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Barabanki News: सरयू में समा रही फसल, जिम्मेदार बेखबर
Thu, 20 Jul 2023 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 20 Jul 2023 01:21 AM IST
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- नदी के उस पार के गांवों में दहशत में कट रही रातें
- चेतावनी बिंदु 105.070, 105.326 मीटर तक पहुंचा जलस्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी/रामनगर/सूरतगंज। पिछले करीब 25 दिन से घट बढ़ रहा सरयू नदी जलस्तर भले ही खतरे के निशान के नीचे है लेकिन नदी के उस पार बसे गांवों में तेजी से कटान हो रही है। एक घर नदी में समा चुका है। गन्ने और धान की फसल नदी लील रही है। ग्रामीण सहमे हैं। नदी का जलस्तर बुधवार को चेतावनी बिंदु 105.070 से ऊपर 105.326 मीटर पर दर्ज हुआ। त्रासदी की ये तस्वीर तमाम सरकारी दावों को झुठला रही है।
सरयू नदी की बाढ़ से हर साल सिरौलीगौसपुर, रामनगर, रामसनेहीघाट के 100 से अधिक गांव प्रभावित होते हैं। जबकि 50 से अधिक गांवों में पानी भर जाता है और जानवर तक सुरक्षित नहीं रह पाते। इस बरसात भी नदी बीते 22 जून से घट-बढ़ रही है। कई दिनों से नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रही है।
सिरौलीगौपुर के तेलवारी व रामनगर के सरसंडा गांव के पास नदी ने कटान की। कई बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। जल स्तर बढ़ने के कारण नदी के उस पार बसे एक दर्जन से अधिक गांव में दहशत का आलम है क्योंकि नदी उस पार भी तेजी से कटान कर रही है। सरसंडा गांव नदी के इस पार बसा है मगर इसका मजरा जमका नदी के निशाने पर है। गांव के रामू ने बताया कि उनका घर नदी में समा चुका है। एक दिन पहले घर में रखी बखारी भी नदी में बह गई। गांव के लोग रात को सो नहीं रहे हैं। नदी कटान करते हुए गन्ने और धान की फसल को भी लील रही है। बांसगांव, असवा, परसावल, कमियार गांवों में भी ग्रामीण सहमे हैं।
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गांवों में पहुंचे डीएम, कहा-रेनकट रोकें, देंगे ट्रेनिंग
डीएम अविनाश कुमार बुधवार को बाढ़ से प्रभावित होने वाले रामनगर तहसील क्षेत्र के सरसंडा व हेतमापुर गांव पहुंचे। डीएम ने बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने रूटचार्ट का स्वयं सत्यापन किया। बांध पर रेनकट देखकर उन्होंने बाढ़ खंड को निर्देश दिए कि इसे दुरस्त कराएं। एप्रोच दुरस्त न देख डीएम ने तत्काल सुधार की बात कही। इस मौके पर उन्होंने क्षेत्रीय नाविकों व गोताखोरों को ट्रेनिंग देने का प्लान बनाया। कहा कि इनको किट दी जाय। रास्तों में लगी झाड़ियों को साफ करने के निर्देश दिए। बतनेरा में हैंडपंपों का निरीक्षण कर कहा कि इन्हे तत्काल ऊंचा करें ताकि बाढ़ में डूबे नहीं। पशुपालन विभाग को निर्देश दिया कि छ्ट्टा जानवरों काे पकड़कर गोशालाओं में भिजवाए। डीएम ने बताया कि प्रशासन बाढ़ को लेकर चाक चौबंद है। जिम्मेदार अधिकारियों को भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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- चेतावनी बिंदु 105.070, 105.326 मीटर तक पहुंचा जलस्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी/रामनगर/सूरतगंज। पिछले करीब 25 दिन से घट बढ़ रहा सरयू नदी जलस्तर भले ही खतरे के निशान के नीचे है लेकिन नदी के उस पार बसे गांवों में तेजी से कटान हो रही है। एक घर नदी में समा चुका है। गन्ने और धान की फसल नदी लील रही है। ग्रामीण सहमे हैं। नदी का जलस्तर बुधवार को चेतावनी बिंदु 105.070 से ऊपर 105.326 मीटर पर दर्ज हुआ। त्रासदी की ये तस्वीर तमाम सरकारी दावों को झुठला रही है।
सरयू नदी की बाढ़ से हर साल सिरौलीगौसपुर, रामनगर, रामसनेहीघाट के 100 से अधिक गांव प्रभावित होते हैं। जबकि 50 से अधिक गांवों में पानी भर जाता है और जानवर तक सुरक्षित नहीं रह पाते। इस बरसात भी नदी बीते 22 जून से घट-बढ़ रही है। कई दिनों से नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रही है।
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सिरौलीगौपुर के तेलवारी व रामनगर के सरसंडा गांव के पास नदी ने कटान की। कई बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। जल स्तर बढ़ने के कारण नदी के उस पार बसे एक दर्जन से अधिक गांव में दहशत का आलम है क्योंकि नदी उस पार भी तेजी से कटान कर रही है। सरसंडा गांव नदी के इस पार बसा है मगर इसका मजरा जमका नदी के निशाने पर है। गांव के रामू ने बताया कि उनका घर नदी में समा चुका है। एक दिन पहले घर में रखी बखारी भी नदी में बह गई। गांव के लोग रात को सो नहीं रहे हैं। नदी कटान करते हुए गन्ने और धान की फसल को भी लील रही है। बांसगांव, असवा, परसावल, कमियार गांवों में भी ग्रामीण सहमे हैं।
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गांवों में पहुंचे डीएम, कहा-रेनकट रोकें, देंगे ट्रेनिंग
डीएम अविनाश कुमार बुधवार को बाढ़ से प्रभावित होने वाले रामनगर तहसील क्षेत्र के सरसंडा व हेतमापुर गांव पहुंचे। डीएम ने बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने रूटचार्ट का स्वयं सत्यापन किया। बांध पर रेनकट देखकर उन्होंने बाढ़ खंड को निर्देश दिए कि इसे दुरस्त कराएं। एप्रोच दुरस्त न देख डीएम ने तत्काल सुधार की बात कही। इस मौके पर उन्होंने क्षेत्रीय नाविकों व गोताखोरों को ट्रेनिंग देने का प्लान बनाया। कहा कि इनको किट दी जाय। रास्तों में लगी झाड़ियों को साफ करने के निर्देश दिए। बतनेरा में हैंडपंपों का निरीक्षण कर कहा कि इन्हे तत्काल ऊंचा करें ताकि बाढ़ में डूबे नहीं। पशुपालन विभाग को निर्देश दिया कि छ्ट्टा जानवरों काे पकड़कर गोशालाओं में भिजवाए। डीएम ने बताया कि प्रशासन बाढ़ को लेकर चाक चौबंद है। जिम्मेदार अधिकारियों को भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं।