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तीन ब्लाॅकों में बेटियां बहुत कम
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jan 2016 11:42 PM IST
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जनपद में शिशु लिंगानुपात की स्थिति बेहद निराशाजनक हैं। यहां एक हजार बालक शिशु पर 932 बालिका शिशु ही हैं। इनमें भी बनीकोडर, सिद्धौर व हैदरगढ़ ब्लॉक की स्थिति तो बहुत ही खराब है। इस सबके लिए कई बार अल्ट्रासाउंड केंद्र ही जिम्मेदार हैं लेकिन विभाग की उदासीनता के चलते इन पर रोक नहीं लग पाता।
बालिका सुरक्षा के लिए हाल ही में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। लेकिन यह सिर्फ एक दिनी आयोजन तक ही सीमित रहा। पिछले साल भी यह आयोजन हुए लेकिन उसकी कोई सार्थक पहल नहीं दिखाई दी। विभाग के आंकड़ों की माने तो जनपद में शिशु लिंगानुपात (छह साल तक) बेहद खराब है। जनपद का लिंग अनुपात वर्ष 2011 की गणना के मुताबिक 932 है। शिशु लिंगानुपात में बनीकोडर ब्लॉक की स्थिति तो बेहद खराब हैं।
इस ब्लॉक में एक हजार बालक शिशु पर 910 बालिका शिशु ही हैं। इस मामले में विकास खंड सिद्धौर दूसरे स्थान पर हैं। यहां एक हजार पर बालिका शिशुओं की संख्या 917 है जबकि तीसरे स्थान पर विकास खंड हैदरगढ़ है। यहां पर अनुपात 922 है। जनपद में कई अल्ट्रा साउंड केंद्र चोरी छिपे भ्रूण लिंग जांच का बढ़ावा दे रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने व लिंगानुपात की दशा सुधारने में स्वास्थ्य विभाग भी ठोेस कदम नहीं उठा रहा है।
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बालिका सुरक्षा के लिए हाल ही में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। लेकिन यह सिर्फ एक दिनी आयोजन तक ही सीमित रहा। पिछले साल भी यह आयोजन हुए लेकिन उसकी कोई सार्थक पहल नहीं दिखाई दी। विभाग के आंकड़ों की माने तो जनपद में शिशु लिंगानुपात (छह साल तक) बेहद खराब है। जनपद का लिंग अनुपात वर्ष 2011 की गणना के मुताबिक 932 है। शिशु लिंगानुपात में बनीकोडर ब्लॉक की स्थिति तो बेहद खराब हैं।
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इस ब्लॉक में एक हजार बालक शिशु पर 910 बालिका शिशु ही हैं। इस मामले में विकास खंड सिद्धौर दूसरे स्थान पर हैं। यहां एक हजार पर बालिका शिशुओं की संख्या 917 है जबकि तीसरे स्थान पर विकास खंड हैदरगढ़ है। यहां पर अनुपात 922 है। जनपद में कई अल्ट्रा साउंड केंद्र चोरी छिपे भ्रूण लिंग जांच का बढ़ावा दे रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने व लिंगानुपात की दशा सुधारने में स्वास्थ्य विभाग भी ठोेस कदम नहीं उठा रहा है।
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