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यहां तो डॉक्टरों ने अस्पताल का बैंड बजा रखा है: डिप्टी सीएम
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हैदरगढ़ (बाराबंकी)। अम्मा दवाई मिली...? कितनी देर से बैठी हो...? घंटा भर से बैठी हन...। पर्चा बनवाओ, दवा दिलवाओ, पहले अम्मा को पानी पिलवाओ...। सीएमओ साहब, आप कब से सीएचसी नहीं आए? ओटी देखी है? महीनों से इसका ताला ही नहीं खुला है। दरवाजे टूटे पड़े हैं, खिड़कियां उखड़ी पड़ी हैं।
इन लोगों ने तो अस्पताल का बैैंड बजा रखा है। अधीक्षक महोदय कहा हो...? एक घंटे की ट्रेनिंग थी, एक बजे से अभी लौटकर नहीं आए हो...! मरीजों की मदद करो, अस्पताल से कोई निराश न जाए। यह बातें डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बृहस्पतिवार को हैदरगढ़ सीएचसी में निरीक्षण के दौरान मरीजों, वहां मौजूद डॉक्टरों, सीएमओ और सीएचसी अधीक्षक से कही। हालात बद से बदतर देखकर बोले, गैर हाजिर दो डॉक्टरों का वेतन काटो और तीन दिन के अंदर अस्पताल परिसर की दवाएं और व्यवस्था दुरुस्त करके बताएं।
सौ दिन के अंदर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का जिले में यह तीसरा छापा है। इससे पहले वह जिला अस्पताल और कुर्सी पीएचसी का निरीक्षण कर चुके हैं। बृहस्पतिवार को शाम करीब 4 बजे डिप्टी सीएम सीएचसी हैदरगढ़ पहुंचे। इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉ. सुनील पंकज और फार्मासिस्ट अंबरीश मौजूद मिले। जानकारी पर बताया कि अधीक्षक डॉ. मुकुंद पटेल मुख्यालय मीटिंग में गए हैं। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में पाया कि डॉ. ओपी कुरील और डॉ. तनुज चौधरी अनुपस्थित पाए गए।
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सीएचसी अधीक्षक से कहा कि एक बजे मीटिंग खत्म हो गई है और अभी तक सीएचसी में नहीं पहुंचे, ये गलत है। अस्पताल की ओटी से दुर्गंध आ रही है, खिड़कियों के शीशे टूटे पड़े हैं। दरवाजे उखड़ गए हैं। ऐसा लगता है कि महीनों से ओटी को खोला ही नहीं गया है। इस साफ है कि हद दर्जे की लापरवाही बरती जा रही है।
सीएचसी परिसर का निरीक्षण किया तो परिसर में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई थी। मरीजों के पीने के लिए पानी की व्यवस्था तक नहीं थी। इससे नाराज डिप्टी सीएम ने सीएचसी अधीक्षक से फोन पर पूछा कि आप सुबह अस्पताल आए थे? मीटिंग तो एक बजे खत्म हो गई फिर अभी तक सीएचसी पर क्यों नहीं पहुंचे।
डॉक्टर साहब अपनी आदत सुधार लो और समय से अस्पताल आया-जाया करो। वहीं सीएमओ से बात कर पूछा कि आप कब से सीएचसी नहीं आए। इन लोगों ने तो अस्पताल का बैंड बजा दिया है। ओटी का निरीक्षण कब किया था? यदि आए होते तो सीएचसी का ये हाल न होता। उन्होंने अनुपस्थिति चिकित्सकों का वेतन काटने तथा सभी प्रकार की व्यवस्थाएं तीन दिन के अंदर दुरुस्त करने के आदेश दिया। कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डिप्टी सीएम द्वारा सीएचसी हैदरगढ़ का निरीक्षण किया गया है। यहां पर तैनात दो चिकित्सक मौजूद नहीं थे। अधीक्षक भी ट्रेनिंग के बाद अस्पताल नहीं पहुंच पाए थे। इसके अलावा सीएचसी में कई अन्य प्रकार की खामियां डिप्टी सीएम को मिली हैं। उन्हें सुधारने के निर्देश मिले हैं। डिप्टी सीएम के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश सीएचसी अधीक्षक को दे दिए गए हैं।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ
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इन लोगों ने तो अस्पताल का बैैंड बजा रखा है। अधीक्षक महोदय कहा हो...? एक घंटे की ट्रेनिंग थी, एक बजे से अभी लौटकर नहीं आए हो...! मरीजों की मदद करो, अस्पताल से कोई निराश न जाए। यह बातें डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बृहस्पतिवार को हैदरगढ़ सीएचसी में निरीक्षण के दौरान मरीजों, वहां मौजूद डॉक्टरों, सीएमओ और सीएचसी अधीक्षक से कही। हालात बद से बदतर देखकर बोले, गैर हाजिर दो डॉक्टरों का वेतन काटो और तीन दिन के अंदर अस्पताल परिसर की दवाएं और व्यवस्था दुरुस्त करके बताएं।
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सौ दिन के अंदर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का जिले में यह तीसरा छापा है। इससे पहले वह जिला अस्पताल और कुर्सी पीएचसी का निरीक्षण कर चुके हैं। बृहस्पतिवार को शाम करीब 4 बजे डिप्टी सीएम सीएचसी हैदरगढ़ पहुंचे। इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉ. सुनील पंकज और फार्मासिस्ट अंबरीश मौजूद मिले। जानकारी पर बताया कि अधीक्षक डॉ. मुकुंद पटेल मुख्यालय मीटिंग में गए हैं। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में पाया कि डॉ. ओपी कुरील और डॉ. तनुज चौधरी अनुपस्थित पाए गए।
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सीएचसी अधीक्षक से कहा कि एक बजे मीटिंग खत्म हो गई है और अभी तक सीएचसी में नहीं पहुंचे, ये गलत है। अस्पताल की ओटी से दुर्गंध आ रही है, खिड़कियों के शीशे टूटे पड़े हैं। दरवाजे उखड़ गए हैं। ऐसा लगता है कि महीनों से ओटी को खोला ही नहीं गया है। इस साफ है कि हद दर्जे की लापरवाही बरती जा रही है।
सीएचसी परिसर का निरीक्षण किया तो परिसर में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई थी। मरीजों के पीने के लिए पानी की व्यवस्था तक नहीं थी। इससे नाराज डिप्टी सीएम ने सीएचसी अधीक्षक से फोन पर पूछा कि आप सुबह अस्पताल आए थे? मीटिंग तो एक बजे खत्म हो गई फिर अभी तक सीएचसी पर क्यों नहीं पहुंचे।
डॉक्टर साहब अपनी आदत सुधार लो और समय से अस्पताल आया-जाया करो। वहीं सीएमओ से बात कर पूछा कि आप कब से सीएचसी नहीं आए। इन लोगों ने तो अस्पताल का बैंड बजा दिया है। ओटी का निरीक्षण कब किया था? यदि आए होते तो सीएचसी का ये हाल न होता। उन्होंने अनुपस्थिति चिकित्सकों का वेतन काटने तथा सभी प्रकार की व्यवस्थाएं तीन दिन के अंदर दुरुस्त करने के आदेश दिया। कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डिप्टी सीएम द्वारा सीएचसी हैदरगढ़ का निरीक्षण किया गया है। यहां पर तैनात दो चिकित्सक मौजूद नहीं थे। अधीक्षक भी ट्रेनिंग के बाद अस्पताल नहीं पहुंच पाए थे। इसके अलावा सीएचसी में कई अन्य प्रकार की खामियां डिप्टी सीएम को मिली हैं। उन्हें सुधारने के निर्देश मिले हैं। डिप्टी सीएम के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश सीएचसी अधीक्षक को दे दिए गए हैं।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ