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अभिलेखों में हेराफेरी करा हथियाई साढ़े 12 करोड़ की जमीन
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जैदपुर कस्बे में स्थित तीन तालाबों की जमीन को अभिलेखों में हेराफेरी कराकर अपने नाम दर्ज करा लिए जाने का मामला एसडीएम सदर द्वारा कराई गई जांच में प्रकाश में आया है। एसडीएम ने इस मामले में वाद दायर कर नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस जमीन की कीमत करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
एसडीएम सदर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि एक शिकायत के आधार पर कराई गई जांच में पाया गया कि गाटा संख्या 1358, 1491 और 1612, तीनों अभिलेखों में तालाब दर्ज हैं लेकिन आज से करीब 25 वर्ष पूर्व स्व. कमर रजा ने राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से अभिलेखों में हेराफेरी कराकर तालाब की इस जमीन को अपने नाम करा ली।
एसडीएम ने बताया कि मौजूदा समय में यह इनके वारिसों के नाम से अभिलेखों में दर्ज है जबकि जांच के दौरान यह पाया गया है कि उक्त भूमि को अपने नाम दर्ज कराने में राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से अभिलेखों में हेराफेरी की गई है। यही नहीं इस जमीन पर अवैध तरीके से मकान और दुकान का निर्माण भी करा लिया गया है।
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मौजूदा समय में इस जमीन की कीमत करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है जिस पर राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर वाद दायर करते हुए संबंधितों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है।
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एसडीएम सदर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि एक शिकायत के आधार पर कराई गई जांच में पाया गया कि गाटा संख्या 1358, 1491 और 1612, तीनों अभिलेखों में तालाब दर्ज हैं लेकिन आज से करीब 25 वर्ष पूर्व स्व. कमर रजा ने राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से अभिलेखों में हेराफेरी कराकर तालाब की इस जमीन को अपने नाम करा ली।
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एसडीएम ने बताया कि मौजूदा समय में यह इनके वारिसों के नाम से अभिलेखों में दर्ज है जबकि जांच के दौरान यह पाया गया है कि उक्त भूमि को अपने नाम दर्ज कराने में राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से अभिलेखों में हेराफेरी की गई है। यही नहीं इस जमीन पर अवैध तरीके से मकान और दुकान का निर्माण भी करा लिया गया है।
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मौजूदा समय में इस जमीन की कीमत करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है जिस पर राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर वाद दायर करते हुए संबंधितों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है।