{"_id":"68701137dfe9d1ae8a0773d9","slug":"determination-of-centers-for-paddy-procurement-started-barabanki-news-c-315-1-slko1014-143399-2025-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: धान खरीद के लिए शुरू हुआ केंद्रों का निर्धारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: धान खरीद के लिए शुरू हुआ केंद्रों का निर्धारण
Fri, 11 Jul 2025 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 11 Jul 2025 12:45 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। धान खरीद को लेकर कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत शासन के निर्देश पर खरीद केंद्रों का निर्धारण के लिए सभी केंद्र प्रभारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। तैयार रिपोर्ट को जिलाधिकारी के अनुमोदन बाद शासन को भेजा जाएगा।
धान खरीद के लिए पिछले साल 90 से ज्यादा खरीद केंद्र खोले गए थे। इसके बाद भी खरीद के तय लक्ष्य 1.36 लाख एमटी को हासिल नहीं किया जा सका था। क्योंकि धान का बाजार भाव समर्थन मूल्य से अधिक था। इस बार धान खरीद के आसार अधिक हैं क्योंकि पिछले साल की अपेक्षा इस बार किसान मोटा धान अधिक लगा रहे हैं। इसी को देखते इस बार खरीद केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया समय रहते शुरू की गई है।
भरोसा जताया जा रहा है कि इस बार खरीद केंद्रों की संख्या को 90 से बढ़ा कर 95 तक किया जा सकता है। इसके लिए सभी केंद्र प्रभारियों से स्थलीय रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा बोरों की मांग भी भेज दी गई है जिससे समय पर खरीद के धान को रखने के लिए केंद्रों को बोरे उपलब्ध कराए जा सके। जिला विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि धान खरीद को लेकर प्रक्रिया शुरू करते हुए सभी केंद्र प्रभारियों से केंद्रों के निर्धारण स्थल को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन
बारीक की जगह लगाया जा रहा मोटा धान
पिछले साल किसानों ने बेहतर आमदनी के चक्कर में बारीक यानि ताज किस्म का धान ज्यादा लगाया था। पैदावार ज्यादा होने से जिस महीन धान की खरीद तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ करती थी, उसके लिए खुले बाजार में खरीददार ही नहीं मिले। इस कारण किसानों को अपना धान काफी कम कीमत पर बेचना पड़ा। इससे सीख लेते हुए इस बार मोटा धान ज्यादा लगाया जा रहा। इससे सरकारी खरीद की उम्मीद बढ़ गई है।
विज्ञापन
धान खरीद के लिए पिछले साल 90 से ज्यादा खरीद केंद्र खोले गए थे। इसके बाद भी खरीद के तय लक्ष्य 1.36 लाख एमटी को हासिल नहीं किया जा सका था। क्योंकि धान का बाजार भाव समर्थन मूल्य से अधिक था। इस बार धान खरीद के आसार अधिक हैं क्योंकि पिछले साल की अपेक्षा इस बार किसान मोटा धान अधिक लगा रहे हैं। इसी को देखते इस बार खरीद केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया समय रहते शुरू की गई है।
विज्ञापन
भरोसा जताया जा रहा है कि इस बार खरीद केंद्रों की संख्या को 90 से बढ़ा कर 95 तक किया जा सकता है। इसके लिए सभी केंद्र प्रभारियों से स्थलीय रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा बोरों की मांग भी भेज दी गई है जिससे समय पर खरीद के धान को रखने के लिए केंद्रों को बोरे उपलब्ध कराए जा सके। जिला विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि धान खरीद को लेकर प्रक्रिया शुरू करते हुए सभी केंद्र प्रभारियों से केंद्रों के निर्धारण स्थल को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन
बारीक की जगह लगाया जा रहा मोटा धान
पिछले साल किसानों ने बेहतर आमदनी के चक्कर में बारीक यानि ताज किस्म का धान ज्यादा लगाया था। पैदावार ज्यादा होने से जिस महीन धान की खरीद तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ करती थी, उसके लिए खुले बाजार में खरीददार ही नहीं मिले। इस कारण किसानों को अपना धान काफी कम कीमत पर बेचना पड़ा। इससे सीख लेते हुए इस बार मोटा धान ज्यादा लगाया जा रहा। इससे सरकारी खरीद की उम्मीद बढ़ गई है।