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ट्रेन में मिला लापता एकाउंटेंट, विरोध-प्रदर्शन
Amarujala Bureau
Updated Tue, 16 Jan 2018 10:14 PM IST
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कर्मचारियों ने की नारेबाजी
- फोटो : अमर उजाला
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घर से सोमवार सुबह आफिस निकले डीआरडीए के एकाउंटेंट हरदोई जिले में एक ट्रेन में मिले। डीआरडीए के एकाउंटेंट के लापता पर जहां पुलिस व परिवारीजन दिनभर परेशान रहे वहीं साथी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। एकाउंटेंट ने परियोजना निदेशक पर अभद्रता का आरोप लगाया है। देर रात घर लौटने पर सीडीओ अंजनी कुमार सिंह ने घर पहुंचकर उनका हाल जाना।
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जिला विकास अभिकरण(डीआरडीए) में एकाउंटेंट के पद पर तैनात संजीव श्रीवास्तव शहर के कंपनीबाग मोहल्ले में रहते हैं। इनके भाई राजीव के मुताबिक सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे संजीव विकास भवन में मीटिंग में जाने की बात कहकर घर से निकले थे। देर रात तक जब संजीव घर नहीं पहुंचे तो परिवारीजनों ने पता किया तो उनके कार्यालय में बाइक खड़ी मिली व चाभी रखी थी। दोस्त, रिश्तेदारों के यहां तलाश की गई लेकिन पता नहीं लग सका।
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इस बीच पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की। कोतवाल राजकुमार पांडेय ने बताया कि पता लगा कि एकाउंटेंट को हाईवे स्थित देना बैंक के पास आखिरी बार देखा गया जिसके चलते वहां के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी गई। इस बीच मंगलवार की दोपहर संजीव ने अपने घर फोन करके बताया कि वह किसी ट्रेन में बैठे हैं। पता लगा कि राजरानी एक्सप्रेस ट्रेन है जो हरदोई से आगे निकली है। इस पर कोतवाल ने यात्रियों से संजीव को कहीं रास्ते में न उतरने की बात कहते हुए लखनऊ लाने को कहा। तब जाकर सिविल लाइन चौकी प्रभारी ईश नरायन मिश्रा व परिवारीजन संजीव को लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन से लेकर घर पहुंचे।
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एकाउंटेंट ने कहा पीडी करते गाली गलौज
घर पहुंचे डीआरडीए के एकाउंटेंट संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि वह अचानक कहां लापता हो गए इसके बारे में उनको कुछ भी याद नहीं है। कहा ट्रेन में जब होश आया तो घर के नंबर पर फोन किया। इनका कहना है कि वैसे काम की कोई परेशानी नहीं है लेकिन पीडी द्वारा गलत शब्दों का प्रयोग करने के साथ ही गाली गलौज की जाती है जिससे दिक्कत होती है।