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मेंथा टंकी फटने से मासूम की मौत पिता गंभीर
Updated Sun, 11 Jun 2017 02:31 AM IST
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मेंथा टंकी फटने से मासूम की मौत, पिता गंभीर
पिता की हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर, दरियाबाद क्षेत्र के सुल्तानीपुरव गांव की घटना
फोटो- 53
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। मेंथा पेराई में प्रयोग की जा रही मानक विहीन टंकियों से आए दिन किसान असमय काल के गाल में समा रहे हैं। शनिवार सुबह मजदूरी करने गया एक किसान व उसकी मासूम बेटी टंकी फटने से गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल से लखनऊ के सिविल अस्पताल भेजा गया जहां मासूम बच्ची की मौत हो गई और पिता की भी हालत गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में टंकी फटने से दो किशोरियों की भी मौत हो चुकी है। बावजूद इसके प्रशासन मानक विहीन बन रही टंकियों की जांच करना उचित नहीं समझ रहा है।
दरियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम सुल्तानीपुरवा निवासी जगमोहन शनिवार को गांव के ही वंशराज के यहां मजदूरी पर मेंथा पेराई करने के लिए गया हुआ था। उसके साथ उसकी छह साल की बेटी ज्योति भी जिद करके गई थी। सुबह करीब नौ बजे जगमोहन टंकी में ईंधन की झोंकाई का कार्य कर रहा था और उसकी बेटी उसके पास बैठी थी। अचानक तेज आवाज के साथ टंकी में विस्फोट हुआ और खौलता पानी व गर्म फसल के नीचे दोनों दब गए। आस-पास मौजूद लोग जब तक दोनों को बचाते तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुके थे। आननफानन सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां गंभीर हालत देख बाप-बेटी को सिविल अस्पताल लखनऊ रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान ही मासूम की मौत हो गई और पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक दरियाबाद शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि मेंथा टंकी फटने से किसान के झुलसने और उसकी बेटी की मौत होने की सूचना नहीं है।
सफीपुर गांव में दो किशोरियों की हो चुकी मौत
शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सफीपुर निवासी राजेश वर्मा की टंकी में मेंथा पेराई का काम चल रहा था। बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे टंकी अचानक फट गई। टंकी के पास मौजूद बहराइच जिले के थाना जरवल रोड क्षेत्र के ग्राम गौसपुर निवासी डिंपल वर्मा (14) पुत्री साहब शरण व लाडली वर्मा (13) पुत्री दिनेश वर्मा निवासी बंभौरा लोदी थाना जैदपुर उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं। दोनों किशोरियां राजेश वर्मा के यहां रिश्तेदारी में आई थी।
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किसानों के लिए मुसीबत बन रही मानक विहीन टंकियां
विगत वर्ष मेंथा टंकी फटने की 23 घटनाएं सामने आई थी। जिसमें चार किसानों की मौत व 64 किसान गंभीर रूप से झुलसकर अपंग हो गए थे। इस सीजन में भी जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के नेवाजपुरवा गांव में एक सप्ताह पूर्व टंकी फटने से धर्मपाल व उसकी पत्नी झुलसी थी। इसी थाना क्षेत्र के करंद व बेरहरा गांव में टंकियां फट चुकी हैं। इसके अलावा मसौली क्षेत्र के ठकुरिया व सिद्धौर में हादसे हो चुके हैं।
मेंथा की टंकी में गिरकर युवक झुलसा
सिद्धौर। क्षेत्र के सेमरावां निवासी 32 वर्षीय यूसुफ पुत्र निजाम मेंथा की पेराई कर रहा था। अचानक भट्ठी में नीचे गिरकर गंभीर रूप से झुलस गया। परिवारीजन उसे सीएचसी कोठी लेकर पहुंचे। जहां उसकी हालत नाजुक होने के कारण चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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पिता की हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर, दरियाबाद क्षेत्र के सुल्तानीपुरव गांव की घटना
फोटो- 53
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। मेंथा पेराई में प्रयोग की जा रही मानक विहीन टंकियों से आए दिन किसान असमय काल के गाल में समा रहे हैं। शनिवार सुबह मजदूरी करने गया एक किसान व उसकी मासूम बेटी टंकी फटने से गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल से लखनऊ के सिविल अस्पताल भेजा गया जहां मासूम बच्ची की मौत हो गई और पिता की भी हालत गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में टंकी फटने से दो किशोरियों की भी मौत हो चुकी है। बावजूद इसके प्रशासन मानक विहीन बन रही टंकियों की जांच करना उचित नहीं समझ रहा है।
दरियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम सुल्तानीपुरवा निवासी जगमोहन शनिवार को गांव के ही वंशराज के यहां मजदूरी पर मेंथा पेराई करने के लिए गया हुआ था। उसके साथ उसकी छह साल की बेटी ज्योति भी जिद करके गई थी। सुबह करीब नौ बजे जगमोहन टंकी में ईंधन की झोंकाई का कार्य कर रहा था और उसकी बेटी उसके पास बैठी थी। अचानक तेज आवाज के साथ टंकी में विस्फोट हुआ और खौलता पानी व गर्म फसल के नीचे दोनों दब गए। आस-पास मौजूद लोग जब तक दोनों को बचाते तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुके थे। आननफानन सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां गंभीर हालत देख बाप-बेटी को सिविल अस्पताल लखनऊ रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान ही मासूम की मौत हो गई और पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक दरियाबाद शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि मेंथा टंकी फटने से किसान के झुलसने और उसकी बेटी की मौत होने की सूचना नहीं है।
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सफीपुर गांव में दो किशोरियों की हो चुकी मौत
शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सफीपुर निवासी राजेश वर्मा की टंकी में मेंथा पेराई का काम चल रहा था। बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे टंकी अचानक फट गई। टंकी के पास मौजूद बहराइच जिले के थाना जरवल रोड क्षेत्र के ग्राम गौसपुर निवासी डिंपल वर्मा (14) पुत्री साहब शरण व लाडली वर्मा (13) पुत्री दिनेश वर्मा निवासी बंभौरा लोदी थाना जैदपुर उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं। दोनों किशोरियां राजेश वर्मा के यहां रिश्तेदारी में आई थी।
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किसानों के लिए मुसीबत बन रही मानक विहीन टंकियां
विगत वर्ष मेंथा टंकी फटने की 23 घटनाएं सामने आई थी। जिसमें चार किसानों की मौत व 64 किसान गंभीर रूप से झुलसकर अपंग हो गए थे। इस सीजन में भी जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के नेवाजपुरवा गांव में एक सप्ताह पूर्व टंकी फटने से धर्मपाल व उसकी पत्नी झुलसी थी। इसी थाना क्षेत्र के करंद व बेरहरा गांव में टंकियां फट चुकी हैं। इसके अलावा मसौली क्षेत्र के ठकुरिया व सिद्धौर में हादसे हो चुके हैं।
मेंथा की टंकी में गिरकर युवक झुलसा
सिद्धौर। क्षेत्र के सेमरावां निवासी 32 वर्षीय यूसुफ पुत्र निजाम मेंथा की पेराई कर रहा था। अचानक भट्ठी में नीचे गिरकर गंभीर रूप से झुलस गया। परिवारीजन उसे सीएचसी कोठी लेकर पहुंचे। जहां उसकी हालत नाजुक होने के कारण चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।