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Barabanki News: लाखों की भीड़, मगर मेले में खरीदारी नहीं

Sun, 10 Mar 2024 03:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sun, 10 Mar 2024 03:25 AM IST
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Crowd of lakhs, but no shopping in the fair
महादेवा (बाराबंकी)। श्री लोधेश्वर महादेवा में आयोजित कांवर मेले का शनिवार को समापन हो गया। मेले के दौरान हुई बेमौसम बारिश ने दुकानदारों के अरमानों पर पानी फेर दिया। गत वर्षों की तरह इस बार भी मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ तो रही, लेकिन लोगों में सामान खरीदने के प्रति उत्साह कम रहा। इससे अच्छी दुकानदारी की उम्मीद लगाए बैठे दुकानदार मायूस दिखाई दिए।
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भोले बाबा की नगरी में लइया, दाना प्रसाद से लेकर कॉस्मेटिक, बर्तन, ढाबा ही नहीं, गीता प्रेस की दुकानों का हाल भी लगभग एक जैसा ही रहा। हालात ऐसे रहे कि दुकानदारों को जमा पूंजी से ही जमीन का किराया निकालना पड़ा।
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दुकानदारों का कहना है कि विगत वर्षों की अपेक्षा आधी दुकानदारी भी नहीं हुई। बारिश होने की वजह मेला परिसर की कच्ची सड़कों पर कीचड़ फैला रहा। इसी वजह से श्रद्धालु दुकान पर सामान खरीदने भी नहीं आए। 10 साल से नैमिषारण्य से आकर गीता प्रेस की दुकान लगाने वाले प्रेम अवस्थी अपनी पत्नी के साथ सामान समेट रहे थे। प्रेमकुमार ने बताया कि इस मेले से बहुत उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार निराशा हाथ लगी है। 15 फीट की जगह का किराया 10 हजार रुपये देना पड़ा है।
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दुकानदार बोले, आधी भी दुकानदारी नहीं
बहराइच निवासी राकेश करीब 25 साल से मेले में ढाबा चलाते हैं। इस बार अच्छी दुकानदारी की उम्मीद से 10 दिन पहले से ही तैयारी की। मगर इस बार श्रद्धालु रुकने के बजाए जल चढ़ा कर तुरंत लौट गए। इससे पिछले वर्षों की तुलना में दुकानदारी आधी भी नहीं हुई। 45 हजार रुपये के किराए पर घड़ी की दुकान लगाने वाले महमूदाबाद निवासी रियाजुद्दीन मायूस हैं। उनका कहना है कि दुकानदारी इस बार पूरी तरह से चौपट हो गई है। कास्मेटिक की दुकान लगाने वाले अमेठी निवासी रामलखन का कहना है कि बारिश ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। अमेरा निवासी मैकूलाल 30 साल से लइया व दाने का प्रसाद बेचने आते हैं। इनका कहना है कि पहली बार ऐसा हुआ है जब उन्हें आधे से ज्यादा लइया-प्रसाद लौटा कर ले जाना पड़ेगा।
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