारी ही मौजूद रहेंगे। आम जायरीन के लिए शमा खाने (कार्यक्रम स्थल) के गेट बंद रहेंगे।
मजार परिसर में मेले के दौरान कोई भी कमरा किसी को आवंटित नहीं किया जाएगा। मजार पर चादर, फूल, प्रसाद, मिठाई इत्यादि कोई भी वस्तु पेश नहीं होगी। मेले के दौरान मजार शरीफ आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील है कि वे कोविड-19 को लेकर सावधानी बरतें तथा नियमों का पालन करें। स्वस्थ रहें और सुरक्षित रहें।

अहराम पोश बाबा पंछी शाह वारसी का कहना है कि इस बार देवा शरीफ आने वाले अहराम पोश फकीरों को भी कोरोना की गाइडलाइन के चलते तमाम तकलीफें उठानी पड़ेंगी। पूर्व में तमाम अहराम पोश फकीर बाबा को मजार परिसर में ही मुफ्त कमरा मिल जाता था। मगर इस बार प्रशासन के निर्देशों के चलते किसी को भी कमरे एलॉट नहीं होंगे। ऐसे में ये अहराम पोश बाबा व उनके साथ आने वाले मुरीद कहां ठहरेंगे? ये चिंता का विषय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed